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सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद पर चला बुलडोजर, 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ध्वस्त; फोर्स तैनात

सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद पर चला बुलडोजर, 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ध्वस्त; फोर्स तैनात सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रशासन ने मस्जिद के 50 फीसदी हिस्…

Hindustan के अनुसार5 सितंबर 2026 को 04:31 am बजे
सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद पर चला बुलडोजर, 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ध्वस्त; फोर्स तैनात

सौजन्य से:- Hindustan

सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद पर चला बुलडोजर, 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ध्वस्त; फोर्स तैनात

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रशासन ने मस्जिद के 50 फीसदी हिस्से को तोड़ दिया है। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस और पीएसी बल तैनात है।

UP News: सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। रातभर चली कार्रवाई के बाद मस्जिद में सीलिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। वहीं, शनिवार सुबह मस्जिद के एक हिस्से को गिरा दिया गया। बता दें कि कोर्ट के आदेश के बाद मस्जिद को लेकर प्रशासन की सक्रियता बढ़ी है और इलाके में हाई अलर्ट जैसा माहौल है।

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है। अब तक मस्जिद का 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ध्वस्त किया जा चुका है और दो जेसीबी से बाकी हिस्से को गिराने का काम चल रहा है। नगर निगम के आधा दर्जन से अधिक डंपर मलबा लेकर बाहर निकल चुके हैं।डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा कि अदालत के आदेश के क्रम में निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर कानूनी कार्रवाई के तहत ध्वस्तीकरण किया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने बरकरार रखा आदेश

जमीन को सरकारी बताते हुए मस्जिद को अवैध ठहराने वाले कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज की। जिला जज ने भी निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा था। इसके बाद मस्जिद को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 10 से ज्यादा थानों की फोर्स को कलेक्ट्रेट के आसपास लगाया गया। मस्जिद और उसके आसपास के क्षेत्र में पुलिस की निगरानी लगातार बनी रही। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

इमरान मसूद की शांति बनाए रखने की अपील

एडीएम प्रशासन संतोष बहादुर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह, एसपी सिटी व्योम बिंदल और सीओ द्वितीय मनोज यादव समेत अन्य अधिकारी कलेक्ट्रेट में मौजूद रहे। मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर शहर में भी चर्चा बनी रही। इस बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। कलेक्ट्रेट के आसपास सुरक्षा बढ़ाए जाने के कारण पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जैसा माहौल बना रहा। पुलिस बल लगातार निगरानी करता रहा।

मस्जिद पक्ष को झटका, जिला कोर्ट ने भी सरकारी मानी जमीन

इससे पहले मस्जिद से जुड़े भूमि विवाद में जिला जज सतेंद्र कुमार की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट अदालत के 16 जुलाई 2026 के आदेश को बरकरार रखा है। जिला अदालत ने मस्जिद पक्ष की ओर से दाखिल याचिका को निरस्त कर दिया। अदालत के आदेश में भूमि को सरकारी भूमि माना गया है। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने भूमि के स्वामित्व, पुराने राजस्व अभिलेखों, वक्फ संपत्ति के दावे और 1991 के वर्शिप एक्ट को लेकर अपनी-अपनी दलीलें और साक्ष्य अदालत के सामने रखे।

मस्जिद पक्ष की ओर से जिला जज की अदालत में याचिका दाखिल कर सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय के 16 जुलाई 2026 के आदेश को चुनौती दी गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि सिटी मजिस्ट्रेट अदालत ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को दरकिनार करते हुए आदेश पारित किया। मस्जिद पक्ष ने अदालत में दलील दी कि संबंधित मस्जिद सुन्नी वक्फ बोर्ड में पंजीकृत है और इसलिए इसे वक्फ संपत्ति माना जाना चाहिए। पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि वक्फ संपत्ति से जुड़े विवाद की सुनवाई का अधिकार सुन्नी वक्फ सेंट्रल बोर्ड, लखनऊ को है।

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