लखनऊ से सटे सीतापुर में पुल डूबे, सड़कें जलमग्न: महोबा में 6 डैम ओवरफ्लो; यूपी में 3 दिन बाद फिर बरसेगा मानसून - Uttar Pradesh News
- Hindi News - Local - Uttar pradesh - Uttar Pradrsh Weather Imd Rain Alert Prayagraj Varanasi Kanpur Lucknow Agra Weather Live Update Video LIVEलखनऊ से सटे सीतापुर में पुल डूबे, सड़कें जलमग्न:महोबा में 6 डैम ओवरफ्लो; यू…

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Uttar Pradrsh Weather Imd Rain Alert Prayagraj Varanasi Kanpur Lucknow Agra Weather Live Update Video
LIVEलखनऊ से सटे सीतापुर में पुल डूबे, सड़कें जलमग्न:महोबा में 6 डैम ओवरफ्लो; यूपी में 3 दिन बाद फिर बरसेगा मानसून
- कॉपी लिंक
यूपी में लगातार हुई मानसूनी बारिश से नदियां उफान पर हैं। सीतापुर में छोटे पुलों के ऊपर से स्थानीय नदियों का पानी बह रहा है। सड़कें डूब गई हैं। कई बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। ग्रामीण ट्रैक्टरों के सहारे आवाजाही करने को मजबूर हैं।
महोबा में रिकॉर्ड बारिश के बाद यूपी-एमपी सीमा पर बने लहचूरा बांध समेत सभी 6 डैम ओवरफ्लो हो गए हैं। ललितपुर में गोविंद सागर बांध के 4 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। उधर, गोंडा में घाघरा नदी के कटान से 4 गांव अब भी प्रभावित हैं।
रविवार सुबह से लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज समेत ज्यादातर शहरों में मौसम साफ है। बादलों की आवाजाही जारी है। आज 6 जिलों में बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, 3 दिनों के ब्रेक के बाद प्रदेश में फिर से बारिश का दौर शुरू होगा।
बारिश-बाढ़ की तस्वीरें देखिए…
पश्चिमी राजस्थान के रास्ते मानसून की वापसी शुरू
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया-
पश्चिमी राजस्थान से मानसून वापस जाना शुरू हो चुका है। इस वजह से यूपी में कई जगह हल्की-फुल्की बारिश हो रही है। फिलहाल अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम बन गया है। यह आगे चलकर मजबूत होगा और ओडिशा-आंध्र प्रदेश की तरफ बढ़ेगा। इससे वापस लौटता मानसून 23 से 25 सितंबर के बीच पूरे यूपी में फिर से बरसेगा।
आज कहां-कहां बारिश का अलर्ट? देखिए-
यूपी में बारिश-बाढ़ के अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
- कॉपी लिंक
ललितपुर में शनिवार शाम 5 बजे से रात 10 बजे रुक-रुक कर तेज बारिश हुई। गोविंद सागर बांध में पानी की भारी आवक होने के चलते रात 10 बजे 4 गेट दो-दो फीट खोलकर 1152 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
- कॉपी लिंक
- कॉपी लिंक
अल-नीनो का सबसे बड़ा असर रबी की फसलों पर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञ के मुताबिक, सबसे पहले गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों की बुआई पर असर पड़ सकता है। अगर सितंबर के आखिर में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो खेतों में नमी कम रह जाएगी। इससे खासकर बुंदेलखंड में रबी की समय पर बुआई मुश्किल हो सकती है।
इसके बाद फसल के बढ़ने के समय अगर पर्याप्त ठंड नहीं पड़ी और फरवरी-मार्च में गर्मी जल्दी बढ़ गई, तो फसल को दोहरा नुकसान हो सकता है। गेहूं में दाना भरने के समय तापमान ज्यादा बढ़ने से उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका रहेगी।
