बेसहरा किसान परिवार का योगी सरकार बनी सहारा, 508 मृत किसानों के परिवारों को 21 करोड़ से ज्यादा की मदद
इटावा में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना किसान परिवारों के लिए मददगार साबित हो रही है. इसके तहत खेती या अन्य दुर्घटना में किसा…

सौजन्य से:- AajTak
Sign In
Advertisement
X
इटावा में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना किसान परिवारों के लिए मददगार साबित हो रही है. इसके तहत खेती या अन्य दुर्घटना में किसान की मौत या दिव्यांगता होने पर परिवार को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलती है.
सरकार ने योजना का दायरा भी बढ़ाया है. इसमें मुख्य भूमिधारी किसानों के साथ बटाईदार, पट्टेदार और भूमिहीन कृषि श्रमिक भी शामिल हैं.
आज तक की टीम ने इस योजना की हकीकत जानने के लिए जसवंतनगर विधानसभा के कुछ किसान परिवारों से बात की. इन परिवारों ने बताया कि आवेदन के बाद उन्हें आर्थिक सहायता मिली. परिवारों के मुताबिक प्रक्रिया में उन्हें बड़ी परेशानी नहीं हुई.
4 महीने में खाते में आए 5 लाख
जसवंतनगर विधानसभा के नगला बंशी गांव के रहने वाले प्रेम सिंह की करीब 8 महीने पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी. उनकी उम्र करीब 53 साल थी. वह गांव में भैंसों के लिए चारा लेने जा रहे थे. इसी दौरान भोगनीपुर नहर के पास पीछे से आई बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी.
हादसे में प्रेम सिंह खाई में गिर गए. ग्रामीणों ने परिवार को सूचना दी. उनके बड़े भाई हरिश्चंद्र जाटव उन्हें इटावा के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे. इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
Advertisement
प्रेम सिंह के परिवार में तीन बेटियां और दो बेटे हैं. एक बेटी की शादी हो चुकी है. दो बेटियों की उम्र करीब 19 और 21 साल है. दोनों बेटे नाबालिग हैं. प्रेम सिंह के हिस्से में करीब पांच बीघा जमीन थी. उनकी मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई.
परिवार को ग्रामीणों से योजना की जानकारी मिली. इसके बाद लेखपाल ने परिवार की मदद की. प्रेम सिंह की पत्नी फूल देवी से जरूरी दस्तावेज लिए गए. इसमें आधार कार्ड, फोटो और खतौनी शामिल थी. ऑनलाइन आवेदन किया गया.
इसके बाद अधिकारियों ने घर आकर सर्वे किया. करीब चार महीने बाद फूल देवी के बैंक खाते में 5 लाख रुपये आ गए. परिवार के मुताबिक उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई. कहीं जाने की जरूरत भी नहीं पड़ी.
यह भी पढ़ें: राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा स्वाइन फ्लू से संक्रमित, जयपुर के SMS अस्पताल के ICU में भर्ती
'बेटियों की शादी में मिलेगी मदद'
परिवार ने बताया कि 5 लाख रुपये की सहायता से आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार हुआ है. इससे बेटियों की शादी में मदद मिलेगी. दोनों नाबालिग बेटे अभी पढ़ाई कर रहे हैं. परिवार के सामने अब आवास की समस्या भी है. उनका पुराना कमरा टूट गया है. फूल देवी ने आवास योजना के तहत घर मिलने की उम्मीद जताई है.
Advertisement
वहीं जसवंतनगर विधानसभा के नागरी गांव के रामनारायण शर्मा की भी सड़क हादसे में मौत हुई थी. वह करीब 68 साल के थे. 20 सितंबर 2025 को वह फिरोजाबाद दवा लेने गए थे. लौटते समय गांव के पास सड़क पार करते हुए अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी.
हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई. उन्हें अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पोस्टमार्टम के बाद परिवार ने योजना के तहत आवेदन किया.
रामनारायण के बेटे हरिश्चंद्र ने बताया कि उन्हें मोबाइल के जरिए योजना की जानकारी मिली. उन्होंने आधार कार्ड, खतौनी और बैंक पासबुक के साथ ऑनलाइन आवेदन किया. तत्कालीन लेखपाल नेहा यादव ने भी प्रक्रिया में मदद की. तीनों भाइयों ने एफिडेविट दिया.
यह भी पढ़ें: खेत से बाजार तक, जानें PMFME योजना से कैसे यूपी के कृषि उत्पादों को मिल रही पहचान
परिवार के मुताबिक करीब छह महीने के अंदर खाते में 5 लाख रुपये की सहायता राशि आ गई. परिवार के पास करीब 15 बीघा खेती है. रामनारायण के तीन बेटे हैं.
508 किसान परिवारों को मिला मुआवजा
इटावा एलआरसी विभाग के इंचार्ज नरेंद्र कुमार के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले की सभी तहसीलों में 508 किसानों की मौत हुई. इन किसानों के परिवारों को मुख्यमंत्री कृषक सड़क दुर्घटना योजना के तहत सहायता दी गई.
Advertisement
उन्होंने बताया कि इन परिवारों को कुल 21 करोड़ 10 लाख 55 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर दिए गए हैं. योजना के तहत मिलने वाली राशि किसान परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बन रही है. खासकर उन परिवारों को मदद मिल रही है, जिनके कमाने वाले सदस्य की हादसे में मौत हो गई.
---- समाप्त ----
TOPICS:
Latest News in Hindi »
Advertisement
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

लखनऊ में भारी बारिश के चलते स्कूल-कॉलेज बंद: भारी बारिश के चलते डीएम ने जारी किया आदेश, 2 दिनों से लगातार हो रही बरसात - Lucknow News

लखनऊ में थमने का नाम नहीं ले रही बारिश, टूटा 19 साल का रिकॉर्ड

कानपुर में 32 घंटे से लगातार बारिश जारी: 12वीं तक के स्कूल बंद; सितंबर में 45 साल बाद रिकॉर्ड टूटा, CSJMU में परीक्षा रद्द - Kanpur News


