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यूपी के वकीलों को 5 लाख का कैशलेस इलाज मिलेगा: योगी ने 2 और बड़े ऐलान किए; हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दंडवत हुए - Prayagraj (Allahabad) News

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bhaskar.com के अनुसार14 सितंबर 2026 को 08:04 pm बजे
यूपी के वकीलों को 5 लाख का कैशलेस इलाज मिलेगा:  योगी ने 2 और बड़े ऐलान किए; हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दंडवत हुए - Prayagraj (Allahabad) News

सौजन्य से:- bhaskar.com

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यूपी के वकीलों को 5 लाख का कैशलेस इलाज मिलेगा:योगी ने 2 और बड़े ऐलान किए; हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दंडवत हुए

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यूपी में 5 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड वकीलों का इलाज अब सरकार कराएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार शाम प्रयागराज में कहा- वकीलों को 5 लाख का कैशलेस इलाज मिलेगा।

उन्होंने 2 और भी बड़े ऐलान किए। कहा, 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के चैंबर में फर्नीचर और उपकरण के लिए शासन सहयोग करेगा। 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट दिए जाएंगे। अधिकारियों की फीस में भी 50 फीसदी से अधिक बढ़ोत्तरी की गई है।

सीएम शाम 4 बजे इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में पहुंचे थे। योगी ने कहा- अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए जो भी प्रस्ताव हाईकोर्ट की तरफ से आएगा, उसमें सरकार पूरा सहयोग करेगी।

इससे पहले अधिवक्ताओं ने जय श्रीराम का उद्घोष कर सीएम का स्वागत किया। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमित सिंह ‘सोनू’ ने पहले सीएम के पैर छुए, फिर दंडवत हो गए।

योगी के भाषण की 6 बड़ी बातें…

- आज मैं हाईकोर्ट के अंदर जब प्रवेश कर रहा था, तो यहां पर युवा अधिवक्ताओं के चेहरे की चमक को देखा। एक अलग ही चमक थी। जब ऐसी चमक युवाओं के चेहरे पर देखता हूं तो यह महसूस करता हूं कि भविष्य उज्जवल है।

- ये सच था कि 2017 से पहले हमारे सामने चुनौती केवल संसाधनों की नहीं थी, चुनौती व्यवस्था के दृष्टिकोण की भी थी। प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की भी। कानून व्यवस्था की भी चुनौती थी और न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भी चुनौती हम सभी के सामने थी।

- न्याय व्यवस्था की पहली कड़ी पुलिस होती है। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में करीब 45 से 50 प्रतिशत पद खाली थे। जब सरकार ने भर्ती प्रक्रिया शुरू की, तब पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता केवल 3 हजार थी। पुलिस के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं थीं।

- अब पुलिस ट्रेनिंग की क्षमता बढ़ाकर 7 हजार पुलिसकर्मियों तक कर दी गई है। हर साल 7 हजार पुलिसकर्मियों को आधुनिक तरीके से प्रशिक्षण दिया जा सकता है।

- अधिवक्ता समाज देश के प्रबुद्ध वर्ग का हिस्सा है। यह समाज की राय बनाने और लोगों के विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। देश की आजादी की लड़ाई, संविधान निर्माण, शासन-प्रशासन चलाने और लोकतंत्र के सभी स्तंभों को मजबूत करने में अधिवक्ताओं का योगदान रहा है।

- राष्ट्र निर्माण के मौजूदा अभियान में भी अधिवक्ता समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से लौटकर स्वतंत्रता आंदोलन की कमान संभालने के बाद ही आजादी की लड़ाई को नई दिशा और मजबूती मिली।

3 तस्वीरें देखिए…

डिप्टी सीएम केशव बोले- निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं और अपराधी को छोड़ेंगे नहीं

केशव मौर्य ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पुराने औपनिवेशिक कानून बदले गए हैं। आज अपराधी कानून से डरता है और आम आदमी का कानून पर भरोसा बढ़ा है। सरकार की नीति साफ है कि निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं और अपराधी को छोड़ेंगे नहीं।

यूपी में 5.14 लाख रजिस्टर्ड वकील

सीएम ने कार्यक्रम में अधिवक्ता कक्ष भवन की सांकेतिक चाबी एसोसिएशन को सौंपी। करीब 700 करोड़ से बनी 2400 चैंबर्स वाली बिल्डिंग का उद्घाटन 31 मई 2025 को हो चुका है। हालांकि अभी आवंटन नहीं हुआ। चाबी मिलने के बाद आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी।

