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प्रयागराज में गंगा-यमुना खतरे के निशान के करीब: 24 घंटे में 23 सेमी बढ़ा जलस्तर; रसूलाबाद घाट डूबा, बाढ़ का खतरा - Prayagraj (Allahabad) News

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bhaskar.com के अनुसार1 सितंबर 2026 को 02:31 pm बजे
प्रयागराज में गंगा-यमुना खतरे के निशान के करीब:  24 घंटे में 23 सेमी बढ़ा जलस्तर; रसूलाबाद घाट डूबा, बाढ़ का खतरा - Prayagraj (Allahabad) News

सौजन्य से:- bhaskar.com

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प्रयागराज में गंगा-यमुना खतरे के निशान के करीब:24 घंटे में 23 सेमी बढ़ा जलस्तर; रसूलाबाद घाट डूबा, बाढ़ का खतरा

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प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दोनों नदियां अब खतरे के निशान की ओर तेजी से अग्रसर हैं, जिससे शहर के तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। पिछले 24 घंटे में नदियों के जलस्तर में 19 से 23 सेंटीमीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

सिंचाई विभाग के अनुसार, प्रयागराज में नदियों के लिए खतरे का निशान 84.734 मीटर निर्धारित है। मंगलवार सुबह आठ बजे तक फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 82.88 मीटर पहुंच गया, जिसमें पिछले 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। इसी अवधि में छतनाग में गंगा का जलस्तर 81.97 मीटर दर्ज किया गया, जो 19 सेंटीमीटर बढ़ा है।

एसटीपी बख्शी बांध पर गंगा का जलस्तर 82.49 मीटर तक पहुंच गया है, जहां 24 घंटे में सर्वाधिक 23 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। नैनी में यमुना का जलस्तर 82.39 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जिसमें पिछले 24 घंटे में 19 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है।

जलस्तर में वृद्धि का असर अब शहर के प्रमुख घाटों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। रसूलाबाद घाट पूरी तरह से पानी में डूब गया है, और नदी का पानी श्मशान घाट के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया है। इससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि शवों के दाह संस्कार के लिए सूखी जगह लगातार कम हो रही है।

घाटों के जलमग्न होने के साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि जिले के सभी तटबंध अभी सुरक्षित हैं। सिंचाई विभाग और बाढ़ नियंत्रण कक्ष लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं।

प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, और पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

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