'27 में 27000'; सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओ को निर्देश, यूपी चुनाव के लिए मेगा प्लान तैयार
सपा कैडरों को भाजपा के पक्ष में वोट करने वाले वोटरों के बीच जाने और अपने पक्ष में लाने की रणनीति पर अमल करने का निर्देश दिया। सरकार की कमियों को उनके सामने उजागर करने को पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक यानी पीडीए समाज को समाजवादी…

सौजन्य से:- navbharattimes.indiatimes.com
सपा कैडरों को भाजपा के पक्ष में वोट करने वाले वोटरों के बीच जाने और अपने पक्ष में लाने की रणनीति पर अमल करने का निर्देश दिया। सरकार की कमियों को उनके सामने उजागर करने को पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक यानी पीडीए समाज को समाजवादी पार्टी के पक्ष में लाने के लिए पूरा जोर लगाएं। समाजवादी पार्टी की इस रणनीति में भारतीय जनता पार्टी के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी है।
बूथ स्तरीय सम्मेलनों पर जोर
अखिलेश यादव ने बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलनों पर जोर दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे भारतीय जनता पार्टी के वोटरों के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए पूरा जोर लगाएं। विधानसभा सीट स्तर पर 27 में 27,000 वोटरों को काटने की रणनीति को समाजवादी पार्टी एक अभियान के तौर पर कोशिश कर रही है। इसके लिए हर बूथ को मजबूत बनाने की रणनीति पर काम शुरू किया गया है।पीडीए पॉलिटिक्स की चर्चा
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पीडीए पॉलिटिक्स के जरिए भारतीय जनता पार्टी को बैकफुट पर धकेलने में कामयाबी हासिल की थी। अब 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के वोट बैंक में सेंधमारी के जरिए पार्टी की कोशिश एक बार फिर सत्ता में वापसी करती दिख रही है।बीजेपी की रणनीति से मात देने की तैयारी
भारतीय जनता पार्टी ने बूथों को मजबूत बनाकर समाजवादी पार्टी को 2017 में सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया था। यूपी चुनाव 2027 को लेकर सपा का सबसे अधिक जोर बूथों पर संगठन को मजबूत बनाने का है। इसलिए, तमाम बड़े नेताओं और सांसद, विधायकों को बूथ स्तरीय सम्मेलनों पर जोर देने का निर्देश दिया गया है। इस क्रम में पार्टी के सांसद-विधायक लगातार अपने क्षेत्र में बूथ स्तरीय सम्मेलनों के जरिए माहौल बनाने में जुट गए हैं।सरकार पर लगातार हमला
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की रणनीति हर विधानसभा में भाजपा के 27 हजार वोट सपा में लाने के साथ ही सरकार की छवि पर हमले की भी है। अखिलेश यादव ने इस क्रम में युवाओं के मुद्दे को छेड़ा है। उन्होंने प्रदेश में सबसे अधिक पेपर लीक के मामले आने की बात कहते हुए कहा कि सरकार ने नौकरियां खत्म कर दीं। योगी सरकार के निवेश के दावों पर भी हमला करते हुए अखिलेश ने कहा कि जमीनें खाली पड़ी हैं। प्रदेश में निवेश नहीं आया।किसानों से जमीन लिए जाने के बाद की स्थिति पर भी अखिलेश यादव ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि किसानों से जमीन लिए जाने के बाद मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने जमीन घोटाले के आरोप भी सरकार पर लगाए। सपा अध्यक्ष ने प्रदेश के बदहाल अस्पतालों का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार को निशाने पर लिया है।
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