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गोरखपुर में तेज बारिश, 39 जिलों में अलर्ट: कानपुर में खुले गड्ढे में गिरा डिलीवरी बॉय; गोंडा के 15 गांवों में बाढ़, 10 हजार लोग फंसे - Uttar Pradesh News

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Dainik Bhaskar के अनुसार18 सितंबर 2026 को 05:04 am बजे
गोरखपुर में तेज बारिश, 39 जिलों में अलर्ट:  कानपुर में खुले गड्ढे में गिरा डिलीवरी बॉय; गोंडा के 15 गांवों में बाढ़, 10 हजार लोग फंसे - Uttar Pradesh News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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गोरखपुर में तेज बारिश, 39 जिलों में अलर्ट:कानपुर में खुले गड्ढे में गिरा डिलीवरी बॉय; गोंडा के 15 गांवों में बाढ़, 10 हजार लोग फंसे

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यूपी में मानसून की विदाई का समय नजदीक आ गया है। अगले 24 घंटों में राजस्थान के रास्ते मानसून की वापसी शुरू हो जाएगी। इसके बाद प्रदेश में धीरे-धीरे बारिश का सिलसिला थम जाएगा। शुक्रवार सुबह से लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज समेत ज्यादातर शहरों में धूप खिली रही। गोरखपुर में दोपहर 2 बजे अंधेरा छा गया। फिर तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई।

कानपुर में बारिश के बाद सड़क पर बने एक खुले गड्ढे में डिलीवरी बॉय बाइक समेत गिर गया। 2 मिनट तक गड्ढे में पड़े रहने के बाद राहगीरों ने उसे बाहर निकाला। हादसे में उसकी नाक की हड्डी टूट गई है। गनीमत रही कि उसने हेलमेट पहन रखा था, जिससे सिर में गंभीर चोट नहीं आई। मंगलवार रात हुई इस घटना का वीडियो गुरुवार को सामने आया।

मौसम विभाग (IMD) ने आज 39 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, ज्यादातर समय मौसम साफ ही बना रहेगा। IMD के मुताबिक, मानसून की विदाई के साथ पश्चिमी यूपी में 20 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। 22 सितंबर से पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क हो जाएगा।

इधर, लगातार हुई बारिश से उफान पर चल रही नदियों का जलस्तर अब घटने लगा है। गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से 20 सेमी नीचे पहुंच गई है। बीते 24 घंटों में 5 गांवों से बाढ़ का पानी उतर चुका है, लेकिन अब भी 15 गांवों की लगभग 10 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है। कई घरों और सड़कों पर पानी भरा हुआ है।

बारिश-बाढ़ की तस्वीरें देखिए…

लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया-

मानसून की वापसी के संकेतों के बीच हिमाचल प्रदेश के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभ की वजह से यूपी में कहीं-कहीं बारिश हो रही है। इसके अलावा, अरब सागर की तरफ से आ रही नमी भरी हवाएं बादल बना रही हैं। प्रदेश के ऊपर बना चक्रवाती सिस्टम इन बादलों को एक जगह इकट्ठा कर रहा है। इस वजह से प्रदेश में बादलों की आवाजाही जारी है। तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो रही है।

आज किन-किन जिलों में बारिश का अलर्ट, देखिए-

यूपी में बारिश-बाढ़ के अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए-

अपडेट्स

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लखनऊ में तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी का दौर जारी है। दिन में बादलों की आवाजाही रहेगी। गरज-चमक के साथ बारिश की भी संभावना है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है।

गुरुवार को अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक है। अधिकतम आर्द्रता 92% और न्यूनतम 73% दर्ज की गई।

गुरुवार दोपहर में बारिश हुई। हालांकि, कुछ देर बाद बारिश रुकते ही उमस बढ़ गई। धूप निकलने से लोगों को फिर गर्मी का सामना करना पड़ा।

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वाराणसी में आज सुबह से तेज धूप निकली हुई है। सुबह के समय ही धूप तेज होने से लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में नमी अधिक होने के कारण धूप के साथ उमस का असर भी बना हुआ है।

शुक्रवार सुबह वाराणसी का तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार करीब 6 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि वातावरण में नमी 82 फीसदी दर्ज की गई। शहर का AQI 65 रहा, जो वायु गुणवत्ता के सामान्य स्तर के भीतर है।

मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद वातावरण में नमी बनी हुई है। इसी वजह से मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि 20 सितंबर तक वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं। हालांकि, बारिश लगातार होने की संभावना नहीं है। कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर बादल बनने के बाद हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।

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गोरखपुर में इन दिनों मौसम का मिजाज मिला-जुला बना हुआ है। सुबह से आसमान में हल्के बादल छाए हुए हैं। बीच-बीच में तेज धूप निकलने से गर्मी का एहसास भी बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, आज अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। पूरे दिन 15 से 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। शाम तक हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं।

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- गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से घटने लगा है। गुरुवार सुबह 9:30 बजे नदी खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। जलस्तर में गिरावट से बाढ़ प्रभावित लोगों को कुछ राहत मिली है।

