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साहिबाबाद से योगी सरकार के मंत्री बचा पाएंगे अपनी सीट? 2027 के यूपी चुनाव से पहले जानें समीकरण

साहिबाबाद से योगी सरकार के मंत्री बचा पाएंगे अपनी सीट? 2027 के यूपी चुनाव से पहले जानें समीकरण 2027 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए साहिबाबाद में राह आसान है लेकिन सिटिंग विधायक की सक्रियता बीजेपी के अंदर सवालों के घेरे…

abplive.com के अनुसार1 सितंबर 2026 को 10:31 am बजे
साहिबाबाद से योगी सरकार के मंत्री बचा पाएंगे अपनी सीट? 2027 के यूपी चुनाव से पहले जानें समीकरण

सौजन्य से:- abplive.com

साहिबाबाद से योगी सरकार के मंत्री बचा पाएंगे अपनी सीट? 2027 के यूपी चुनाव से पहले जानें समीकरण

2027 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए साहिबाबाद में राह आसान है लेकिन सिटिंग विधायक की सक्रियता बीजेपी के अंदर सवालों के घेरे में है.

साहिबाबाद सीट की विधानसभा संख्या 55 है. साहिबाबाद प्रवासी विधानसभा सीट भी मानी जाती है. यहां पर स्थानीय लोगों के साथ साथ देश भर से लोग आकर रहते हैं और साहिबाबाद के मूल मतदाता भी बन चुके हैं. साहिबाबाद विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी सीट मानी जाती है, 2024 लोकसभा चुनाव में इस सीट पर लगभग 10 लाख मतदाता थे.

साहिबाबाद विधानसभा सीट बीजेपी का गढ़ बन चुकी है. संघ भी अगर कुछ एक इलाकों में सक्रिय दिखाई देता है तो वो साहिबाबाद के ही इलाके हैं. 2012 से पहले साहिबाबाद विधानसभा सीट गाजियाबाद विधानसभा सीट का हिस्सा हुआ करती थी. 2008 में परिसीमन के बाद साहिबाबाद विधानसभा सीट अस्तित्व में आई और 2012 में विधानसभा चुनाव हुए. परिसीमन से पहले तक कांग्रेस और बीजेपी इस विधानसभा सीट पर चुनाव जीतते रहे. लेकिन परिसीमन के तुरंत बाद 2012 विधानसभा चुनाव में बसपा के अमरपाल शर्मा विधायक बन गए. 2017 और 2022 में साहिबाबाद विधानसभा सीट पर बीजेपी की जीत हुई.

2026 एसआईआर के बाद साहिबाबाद विधानसभा सीट पर 7,29,899 मतदाता बचे हैं. जबकि 2024 लोकसभा चुनाव में साहिबाबाद विधानसभा सीट पर 10,54,464 मतदाता थे. यानी एसआईआर के बाद लगभग 3,24,565 मतदाता कम हुए हैं. साहिबाबाद जैसी शहरी विधानसभा सीट पर 3 लाख से ज्यादा मतदाता कम होना बीजेपी के लिए चुनौतीपूर्ण है. हालांकि साहिबाबाद में बीजेपी के कई नेता यह मानते हैं कि सिटिंग विधायक सुनील शर्मा को एसआईआर प्रक्रिया में जितना लगना चाहिए था, उतने लगे नहीं. दरअसल साहिबाबाद में वोटों का कम होने का सीधा मतलब है कि बीजेपी समर्थित मतदाता ही कम हुए हैं.

2022 विधानसभा चुनाव में साहिबाबाद विधानसभा सीट पर बीजेपी के सुनील शर्मा चुनाव जीते. सुनील शर्मा अभी योगी सरकार में मंत्री भी हैं. सपा ने अमरपाल शर्मा और बसपा ने अजीत कुमार पाल को टिकट दिया. कांग्रेस ने संगीता त्यागी को प्रत्याशी बनाया.