अल-नीनो के देर से मजबूत होने का फायदा नहीं, बल्कि नुकसान की आशंका ज्यादा है। मानसून अगर थोड़ा जल्दी लौटता है, सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश कम रहती है, सर्दियों में न्यूनतम तापमान बढ़ा रहता है और मार्च में गर्मी जल्दी बढ़ती है, तो इसका असर फसलों की बुआई पर पड़ना तय है।
- कॉपी लिंक
सर्दियों पर असर- शीतलहर के दिन कम रह सकते हैंअल-नीनो के असर से यूपी में सामान्य से ज्यादा तापमान रह सकता है। इससे सर्दियों पर 2 तरह से असर दिख सकता है।
पहला- शीतलहर वाले दिनों में कमी आ सकती है। सर्दियों में सामान्य शीतलहर 8 से 10 दिन की होती है। जो 2 से 3 दिन के अलग-अलग चरणों में आती है। इस बार ये 4 से 6 दिन तक सीमित रह सकती है।
दूसरा- तापमान में गिरावट पिछले साल के बराबर नहीं होगी। उदाहरण के लिए 2025 की सर्दियों में मेरठ, कानपुर, आगरा, अयोध्या, बरेली का तापमान अलग-अलग तारीखों पर 2 से 3 डिग्री तक पहुंच गया था। इस बार तापमान इतना नीचे आने की उम्मीद कम जताई जा रही है। हालांकि इसका कोहरे से कोई संबंध नहीं होगा। क्योंकि कोहरा स्थानीय वायुमंडल में नमी और हवा की स्पीड से बनता है।
- कॉपी लिंक
- उत्तर प्रदेश में अभी तक जितनी जरूरत थी, उससे 5% कम बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिक अल-नीनो को इसकी वजह बता रहे हैं। 28 जून को यूपी में मानसून की एंट्री के बाद से ही अल-नीनो का असर बना हुआ है। इससे यूपी कई जिलों में जरूरत से ज्यादा बारिश हुई, जबकि कई में अनुमान से कम बारिश रिकॉर्ड हुई। एक बार फिर अल-नीनो धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। इस कारण यूपी में मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ने के आसार हैं।
- आशंका है कि यूपी से मानसून की विदाई अगले 24 घंटे में शुरू हो जाएगी। यूपी में मानसून कैसे विदा होता है, ये मौसम विशेषज्ञ डॉ. दिनेश शाह बताते हैं - मानसून सबसे पहले पश्चिमी जिलों से विदाई लेना शुरू करता है। यहां आमतौर पर 15 सितंबर से 25 सितंबर के बीच मानसून का असर कम होने लगता है। पूर्वी जिलों से मानसून थोड़ा देर से, लगभग 5 अक्टूबर से 15 अक्टूबर के बीच पूरी तरह खत्म होता है।
- वह बताते हैं- अल-नीनो के एक्टिव होने से पश्चिम और पूर्वांचल के जिलों में करीब 8 से 10% तक कम बारिश हो सकती है। 2025 में 20 अगस्त तक कोटे से 25% कम बारिश हुई थी। लेकिन अगस्त के आखिरी 10 दिन और सितंबर महीने में मानसून ने भरपाई कर दी थी। इस बार ऐसा होने की गुंजाइश कम है।
- बात खरी हैहिस्ट्रीशीटर BJP सांसद की गरीबी छलकी: स्कूटर के लिए भिड़ेंगे IAS मैडम के पापा, अखिलेश को टेंशन देंगी पल्लवी
- यूपी में भाजपा ने 98 जिला प्रभारी घोषित किए: विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी चुनेंगे; पूर्व मंत्री सुरेश राणा को बुलंदशहर की जिम्मेदारी
- मुस्लिम बनने वाला आयुष बोला- चांदनी से ही शादी करूंगा: शामली में लड़की वालों ने कहा- बेवजह फंसाया, हमारी गलती तो चौराहे पर गोली मार दो
- यूपी में 35 IPS- 31 PPS के ट्रांसफर: प्रेग्नेंट चारू निगम PAC में भेजी गईं, रवीना टंडन का इंटरव्यू लेने वाली श्रुति प्रयागराज ट्रांसफर
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

लखनऊ की नैमिष नगर और वरुण विहार योजना का आज शुभारंभ, सीएम योगी करेंगे शिलान्यास

बेटी की जिद और मां का प्यार! लखनऊ चिड़ियाघर में मादा जिराफ सुजाता को अपर्णा यादव ने लिया गोद, दिया ₹5.51 लाख का चेक

Uttar Pradesh farm pond scheme helps farmers store rainwater for irrigation