यूपी में इस समय 5 लाख 14 हजार 439 सक्रिय रजिस्टर्ड वकील हैं। यह जानकारी बीते दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकीलों की पृष्ठभूमि से जुड़ी सुनवाई के दौरान सामने आई। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल और पुलिस महानिदेशक की रिपोर्ट में यह आंकड़ा दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इससे पहले शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं और रसोइयों को 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दे चुके हैं।

सीएम के कार्यक्रम से जुड़ी पल-पल की जानकारी के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

अपडेट्स

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वकीलों ने कहा- मुख्यमंत्री ने प्रयागराज की धरती पर आकर माननीय उच्च न्यायालय का गौरव बढ़ाया और उन्होंने ऐतिहासिक घोषणा की। सीएम को को बहुत-बहुत धन्यवाद है। राकेश पांडे, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को धन्यवाद है, सीएम ने अधिवक्ता आवंटन के लिए बहुत अच्छी घोषणा की है, अधिवक्ताओं के हित में किया है।

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सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज की धरती ने देश को अनेक न्यायविद, अधिवक्ता और जननेता दिए हैं, जिन्होंने संवैधानिक चेतना और विधिक विमर्श को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के तीनों स्तंभ अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, लेकिन इनके बीच समन्वय जितना मजबूत होगा, लोकतंत्र उतना ही सशक्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के सामने केवल संसाधनों की कमी ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और न्यायिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की भी चुनौती थी। उन्होंने बताया कि उस समय पुलिस विभाग में करीब 45 प्रतिशत पद रिक्त थे। सरकार ने बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया चलाकर इन चुनौतियों को दूर करने की दिशा में काम किया और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाया।

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सीएम योगी ने कहा कि गणेश चतुर्थी भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में प्रथम पूज्य भगवान गणेश की आराधना का पर्व है, जबकि हरितालिका तीज अखंड सौभाग्य और पारिवारिक समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने हिंदी दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदी को राजभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने के संकल्प से हर भारतीय जुड़ता है।

उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज देश के सबसे प्रबुद्ध वर्गों में गिना जाता है और जनमत निर्माण में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत के निर्माण तक अधिवक्ताओं ने निर्णायक योगदान दिया है। महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में अपनी सफल वकालत छोड़कर देश की आजादी के आंदोलन को दिशा दी। पंडित मोतीलाल नेहरू, महामना मदन मोहन मालवीय, सरदार वल्लभभाई पटेल और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महान व्यक्तित्वों ने विधि और न्याय व्यवस्था के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य न्यायाधीश, हाईकोर्ट के सभी न्यायमूर्तियों और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शामिल होने और आयोजन का हिस्सा बनने का अवसर देने के लिए वह सभी के हृदय से आभारी हैं। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज की धरती को नमन करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था से जुड़ी सुविधाओं के साथ ही उत्तर प्रदेश में विधि का शासन स्थापित करने के प्रयासों में सभी का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन के लिए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे, महामंत्री अखिलेश कुमार शर्मा समेत सभी पदाधिकारियों का भी धन्यवाद किया।

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योगी आदित्यनाथ ने कहा- आज मैं हाई कोर्ट के अंदर जब प्रवेश कर रहा था तो यहां पर युवा अधिवक्ताओं के चेहरे की चमक को देखा। एक अलग ही चमक थी। जब ऐसी चमक युवाओं के चेहरे पर देखता हूं तो यह महसूस करता हूं कि भविष्य उज्जवल है।

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सीएम ने कहा- भारत की आज़ादी का आंदोलन तब तक बिखरा हुआ था,जबतक दक्षिण अफ्रीका से अपनी प्रैक्टिस छोड़कर इस आंदोलन की कमान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने हाथों में नही ली!

