होमक्राइमपीएम मोदी और सीएम योगी के खिलाफ याचिका खारिज, प्रयागराज की कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 50 हजार जुर्माना लगाया - prayagraj court dismisses petition against pm modi cm yogi and others fines petitioner
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पीएम मोदी और सीएम योगी के खिलाफ याचिका खारिज, प्रयागराज की कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 50 हजार जुर्माना लगाया - prayagraj court dismisses petition against pm modi cm yogi and others fines petitioner

पीएम मोदी और सीएम योगी के खिलाफ याचिका खारिज, प्रयागराज की कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 50 हजार जुर्माना लगाया प्रयागराज की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पीएम मोदी, सीएम योगी समेत अन्य के खिलाफ दायर आपराधिक पुनर्विचार याचिका…

jagran.com के अनुसार21 सितंबर 2026 को 04:04 pm बजे
पीएम मोदी और सीएम योगी के खिलाफ याचिका खारिज, प्रयागराज की कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 50 हजार जुर्माना लगाया
 - prayagraj court dismisses petition against pm modi cm yogi and others fines petitioner

सौजन्य से:- jagran.com

पीएम मोदी और सीएम योगी के खिलाफ याचिका खारिज, प्रयागराज की कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 50 हजार जुर्माना लगाया

प्रयागराज की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पीएम मोदी, सीएम योगी समेत अन्य के खिलाफ दायर आपराधिक पुनर्विचार याचिका ...और पढ़ें

HighLights

- अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, कोर्ट संख्या 21 ने अधिवक्ता की याचिका खारिज की

- एसीजेएम (एमपी/एमएलए कोर्ट) प्रयागराज ने मूल शिकायत खारिज कर दी थी

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, कोर्ट संख्या 21 ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ समेत अन्य के खिलाफ दाखिल आपराधिक पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। अदालत ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता राकेश नाथ पांडेय पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

'आरोपों से कोई आपराधिक अपराध बनता नहीं दिखता'

प्रभारी सत्र न्यायाधीश जयेंद्र कुमार ने कहा कि केवल राजनीतिक या संवैधानिक असहमति के आधार पर आपराधिक कानून की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती। याचिका में लगाए गए आरोपों से कोई आपराधिक अपराध बनता नहीं दिखता। संवैधानिक पद की शपथ के कथित उल्लंघन को भी आपराधिक मामला बनाने का आधार नहीं माना जा सकता।

एसीजेएम के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका

मामला एसीजेएम (एमपी/एमएलए कोर्ट), प्रयागराज के उस आदेश के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिका से संबंधित था, जिसमें मूल शिकायत खारिज कर दी गई थी। याचिकाकर्ता ने 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में प्रधानमंत्री की भागीदारी और भाषण पर सवाल उठाए थे। चुनावी रैलियों में सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए जुर्माना 30 दिन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रयागराज में जमा करने का निर्देश दिया।

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