लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे के 6 स्पॉट पर खराब सड़क; उद्घाटन के चंद दिनों बाद मरम्मत की नौबत आई
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे के 6 स्पॉट पर खराब सड़क; उद्घाटन के चंद दिनों बाद मरम्मत की नौबत आई देश में पहली बार एआई-एमसी तकनीक से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर छह स्थानों पर तारकोल की परत कमजोर मिलने के बाद एनएचएआई ने 50–…

सौजन्य से:- Hindustan
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे के 6 स्पॉट पर खराब सड़क; उद्घाटन के चंद दिनों बाद मरम्मत की नौबत आई
देश में पहली बार एआई-एमसी तकनीक से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर छह स्थानों पर तारकोल की परत कमजोर मिलने के बाद एनएचएआई ने 50–100 मीटर तक सड़क की परत उखाड़कर दोबारा बिछाई। उन्नाव में दरार मिलने के बाद सर्वे कर संभावित कमजोर हिस्सों का समय रहते सुधार किया गया।
देश में पहली बार उच्च गुणवत्ता वाली सड़क बनाने के लिए प्रयोग में लाई गई एआई-एमसी तकनीक से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे की सड़क पर छह स्थानों पर तारकोल की परत कुछ मीटर तक कमजोर मिली। इन स्थानों पर 50 से 100 मीटर के दायरे में तारकोल को उखाड़ कर नए सिरे से परत बिछा दी गई। पिछले दिनों किलोमीटर 60 में उन्नाव जिले के कुराड़ी गांव में तारकोल की परत में आई दरार और उसके अगल-बगल हल्की दबने की घटना से सबक लेकर एनएचआई ने यह सुधार कार्य करवाए।
एक्सप्रेस वे के 6 स्पॉट पर खराब सड़क
सुधार कार्य दो चरणों में कराए गए हैं। पहले चरण में कानपुर से लखनऊ की तरफ आने वाली सड़क में सुधार कार्य करवाने से पहले एनएचआई की टीम ने सर्वे किया। इस दौरान पांच स्थानों को चिन्हित किया गया। वहां तारकोल की परत कमजोर नजर आई और भविष्य में इनके उखड़ने की संभावना थी। इसमें किलोमीटर 72, 70, 68, 64 और 30.6 शामिल था। इन्हें सही कर दिया गया।
कानपुर की ओर किमी 45.75 पर सुधार कार्य
एनएचएआई के अधिकारी नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि लखनऊ आने की तरफ पांच और लखनऊ से कानपुर जाने की तरफ एक स्थान पर सड़क के तारकोल की परत कमजोर दिखी। उसे उखाड़ कर नए सिरे से परत बिछा दी गई है। कहीं पर भी न तो पूर्व में ट्रैफिक बाधित हुआ और न ही अब है। एक्सप्रेस वे एनई-6 पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
ड्रेनेज सिस्टम भी सुधारेंगे
तारकोल की परत की मरम्मत के साथ ही वहां ड्रेनेज सिस्टम को भी सुधारा गया। ताकि, बारिश का पानी जमा होकर परत को खराब न कर सके। कुराड़ी के पास तारकोल की परत उखड़ने के बाद एनएचएआई ने कहा था कि सीपेज के कारण बारिश का पानी जमा हो गया था। जिससे तारकोल की परत उखड़ी थी। सड़क की निचली सतह को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंची थी।
नए सिरे से बिछाया तारकोल
दूसरे चरण में शुक्रवार को लखनऊ से कानपुर की तरफ जाने वाली सड़क का सर्वे किया गया। इस दौरान किलोमीटर 45.750 पर तारकोल कमजोर दिखी। वहां पर लगभग 70 मीटर में तारकोल को उखाड़ कर नए सिरे से तारकोल बिछा दी गई। बताया जाता है कि कुराड़ी गांव जैसी घटना दोबारा न हो, इसलिए ही यह कवायद की जा रही है। आपको बता दें लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (NE-6) का उद्घाटन 13 जुलाई, 2026 को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से किया था। यह 63 किलोमीटर लंबा 6 लेन का एक्सप्रेसवे है।
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