दाखिल-खारिज, पैमाइश में लापरवाही पर योगी का बड़ा ऐक्शन, 4 तहसीलदारों समेत पांच निलंबित
दाखिल-खारिज, पैमाइश में लापरवाही पर योगी का बड़ा ऐक्शन, 4 तहसीलदारों समेत पांच निलंबित यूपी की योगी सरकार ने खतौनी, दाखिल-खारिज, पैमाइश जैसे राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर चार तहसीलदारों समेत पांच को निलं…

सौजन्य से:- livehindustan.com
दाखिल-खारिज, पैमाइश में लापरवाही पर योगी का बड़ा ऐक्शन, 4 तहसीलदारों समेत पांच निलंबित
यूपी की योगी सरकार ने खतौनी, दाखिल-खारिज, पैमाइश जैसे राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर चार तहसीलदारों समेत पांच को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों समीक्षा के दौरान भी इसे लेकर चेतावनी दी थी।
यूपी की योगी सरकार ने दाखिल-खारिज, पैमाइश जैसे राजस्व मामलों के लंबित रहने और लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए चार तहसीलदारों और एक नायब तहसीलदार को निलंबित कर दिया है। सीएम योगी के निर्देश पर राजस्व परिषद ने इन पांचों को निलंबित करने के साथ अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रदेश के राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की स्थिति की समीक्षा की थी। समीक्षा के दौरान सीएम ने अधिकारियों को राजस्व वादों का निस्तारण निर्धारित समय में सुनिश्चित करने के निर्देश दिये थे। उन्होंने कहा था कि वादों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसी के बाद राजस्व परिषद ने बड़ी कार्रवाई की है।
इन तहसीलदारों और नायब तहसीलदार पर गिरी गाज
राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा-34 के तहत दाखिल वादों की न्यायालयवार और अधिकारीवार गहन समीक्षा की गई। समीक्षा में कई अधिकारियों के स्तर पर लंबित मामलों के निस्तारण की गति संतोषजनक नहीं मिली। शासन की प्राथमिकता के बावजूद मामलों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही सामने आने के बाद परिषद ने चार तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार को निलंबित कर दिया है।
इसमें तहसीलदार पवन कुमार सिंह, तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार, पट्टी, जनपद प्रतापगढ़ और वर्तमान में तहसीलदार प्रयागराज, तहसीलदार अतुल हर्ष, तहसील बलिया, तहसीलदार हरेराम यादव तत्कालीन नायब तहसीलदार, तहसील धनघटा और वर्तमान में तहसीलदार गोण्डा, तहसीलदार आनन्द ओझा, तहसील खलीलाबाद, संतकबीर नगर और नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह, तहसील सरोजनीनगर, लखनऊ आदि शामिल हैं।
लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
राजस्व परिषद सचिव ने बताया कि पांचों अधिकारियों के निलंबन के साथ ही नियमानुसार अनुशासनिक कार्यवाही की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। संबंधित प्रकरणों में जिम्मेदारी तय की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित होगी। यह कार्रवाई कोई एकबारगी कदम नहीं है। लंबित राजस्व वादों के निस्तारण की निगरानी लगातार जारी रहेगी। अधिकारियों के कामकाज की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी और जहां भी निर्धारित समय सीमा के भीतर मामलों के निस्तारण में लापरवाही या उदासीनता सामने आएगी, वहां नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सचिव ने साफ किया है कि राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी, ताकि प्रदेश के किसानों एवं आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी एवं सुलभ न्याय उपलब्ध हो सके।
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