प्रयागराज की धरती गवाह है अनेक अधिवक्ता ऐसे जिन्होंने अपनी प्रैक्टिस भी की और स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़चढ़कर भाग लिया। पंडित मोतीलाल नेहरू, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जिन्होंने लंबे समय तक इस आंदोलन में भाग लिया। हर क्रांतिकारी के लिए खड़े हुए,लौहपुरुष पटेल जी,बाबा साहब अंबेडकर ये वो नाम हैं जिन्होंने आज़ादी आंदोलन दौरान इसे आगे बढ़ाया।

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योगी आदित्यनाथ ने जिक्र करते हुए बताया कि लखनऊ में एक बार हमने एक थाने का औचक निरीक्षण किया था, जहां पर दो सिपाही सो रहे थे, छत जर्जर पड़ी थी, टूटी हुई थी। हमने देखकर कहा कि ऐसी व्यवस्थाएं नहीं होनी चाहिए। आज यह व्यवस्था है कि पुलिस और न्याय व्यवस्था को दोनों को हमारी सरकार सुधारने में लगी हुई है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अभिवादन से पहले ही जैसे नाम पुकारा गया, अधिवक्ताओं में जोश देखने को मिला। पूरे सभा में चारों तरफ जय श्री राम का नारा गूंजने लगा, एक ही नारा एक ही नाम जय श्री राम जय श्री राम।

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डिप्टी सीएम ने कहा कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए, चाहे व्यक्ति गरीब हो या प्रभावशाली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ईज ऑफ लिविंग के साथ ईज ऑफ जस्टिस की दिशा में भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुराने औपनिवेशिक कानूनों की जगह नए कानून लागू किए गए हैं, जो बदलते भारत की न्याय व्यवस्था का प्रतीक हैं।

उन्होंने योगी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार सत्ता का सुख नहीं, बल्कि सबके विकास के संकल्प के साथ काम कर रही है। मौर्य ने दावा किया कि एक समय प्रयागराज की पहचान अपराध और अव्यवस्था से होती थी, जबकि अब कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और लोगों को सुरक्षा व सम्मान मिल रहा है।

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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संबोधित करते हुए कहा- निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं, अपराधी को छोड़ेंगे नहीं। इसके साथ ही उन्होंने 2027 के चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं से कहा कि आपके न्यायालय में 2027 का अपना केस रखकर जाते हैं। आप लोग न्याय करिएगा।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का आभार जताया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अधिवक्ताओं व प्रयागराजवासियों की ओर से स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद न्यायमूर्तियों, अधिवक्ताओं, मंत्रियों और विधायकों को धन्यवाद देते हुए एडवोकेट चैंबर्स की चाबियां सौंपे जाने पर बधाई दी।

मौर्य ने कहा कि प्रयागराज और इलाहाबाद हाईकोर्ट पर पूरे प्रदेश को गर्व है। संविधान नागरिकों को अधिकार देता है और न्याय व्यवस्था उन अधिकारों की रक्षा का भरोसा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि सरकार और अधिवक्ताओं का संबंध केवल व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों को न्याय दिलाने में दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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सीएम ने जिस भवन की चाभी सौंपी है, उसमें कुल 2375 चैम्बर है और 11 हजार से अधिक की कैपेसिटी वाला भवन है। यह देश की सबसे आधुनिक किसी हाईकोर्ट की बिल्डिंग है, जिसे 680 करोड़ की लागत से बनाया गया है।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट अमित सिंह सोनू ने जूता उतार कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैरों पर सर रखकर प्रणाम किया। दंडवत प्रणाम किया।

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सीएम योगी ने हाईकोर्ट में बने नए चैम्बर की चाभी सौंप दी है।

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हाईकोर्ट परिसर में करीब 680 करोड़ रुपये की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग और अधिवक्ता कक्ष भवन का निर्माण कराया गया है। इस परियोजना में 2500 से अधिक अधिवक्ता चैंबर बनाए गए हैं। इसके अलावा करीब 2200 दोपहिया और 1000 चारपहिया वाहनों की पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। परियोजना का उद्घाटन 31 मई 2025 को हो चुका है। अब चैंबरों की चाबी मिलने के बाद अधिवक्ताओं को इस सुविधा का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

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मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की है। हाईकोर्ट से सटी कानपुर रोड की एक लेन को वैकल्पिक मार्ग के तौर पर खाली रखा जाएगा। प्रशासन की ओर से अधिवक्ताओं से अपील की गई है कि सोमवार को इस लेन पर बाइक, कार, साइकिल या रिक्शा खड़ा न करें और निर्धारित पार्किंग का ही इस्तेमाल करें।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए हाईकोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं, ताकि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम निर्धारित समय पर सुचारु रूप से संपन्न कराया जा सके।

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