यूपी के 6 जिलों में अग्निवीर भर्ती रैली, अगस्त से शुरू होगा सिलसिला
यूपी के 6 जिलों में अग्निवीर भर्ती रैली, अगस्त से शुरू होगा सिलसिला उत्तर प्रदेश के मेरठ, बरेली, लखनऊ, वाराणसी, आगरा और अयोध्या में अग्निवीर भर्ती रैलियां आयोजित होंगी। इसके लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। उत्तर प्रदेश में…

सौजन्य से:- Hindustan
यूपी के 6 जिलों में अग्निवीर भर्ती रैली, अगस्त से शुरू होगा सिलसिला
उत्तर प्रदेश के मेरठ, बरेली, लखनऊ, वाराणसी, आगरा और अयोध्या में अग्निवीर भर्ती रैलियां आयोजित होंगी। इसके लिए प्रशासन ने कमर कस ली है।
उत्तर प्रदेश में सेना में भर्ती होकर देश की सेवा का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। राज्य के छह जिलों में अग्निवीर भर्ती रैलियों का आयोजन किया जाएगा। भर्ती रैली में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। अभ्यर्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए ठहरने से लेकर पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा और यातायात तक के इंतजाम किए जाएंगे।
सोमवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर अग्निवीर भर्ती रैलियों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भर्ती स्थलों पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। खास तौर पर अभ्यर्थियों की भीड़ को देखते हुए यातायात और भीड़ प्रबंधन की ठोस व्यवस्था करने को कहा गया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। भर्ती स्थलों पर पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं के साथ इमरजेंसी सेवाओं की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा अभ्यर्थियों के आवागमन, ठहरने, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
इन छह जिलों में होगी अग्निवीर भर्ती रैली
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अग्निवीर भर्ती रैलियों का सिलसिला मेरठ से शुरू होगा। मेरठ में 17 अगस्त से 9 सितंबर 2026 तक भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। इसके बाद बरेली में 14 से 30 सितंबर 2026 तक भर्ती रैली होगी।
अगले चरण में लखनऊ में 11 से 28 जनवरी 2027 , वाराणसी में 2 से 27 फरवरी 2027 , आगरा में 4 से 24 मार्च 2027 और सबसे आखिर में अयोध्या में 29 मार्च से 14 अप्रैल 2027 तक अग्निवीर भर्ती रैली आयोजित की जाएगी।
जिला प्रशासन को समन्वय से काम करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि भर्ती रैली शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं की दोबारा समीक्षा की जाए और जहां भी कोई कमी नजर आए, उसे समय रहते दूर किया जाए।
भर्ती स्थलों पर भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात को सुचारू रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम पहले से तैयार रखने पर भी जोर दिया गया है। प्रशासन का मकसद है कि हजारों अभ्यर्थियों के लिए भर्ती प्रक्रिया सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक तरीके से पूरी हो सके।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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