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सावधान! आपकी जेब में तो नकली नोट नहीं? कानपुर में पकड़े गए 3 शातिर, घर में छाप रहे थे जाली करेंसी, लाखों 'रुपए' बरामद

सावधान! आपकी जेब में तो नकली नोट नहीं? कानपुर में पकड़े गए 3 शातिर, घर में छाप रहे थे जाली करेंसी, लाखों 'रुपए' बरामद यह गिरोह एक के बदले तीन के रेट पर अपने ग्राहकों को यह नकली मुद्रा बेचता था. By ETV Bharat Uttar Prades…

ETV Bharat के अनुसार10 सितंबर 2026 को 04:04 pm बजे
सावधान! आपकी जेब में तो नकली नोट नहीं? कानपुर में पकड़े गए 3 शातिर, घर में छाप रहे थे जाली करेंसी, लाखों 'रुपए' बरामद

सौजन्य से:- ETV Bharat

सावधान! आपकी जेब में तो नकली नोट नहीं? कानपुर में पकड़े गए 3 शातिर, घर में छाप रहे थे जाली करेंसी, लाखों 'रुपए' बरामद

यह गिरोह एक के बदले तीन के रेट पर अपने ग्राहकों को यह नकली मुद्रा बेचता था.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : September 10, 2026 at 8:50 PM IST

कानपुर : शहर में कमिश्नरेट की अपराध शाखा और थाना रेलबाजार पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़े फर्जीवाड़ा गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से दो लाख, चार हजार, छह सौ पचास रुपये के जाली नोट, एक कलर प्रिंटर और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए हैं.

अपर पुलिस आयुक्त संकल्प शर्मा ने बताया कि मुखबिर की सूचना के आधार पर एसओजी और रेल बाजार थाने की संयुक्त टीम ने राम लीला ग्राउंड के पास घेराबंदी कर दबिश दी और तीनों आरोपियों को दबोच लिया. पकड़े गए आरोपियों की पहचान सोमिल गुप्ता निवासी जालौन, रोशन अली निवासी बलरामपुर हाल निवासी मूलगंज चौराहा कानपुर और शेर सिंह निवासी उन्नाव, हाल निवासी चकेरी कानपुर के रूप में हुई है.

पूछताछ और जांच से पता चला है कि आरोपी पिछले तीन-चार महीनों से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे. ये लोग कलर प्रिंटर की मदद से बाजार में खपाने के लिए 50, 100 और 500 रुपये के जाली नोट तैयार करते थे. यह गिरोह एक के बदले तीन के रेट पर अपने ग्राहकों को यह नकली मुद्रा बेचता था. अपर पुलिस आयुक्त ने बताया कि ये लोग मुख्य रूप से इन नोटों को उन लोगों को देते थे जो कम पढ़े-लिखे होते थे, ताकि वे आसानी से उन्हें झांसा देकर मौके से फरार हो सकें.

पहले से दर्ज हैं 15 केस

पुलिस की जांच में आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का भी पता चला है. अपर पुलिस आयुक्त संकल्प शर्मा ने बताया कि तीनों अपराधियों पर कुल मिलाकर लगभग 15 पुराने मुकदमे दर्ज हैं. हालांकि, ये मुकदमे सीधे तौर पर फेक करेंसी से जुड़े नहीं हैं, बल्कि इनमें मुख्य रूप से ट्रेनों में चोरी करने, जेब काटने और इस तरह के अन्य आपराधिक कृत्य शामिल हैं. ट्रेन या अन्य स्थानों पर चोरी के मामलों में लिप्त रहे इन बदमाशों ने आपस में मिलकर यह फर्जी नोट छापने का नया धंधा शुरू किया था.

अपर पुलिस आयुक्त ने बताया कि इन आरोपियों को नोट छापने के लिए कागज उपलब्ध कराने और प्रिंट करने का तरीका सिखाने वाले अन्य सहयोगियों के नाम भी सामने आए हैं. ये सभी लोग कानपुर और आसपास के जिलों के ही रहने वाले हैं. पुलिस अब इनके अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है और जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी. फिलहाल, पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उन्हें न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है.

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