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5 साल की अवधि समाप्त होने से पहले क्यों नहीं कराए गए पंचायत चुनाव? HC ने यूपी सरकार से मांगा रिकॉर्ड - why were panchayat elections not held before the completion of the fiveyear term records sought from the up government by allahabad highcourt

5 साल की अवधि समाप्त होने से पहले क्यों नहीं कराए गए पंचायत चुनाव? HC ने यूपी सरकार से मांगा रिकॉर्ड इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पंचायत चुनाव में देरी पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगली बार प्रक्रिया कार्यकाल…

Jagran के अनुसार6 अगस्त 2026 को 05:18 am बजे
5 साल की अवधि समाप्त होने से पहले क्यों नहीं कराए गए पंचायत चुनाव? HC ने यूपी सरकार से मांगा रिकॉर्ड
 - why were panchayat elections not held before the completion of the fiveyear term records sought from the up government by allahabad highcourt

सौजन्य से:- Jagran

5 साल की अवधि समाप्त होने से पहले क्यों नहीं कराए गए पंचायत चुनाव? HC ने यूपी सरकार से मांगा रिकॉर्ड

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पंचायत चुनाव में देरी पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगली बार प्रक्रिया कार्यकाल समाप्त होने से दो साल पहले शुर ...और पढ़ें

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

विधि संवाददाता, लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश में पंचायत चुनाव समय से कराने की प्रक्रिया में हुई देरी पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा है कि अगली बार पंचायत चुनाव कराने की प्रक्रिया कार्यकाल समाप्त होने से कम से कम दो वर्ष पहले शुरू की जानी चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि ऐसा करने पर ही संविधान के अनुच्छेद 243-ई में निर्धारित पांच वर्ष की अवधि के भीतर पंचायत चुनाव कराना संभव हो सकेगा। न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने संजय कुमार शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस बार राज्य सरकार ने चुनाव प्रक्रिया मई-2025 में शुरू की थी। इसके बावजूद अब तक पंचायत चुनाव नहीं हो सके हैं।

पंचायतों का पांच वर्ष का संवैधानिक कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो चुका है। पीठ ने राज्य सरकार से रिकॉर्ड तलब किए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौजूदा पंचायत चुनाव पांच वर्ष की अवधि समाप्त होने से पहले क्यों नहीं कराए जा सके।

कोर्ट ने कहा कि वह यह भी देखना चाहता है कि चुनाव कराने में देरी के पीछे राज्य सरकार के नियंत्रण से बाहर की कोई परिस्थिति थी या फिर सरकार ने समय पर चुनाव कराने के अपने दायित्व का निर्वहन नहीं किया।

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कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 243-ई के तहत पंचायतों का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है और इसके समाप्त होने से पहले नए चुनाव कराना आवश्यक है। पीठ ने कहा कि इस संवैधानिक व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने के लिए चुनाव प्रक्रिया पर्याप्त समय पहले शुरू करना जरूरी है।

11 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

पीठ ने यह भी कहा कि उसने चुनाव प्रक्रिया में देरी से संबंधित कुछ इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड देखे हैं और इन रिकॉर्ड को अगली सुनवाई पर फिर अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। अदालत इन रिकॉर्ड के आधार पर यह भी जांचेगी कि मई-2025 में प्रक्रिया शुरू किए जाने के बावजूद चुनाव समय पर क्यों नहीं कराए जा सके। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।

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