- पिछले 24 घंटे में पांच गांव बाढ़ के असर से बाहर आ गए हैं। हालांकि, अभी भी 15 गांवों की करीब 10 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है। इन गांवों में कई घरों और उनके आसपास अब भी पानी भरा हुआ है।

- गुरुवार को गिरजा बैराज से 1,23,073 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,31,337 क्यूसेक, सरयू बैराज से 4,140 क्यूसेक और सुहेली बैराज से 26,728 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बावजूद घाघरा के जलस्तर में फिलहाल गिरावट दर्ज की जा रही है।

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कानपुर में बीच सड़क खुले गड्ढे में गिरने से डिलीवरी बॉय की नाक की हड्डी टूट गई। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी है। मंगलवार देर रात वह ऑर्डर लेकर जा रहा था। जाजमऊ के हिंदुस्तान कंपाउंड के पास पहुंचते ही अंधेरा होने के कारण वह बाइक समेत गड्ढे में गिर गया। हेलमेट पहने होने की वजह से उसके सिर में गंभीर चोट नहीं आई। हादसे के बाद राहगीरों ने युवक को गड्ढे से बाहर निकाला और निजी अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर निगम से गड्ढा बंद कराने के साथ स्ट्रीट लाइट और बैरिकेडिंग लगवाने की मांग की है। मामले का वीडियो गुरुवार को सामने आया।

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अल-नीनो का सबसे बड़ा असर रबी की फसलों पर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञ के मुताबिक, सबसे पहले गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों की बुआई पर असर पड़ सकता है। अगर सितंबर के आखिर में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो खेतों में नमी कम रह जाएगी। इससे खासकर बुंदेलखंड में रबी की समय पर बुआई मुश्किल हो सकती है।

इसके बाद फसल के बढ़ने के समय अगर पर्याप्त ठंड नहीं पड़ी और फरवरी-मार्च में गर्मी जल्दी बढ़ गई, तो फसल को दोहरा नुकसान हो सकता है। गेहूं में दाना भरने के समय तापमान ज्यादा बढ़ने से उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका रहेगी।

अल-नीनो के देर से मजबूत होने का फायदा नहीं, बल्कि नुकसान की आशंका ज्यादा है। मानसून अगर थोड़ा जल्दी लौटता है, सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश कम रहती है, सर्दियों में न्यूनतम तापमान बढ़ा रहता है और मार्च में गर्मी जल्दी बढ़ती है, तो इसका असर फसलों की बुआई पर पड़ना तय है।

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अल-नीनो के असर से यूपी में सामान्य से ज्यादा तापमान रह सकता है। इससे सर्दियों पर 2 तरह से असर दिख सकता है।

पहला- शीतलहर वाले दिनों में कमी आ सकती है। सर्दियों में सामान्य शीतलहर 8 से 10 दिन की होती है। जो 2 से 3 दिन के अलग-अलग चरणों में आती है। इस बार ये 4 से 6 दिन तक सीमित रह सकती है।

दूसरा- तापमान में गिरावट पिछले साल के बराबर नहीं होगी। उदाहरण के लिए 2025 की सर्दियों में मेरठ, कानपुर, आगरा, अयोध्या, बरेली का तापमान अलग-अलग तारीखों पर 2 से 3 डिग्री तक पहुंच गया था। इस बार तापमान इतना नीचे आने की उम्मीद कम जताई जा रही है। हालांकि इसका कोहरे से कोई संबंध नहीं होगा। क्योंकि कोहरा स्थानीय वायुमंडल में नमी और हवा की स्पीड से बनता है।

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- उत्तर प्रदेश में अभी तक जितनी जरूरत थी, उससे 4% कम बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिक अल-नीनो को इसकी वजह बता रहे हैं। 28 जून को यूपी में मानसून की एंट्री के बाद से ही अल-नीनो का असर बना हुआ है। इससे यूपी कई जिलों में जरूरत से ज्यादा बारिश हुई, जबकि कई में अनुमान से कम बारिश रिकॉर्ड हुई। एक बार फिर अल-नीनो धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। इस कारण यूपी में मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ने के आसार हैं।

- आशंका है कि यूपी से मानसून की विदाई अगले 24 घंटे में शुरू हो जाएगी। यूपी में मानसून कैसे विदा होता है, ये मौसम विशेषज्ञ डॉ. दिनेश शाह बताते हैं - मानसून सबसे पहले पश्चिमी जिलों से विदाई लेना शुरू करता है। यहां आमतौर पर 15 सितंबर से 25 सितंबर के बीच मानसून का असर कम होने लगता है। पूर्वी जिलों से मानसून थोड़ा देर से, लगभग 5 अक्टूबर से 15 अक्टूबर के बीच पूरी तरह खत्म होता है।

- वह बताते हैं- अल-नीनो के एक्टिव होने से पश्चिम और पूर्वांचल के जिलों में करीब 8 से 10% तक कम बारिश हो सकती है। 2025 में 20 अगस्त तक कोटे से 25% कम बारिश हुई थी। लेकिन अगस्त के आखिरी 10 दिन और सितंबर महीने में मानसून ने भरपाई कर दी थी। इस बार ऐसा होने की गुंजाइश कम है।

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