होमराजनीतिओबीसी बेटियों की शादी का सहारा बनी योगी सरकार: 30,466 लाभार्थियों के खाते में पहुंचे 60.93 करोड़ रुपए; 1.05 लाख परिवारों को लाभ देने का लक्ष्य
राजनीति

ओबीसी बेटियों की शादी का सहारा बनी योगी सरकार: 30,466 लाभार्थियों के खाते में पहुंचे 60.93 करोड़ रुपए; 1.05 लाख परिवारों को लाभ देने का लक्ष्य

- Hindi News - Up khaas - UP Shadi Anudan Yojana | Yogi Adityanath OBC Marriage Grant Scheme ओबीसी बेटियों की शादी का सहारा बनी योगी सरकार:30,466 लाभार्थियों के खाते में पहुंचे 60.93 करोड़ रुपए; 1.05 लाख परिवारों को लाभ…

Dainik Bhaskar के अनुसार22 अगस्त 2026 को 12:55 am बजे
ओबीसी बेटियों की शादी का सहारा बनी योगी सरकार:  30,466 लाभार्थियों के खाते में पहुंचे 60.93 करोड़ रुपए; 1.05 लाख परिवारों को लाभ देने का लक्ष्य

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Up khaas

- UP Shadi Anudan Yojana | Yogi Adityanath OBC Marriage Grant Scheme

ओबीसी बेटियों की शादी का सहारा बनी योगी सरकार:30,466 लाभार्थियों के खाते में पहुंचे 60.93 करोड़ रुपए; 1.05 लाख परिवारों को लाभ देने का लक्ष्य

- कॉपी लिंक

आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी परिवारों की बेटियों की शादी में मदद के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की शादी अनुदान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 30,466 लाभार्थियों को 60.93 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। योजना के तहत सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 1.05 लाख पात्र लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 210 करोड़ रुपए का वार्षिक बजट लक्ष्य तय किया गया है।

योजना के लिए मिले 96,956 आवेदन

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक योजना के तहत अब तक 96,956 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 12,855 आवेदन निरस्त किए गए हैं। वहीं, पात्र पाए गए लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से सहायता दी जा रही है। सरकार की ओर से अब तक योजना के लिए 106.65 करोड़ रुपए आवंटित किए जा चुके हैं। अब तक 60.93 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है, जो आवंटित धनराशि का करीब 57.13% है। सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जा रही है।

हर पात्र परिवार को 20 हजार रुपए की मदद

शादी अनुदान योजना के तहत पात्र परिवार को बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपए तक होनी चाहिए। इसके अलावा विवाह के समय लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष होनी जरूरी है।

इन परिवारों को प्राथमिकता

योजना में आवेदन करने वाले दिव्यांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर बेटी की शादी के समय आने वाले खर्च का बोझ कुछ कम करना है।

सीधे बैंक खाते में पहुंच रही रकम

सरकार ने योजना की प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा है, ताकि आवेदन से लेकर सहायता राशि के भुगतान तक पारदर्शिता बनी रहे। पात्र लाभार्थियों को स्वीकृत धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम करने और लाभार्थियों तक सीधे सहायता पहुंचाने में मदद मिल रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह के मुताबिक, सरकार का लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक स्थिति को बाधा नहीं बनने देना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को समय पर सहायता देने और भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें