यूपी के करीब 5 लाख आउटसोर्स कर्मियों को योगी सरकार ने दी सौगात, UPCOS दिलाएगा शोषण से मुक्ति
आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति में मनमानी खत्म होगी यूपी की योगी सरकार ने राज्य के आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने उत्तर प्रदेश कॉर्पोरेशन फॉर आउटसोर्स सर्विसेज (यूपीसीओएस) का गठन कर दिया है। इसके तहत य…

सौजन्य से:- Navbharat Times
आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति में मनमानी खत्म होगी
यूपी की योगी सरकार ने राज्य के आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने उत्तर प्रदेश कॉर्पोरेशन फॉर आउटसोर्स सर्विसेज (यूपीसीओएस) का गठन कर दिया है। इसके तहत यूपी के 3.5 से 5 लाख आउटसोर्स कर्मियों को सम्मानजनक मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर सेवा व्यवस्था का फायदा मिलेगा। यूपी सरकार ने हर पांच साल में इन कर्मियों के मानदेय के पुनरीक्षण की व्यवस्था लागू की है। इसके अलावा आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया में मनमानी खत्म करने के उपाय भी किए गए हैं।कर्मियों की समस्याएं सुनने के लिए प्रभावी तंत्र
लखनऊ में यूपीसीओएस के शुभारंभ समारोह में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार और कर्मचारी का रिश्ता केवल वेतन का नहीं, बल्कि विश्वास का होता है। इस विश्वास को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि कर्मचारी को यह महसूस हो कि उसके बेहतर कार्य का रिकॉर्ड रखा जा रहा है और उसकी समस्याओं को सुनने के लिए प्रभावी तंत्र मौजूद है। कर्मचारी को यह भरोसा होना चाहिए कि वह अकेला नहीं है।श्रम का सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, आउटसोर्स कर्मियों को समय से वेतन मिले, उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप मानदेय हासिल हो और श्रम का सम्मान सुनिश्चित किया जाए। सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है कि श्रम का शोषण न हो, अन्याय न हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास की जो यात्रा तय की है, उसमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों और श्रमिकों का योगदान रहा है। चाहे नगर निकायों में काम करने वाले सफाईकर्मी हों या शासन व्यवस्था के अलग-अलग महत्वपूर्ण कार्यों में लगे कर्मचारी, स्थायी हों या आउटसोर्स, सभी के प्रयासों से प्रदेश की विकास यात्रा आगे बढ़ी है।आर्थिक भेदभाव को समाप्त करना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा के अनुरूप उसे सम्मान मिलना शासन की जिम्मेदारी है। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम इसी गरिमा और गौरव को स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सामाजिक भेदभाव को दूर करने के लिए आर्थिक भेदभाव को भी समाप्त करना होगा। जब कोई व्यक्ति काम करता है तो उसे उसकी मेहनत का उचित मानदेय मिलना चाहिए। साथ ही दुर्घटना की स्थिति में उसे सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध होनी चाहिए। यूपीसीओएस के माध्यम से आउटसोर्स कर्मियों के लिए मानदेय और सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था को संस्थागत रूप देने की कोशिश की गई है। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें कर्मियों को उनके काम के अनुरूप सम्मान मिले और उनकी सेवा शर्तों में पारदर्शिता बनी रहे।सीएम योगी ने कहा कि कर्मचारी का समय केवल कागजों में नहीं व्यतीत होना चाहिए। उसके काम का मूल्यांकन और रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से रखा जाना चाहिए तथा उसकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारी के हितों के साथ-साथ शासन व्यवस्था की कार्यक्षमता और जवाबदेही को भी मजबूत करना चाहती है।
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