2022 विधानसभा चुनाव में साहिबाबाद विधानसभा सीट के चुनावी नतीजे-

1. बीजेपी- 3,22,882

2. सपा- 1,08,047

3. बसपा- 24,136

4. कांग्रेस- 10,273

2022 विधानसभा चुनाव में साहिबाबाद विधानसभा सीट से बीजेपी ने जीत दर्ज की. बीजेपी के सुनील शर्मा ने सपा के अमरपाल शर्मा को लगभग 2 लाख से ज्यादा वोटों से चुनाव हरा दिया. बीजेपी को 67.03 फीसदी और सपा को 22.43 प्रतिशत वोट मिले. दोनों दलों के बीच लगभग 45 प्रतिशत वोटों का अंतर रहा. बीएसपी को लगभग 24 हजार वोट मिले और कांग्रेस को 10 हजार वोट हासिल हुए.

2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी को ब्राह्मण, वैश्य, पंजाबी, त्यागी, क्षत्रिय, गुर्जर और पाल वोट मिले. इसके अलावा बीजेपी को एससी समाज का भी बड़ा वोट इस विधानसभा सीट पर हासिल हुआ. ब्राह्मण वोटों का कुछ हिस्सा और खोड़ा कॉलोनी का वोट सपा के अमरपाल शर्मा के साथ गया. हाई राइज सोसायटी और शहरी इलाके का अधिकतर वोट बीजेपी के साथ गए. सपा को मुस्लिम और यादव वोट पूरे मिले. बसपा को इस विधानसभा सीट पर भारी नुकसान हुआ. बसपा का वोट बीजेपी की तरफ गया और कुछ एक हजार वोट सपा भी ले गई.

2024 लोकसभा चुनाव में साहिबाबाद विधानसभा सीट के चुनावी नतीजे-

1. बीजेपी- 3,11,036

2. कांग्रेस-सपा गठबंधन- 1,19,852

3. बसपा- 14,449

2024 लोकसभा चुनाव में साहिबाबाद विधानसभा सीट पर बीजेपी ने ऐतिहासिक वोटों से जीत दर्ज की. बीजेपी के अतुल गर्ग ने कांग्रेस की डॉली शर्मा को 1.91 लाख वोटों से हरा दिया. 2022 की तुलना में 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी का लगभग 11 हजार वोट कम हुआ और सपा गठबंधन का 11 हजार वोट बढ़ा है. बसपा को 14 हजार वोट मिले.

2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी और सपा दोनों को ही 2022 वाले पैटर्न पर ही वोट मिले. लेकिन 2027 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए बड़ा सिर दर्द एसआईआर बन सकता है. हालांकि एसआईआर के बाद भी बीजेपी के पास जीत का पर्याप्त वोट साहिबाबाद विधानसभा सीट पर मौजूद है, पर अपने मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक पहुँचाना बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि एसआईआर में 3 लाख के आसपास वोट घटे हैं.

साहिबाबाद विधानसभा सीट का जातीय समीकरण (अनुमानित)-

1. ब्राह्मण- 1.50 लाख

2. मुस्लिम- 1.25 लाख

3. वैश्य- 90 हजार

4. पंजाबी- 60 हजार

5. एससी- 90 हजार

6. पूर्वांचल- 50 हजार

7. उत्तराखंडी- 45 हजार

8. जाट- 35 हजार

9. गुर्जर- 20 हजार

10. पाल- 15 हजार

11. यादव- 20 हजार

12. त्यागी- 30 हजार

13. क्षत्रिय- 35 हजार

साहिबाबाद विधानसभा सीट पर ब्राह्मण मतदाता सबसे ज़्यादा हैं और दूसरे नंबर पर मुस्लिम मतदाता आते हैं. इसके अलावा वैश्य, पंजाबी, क्षत्रिय, उत्तराखंडी और पूर्वांचल के वोट बड़ी संख्या में हैं. यादव वोट 20 हजार की संख्या में हैं. एसआईआर के बाद सबसे ज्यादा वोट उत्तराखंडी समाज और पूर्वांचल समाज के घटे हैं. यही नहीं एसआईआर में ब्राह्मण, वैश्य और पंजाबी मतदाता भी घटे हैं.

2027 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए साहिबाबाद में राह आसान है लेकिन सिटिंग विधायक की सक्रियता बीजेपी के अंदर सवालों के घेरे में है. वहीं एसआईआर के बाद 3 लाख वोट कम होने के बाद सपा की उम्मीदें कुछ जरूर बढ़ी हैं.

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