कौन हैं अर्चना सिंह और अमित तेवतिया? यूपी पुलिस के रियल हीरो, राइफल से शीशा तोड़ मौत के मुंह से निकालीं 5 जान
कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पांच जिंदगियां कार के भीतर फंसी हुईं थी। सिपाही अर्चना सिंह और उनके पति सिपाही अमित तेवतिया फरिश्ते बनकर पहुंचे और सबको बचाया। कन्नौज: अर्चना सिंह और अमित तेवतिया... ये वो दो नाम हैं,…

सौजन्य से:- Navbharat Times
कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पांच जिंदगियां कार के भीतर फंसी हुईं थी। सिपाही अर्चना सिंह और उनके पति सिपाही अमित तेवतिया फरिश्ते बनकर पहुंचे और सबको बचाया।
कन्नौज: अर्चना सिंह और अमित तेवतिया... ये वो दो नाम हैं, जिन्होंने खाकी का इकबाल बुलंद किया है। यूपी के कन्नौज जिले में आज इन्हीं दो नामों की चर्चा है। उत्तर प्रदेश पुलिस में कॉन्स्टेबल अर्चना सिंह और उनके पति कॉन्स्टेबल अमित तेवतिया ने मौत के मुंह से पांच जिंदगियों को बचा लिया। मामला शुक्रवार का है, जब तेज बारिश के बीच एक फॉर्च्यूनर कार डिवाइडर से टकराकर सड़क पर पलट गई और उसमें बैठे पांच लोगों की जान खतरे में पड़ गई। इसी दौरान वहां से गुजर रहे अर्चना और अमित ने तुरंत मोर्चा संभाला और राइफल की बट से कार का शीशा तोड़कर पांचों को सुरक्षित बाहर निकाला।
शुक्रवार को सुल्तानपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह लखनऊ से नोएडा आ रहीं थी। गाड़ी में उनके साथ उनका गनर हेड कॉन्स्टेबल अरविंद कुमार, लखीमपुर के रहने वाले आयुष वर्मा, ड्राइवर विकास यादव और नोएडा की रहने वालीं गीतांजलि सिंह बैठी थीं। दोपहर करीब 2 बजे उनकी गाड़ी जैसे ही कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर तालग्राम इलाके में पहुंची, तेज बारिश की वजह से ड्राइवर ने कंट्रोल खो दिया और गाड़ी डिवाइडर से टकराकर करीब 20 मीटर फेंसिंग तोड़ते हुए दूसरी लेन में जाकर पलट गई।
हादसे के बाद कार में बैठे सभी लोग अंदर फंस गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई। दरवाजे लॉक होने की वजह से गाड़ी से बाहर निकलने का रास्ता नहीं था और किसी भी वक्त कोई अनहोनी हो सकती थी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे कान्स्टेबल अर्चना और अमित की नजर पलटी हुई गाड़ी पर पड़ी। दोनों ने अपनी गाड़ी रोकी और तुरंत पांचों लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। जब कार के शीशे और दरवाजे नहीं खुले तो अमित ने अपनी सर्विस राइफल से शीशे तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का रास्ता बनाया।
राइफल से कार का शीशा तोड़ते हुए सिपाही अमित तेवतिया
अर्चना ने बुलाई मौके पर मदद
इसके बाद कार में फंसे पांचों लोगों को एक-एक कर बाहर निकाला गया। अमित जिस समय कार का शीशा तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाल रहे थी, उसी समय अर्चना ने आसपास से गुजर रहे गाड़ियों को रोककर मदद मांगी। साथ ही अर्चना ने कंट्रोल रूम को भी मदद के लिए फोन किया। कुछ ही देर में मौके पर एंबुलेंस, नजदीकी थाने की पुलिस और यूपीडा की टीम भी आ गई। इसके बाद तीन घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
पति-पत्नी कन्नौज में हैं तैनात
अर्चना सिंह यूपी पुलिस में कॉन्स्टेबल हैं और कन्नौज में आशा ज्योति केंद्र में तैनात हैं। उनके पति अमित तेवतिया भी यूपी पुलिस में कॉन्स्टेबल हैं। उनकी तैनाती भी कन्नौज में ही है। हादसे में जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह, उनके गनर हेड कॉन्स्टेबल अरविंद कुमार और आयुष वर्मा को चोट आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए एंबुलेंस से तिर्वा के मेडिकल कॉलेज भेजा गया। थाना प्रभारी रंजना पांडेय का कहना है कि हादसे की जांच की जा रही है।
लेखक के बारे मेंधर्मेंद्र कुमारधर्मेंद्र कुमार, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में सीनियर जर्नलिस्ट/असिस्टेंट एडिटर हैं। मार्च 2024 से धर्मेंद्र का पत्रकारिता का सफर टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के एनबीटी ऑनलाइन के साथ शुरू हुआ। इस समय धर्मेंद्र के पास, भारत की राजनीति का द्वार कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश और देवभूमि उत्तराखंड के स्टेट एडिटर की जिम्मेदारी है। हालांकि, वह इससे पहले एनबीटी ऑनलाइन में क्राइम सेक्शन, गुड न्यूज और जंगल न्यूज जैसे सेक्शन भी संभाल चुके हैं। 14 साल के करियर में धर्मेंद्र ने पत्रकारिता की शुरुआत अमर उजाला डिजिटल से की। यहां उन्होंने जर्नलिज्म की बारीकियां सीखते हुए होम पेज संभाला और जॉब सेक्शन की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी ली।
यूपी में बीएसपी के कमबैक की खबरें हों, सपा के पीडीए समीकरण की या फिर बीजेपी की हिंदुत्ववादी राजनीति की, धर्मेंद्र ने गहराई से खबरों का विश्लेषण किया है। इनके अलावा धर्मेंद्र कुमार ने गुड न्यूज सेक्शन में कई यूनिक स्टोरी की हैं। इनमें आईआरएस अधिकारी और अपने करियर में 7 सरकारी नौकरी पाने वाले संदीप राणा की इंटरव्यू स्टोरी भी शामिल है। क्राइम सेक्शन कवर करते हुए उन्होंने अपराध से जुड़े वीडियो भी किए, जिनमें अलग-अलग पहलुओं के साथ घटना को बयां किया गया।
पत्रकारिता अनुभव
धर्मेंद्र ने 2011 से अमर उजाला डिजिटल के साथ पत्रकारिता का करियर शुरू किया। यहां 5 साल 7 महीने की लंबी पारी के बाद वह वनइंडिया-डेलीहंट के साथ जुड़े। वन इंडिया में भी करीब साढ़े सात साल का लंबा सफर तय करने के बाद वह एनबीटी ऑनलाइन के साथ जुड़े और फिलहाल यूपी-उत्तराखंड स्टेट एडिटर के पद पर हैं।
धर्मेंद्र ने दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स किया है। कोर्स के दौरान उन्होंने दो रिसर्च प्रोजेक्ट 'नक्सलवाद पर हिंदी अखबारों का नजरिया' और 'शहीद-ए-आजम भगत सिंह- एक विचार'प्रस्तुत किए।... और पढ़ें
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