होमशिक्षा-करियरयूपी के स्कूली बच्चों के लिए योगी सरकार की बड़ी पहल, हर जिले में खुलेंगे 3-3 सेंटर
शिक्षा-करियर

यूपी के स्कूली बच्चों के लिए योगी सरकार की बड़ी पहल, हर जिले में खुलेंगे 3-3 सेंटर

यूपी के स्कूली बच्चों के लिए योगी सरकार की बड़ी पहल, हर जिले में खुलेंगे 3-3 सेंटर प्रदेश में विद्यालयी बसों की अधिकतम आयु सीमा 15 साल निर्धारित है। राज्य सरकार ने हर जिले में तीन-तीन फिटनेस जांच सेंटर खोलने का निर्णय लि…

livehindustan.com के अनुसार5 अगस्त 2026 को 08:18 pm बजे
यूपी के स्कूली बच्चों के लिए योगी सरकार की बड़ी पहल, हर जिले में खुलेंगे 3-3 सेंटर

सौजन्य से:- livehindustan.com

यूपी के स्कूली बच्चों के लिए योगी सरकार की बड़ी पहल, हर जिले में खुलेंगे 3-3 सेंटर

प्रदेश में विद्यालयी बसों की अधिकतम आयु सीमा 15 साल निर्धारित है। राज्य सरकार ने हर जिले में तीन-तीन फिटनेस जांच सेंटर खोलने का निर्णय लिया है। यह घोषणा बुधवार को परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह ने विधान परिषद में की। फिटनेस जांच में स्कूली वाहनों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जा सकती।

उत्तर प्रदेश के स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ी पहल की है। राज्य सरकार जल्द ही प्रदेश के हर जिले तीन-तीन वाहन फिटनेस जांच सेंटर खोलेगी। यह घोषणा बुधवार को विधान परिषद में परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने की। उन्होंने कहा कि फिटनेस जांच में स्कूली वाहनों को किसी भी प्रकार की छूट दिया जाना इसलिए संभव नहीं है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने स्कूली वाहनों की फिटनेस की जांच को लेकर दिशा निर्देश जारी कर रखे हैं।

सपा के आशुतोष सिन्हा ने प्रश्नकाल में विद्यालयी बसों और विद्यालयी वाहनों के फिटनेस जांच का मुद्दा उठाते हुए पूछा था कि प्रदेश में विद्यालयी बसों की अधिकतम आयु सीमा 15 वर्ष निर्धारित है, जबकि ऐसे वाहन सामान्य यात्री बसों की तुलना में प्रतिदिन औसतन करीब दो घंटे तथा वर्ष में सीमित कार्य दिवसों पर ही संचालित होते हैं। ऐसे में सीमित संचालन, नियमित रखरखाव तथा विद्यार्थियों और अभिभावकों पर पड़ने वाले आर्थिक भार को देखते हुए क्या सरकार विद्यालयी वाहनों की आयु सीमा बढ़ाने पर विचार करेगी।

परिवहन राज्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान नियमों के अनुसार शिक्षा संस्था की बसों की अधिकतम आयु 15 वर्ष तथा निजी विद्यालय बसों और विद्यालय वैन की आयु 10 वर्ष निर्धारित है। उन्होंने विद्यालयी वाहनों की आयु सीमा बढ़ाने से इनकार करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, वाहन की भौतिक, यांत्रिक और तकनीकी स्थिति तथा सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वर्तमान आयु सीमा निर्धारित की गई है। ऐसे में आयु सीमा बढ़ाने से सड़क सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इस दौरान भाजपा और शिक्षक दल के कई सदस्यों मसलन, भाजपा के उमेश द्विवेदी, हरी सिंह ढिल्लो, देवेन्द्र प्रताप सिंह के अलावा शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने आशुतोष सिन्हा के सवाल का समर्थन करते हुए कहा कि यदि कोई विद्यालय वाहन नियमित रूप से फिटनेस परीक्षण में उत्तीर्ण हो रहा है तथा उसकी तकनीकी स्थिति सुरक्षित है, तो केवल आयु के आधार पर उसे संचालन से बाहर करना पुनर्विचार योग्य विषय है।

लेखक के बारे में

Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

और पढ़ें

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें