उत्तर प्रदेश में भू-उपयोग परिवर्तन हुआ आसान, शुल्क में 50 तक की कटौती; योगी कैबिनेट का फैसला - up simplifies land use change cuts fees by 50
उत्तर प्रदेश में भू-उपयोग परिवर्तन हुआ आसान, शुल्क में 50% तक की कटौती; योगी कैबिनेट का फैसला राज्य सरकार ने भू-उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया को आसान बनाया और शुल्क में लगभग 50% की कमी की है। अब 6000 ...और पढ़ें HighLights -…

सौजन्य से:- jagran.com
उत्तर प्रदेश में भू-उपयोग परिवर्तन हुआ आसान, शुल्क में 50% तक की कटौती; योगी कैबिनेट का फैसला
राज्य सरकार ने भू-उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया को आसान बनाया और शुल्क में लगभग 50% की कमी की है। अब 6000 ...और पढ़ें
HighLights
- भू-उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया को राज्य सरकार ने किया सरल।
- परिवर्तन शुल्क की दरों में लगभग 50% की कमी।
- 6000 वर्गमीटर तक अधिकार अब विकास प्राधिकरणों को।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्य सरकार ने महायोजना व क्षेत्रीय विकास योजना के तहत आने वाले क्षेत्र की भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ ही परिवर्तन शुल्क की दरों में भी तकरीबन 50 प्रतिशत तक की कमी कर दी है।
अब 6000 वर्गमीटर तक की भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन का अधिकार संबंधित विकास प्राधिकरणों को ही होगा। इससे अधिक क्षेत्रफल के मामलों में ही शासन की अनुमति लेनी होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास (भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क का निर्धारण, उद्ग्रहण एवं संग्रहण) नियमावली 2014 के तृतीय संशोधन संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई।
विभागीय विशेष सचिव राजेश कुमार राय ने बताया कि अभी किसी तरह के भू-उपयोग परिवर्तन का अधिकार राज्य सरकार को ही है। ईज आफ डूईंग बिजनेस और डी-रेगुलेशन कार्ययोजना के तहत प्रक्रियाओं में सुधार तथा डिजिटलीकरण तथा भूमि संबंधी सेवाओं के लिए आनलाइन प्रणाली को अपनाने पर भारत सरकार का जोर है।
इसके मद्देनजर दूसरे राज्यों में भू-उपयोग परिवर्तन के संबंध में लागू व्यवस्था का अध्ययन करने के बाद राज्य में भी 6000 वर्गमीटर तक की भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन का अधिकार विकास प्राधिकरणों को देने का निर्णय़ किया गया है। राजस्थान में इस तरह की व्यवस्था पहले से लागू है।
राय ने बताया कि भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में भी कमी की गई है। अब कृषि भूमि पर उद्योग लगाने के लिए सर्किल रेट का 20 प्रतिशत के बजाय 15 प्रतिशत ही देना होगा। इसी तरह आवासीय के मामले में 50 के बजाय 25, कार्यालय उपयोग के लिए 100 के बजाय 50, वाणिज्यिक उपयोग के लिए सर्किल रेट का 150 प्रतिशत के स्थान पर अब 75 प्रतिशत ही परिवर्तन शुल्क देना होगा।
मिश्रित उपयोग के मामले में 125 प्रतिशत को घटाकर 65 प्रतिशत शुल्क किया गया है। विदित हो कि उत्तर प्रदेश टाउनशिप नीति-2023 के तहत परियोजना के लिए लाइसेंस हासिल करने वाले विकासकर्ताओं की भूमि तथा मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत जमीन के भू-उपयोग को कृषि से आवासीय में परिवर्तित करने का अधिकार सरकार पहले ही विकास प्राधिकरणों को दे चुकी है।
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