होमक्राइमयूपी चुनाव 2027 से पहले मायावती ने कर दिया सर्वणों को नाराज? बयान से मिले संकेत
क्राइम

यूपी चुनाव 2027 से पहले मायावती ने कर दिया सर्वणों को नाराज? बयान से मिले संकेत

यूपी चुनाव 2027 से पहले मायावती ने कर दिया सर्वणों को नाराज? बयान से मिले संकेत यूपी चुनाव 2027 से पहले मायावती की एक मांग से सवर्ण नाराज हो सकते हैं. बीजेपी, सपा और कांग्रेस पर हमला करते हुए मायावती ने जो मांग की है, उस…

ABP News के अनुसार11 अगस्त 2026 को 08:18 am बजे
यूपी चुनाव 2027 से पहले मायावती ने कर दिया सर्वणों को नाराज? बयान से मिले संकेत

सौजन्य से:- ABP News

यूपी चुनाव 2027 से पहले मायावती ने कर दिया सर्वणों को नाराज? बयान से मिले संकेत

यूपी चुनाव 2027 से पहले मायावती की एक मांग से सवर्ण नाराज हो सकते हैं. बीजेपी, सपा और कांग्रेस पर हमला करते हुए मायावती ने जो मांग की है, उससे बसपा की भी मुश्किल बढ़ सकती है.

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के एक बयान से उत्तर प्रदेश में सवर्ण मतदाता नाराज हो सकता है. यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने 11 अगस्त, मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में निजी क्षेत्र में आरक्षण की मांग उठा दी है. इस मांग से भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की मुश्किलें तो बढ़ ही सकती हैं, उससे ज्यादा बसपा के लिए टेंशन बढ़ने के आसार हैं.

मायावती ने कहा कि सरकार ने पब्लिक सेक्टर को कमजोर किया, प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा दिया. इससे देश के पूंजीपति और मजबूत होते जा रहे हैं. सर्व समाज से गरीब और बेरोजगार लोग और पिछड़ते जा रहे हैं. अब दलित, आदिवासी व अन्य पिछड़े वर्गों का आरक्षण न के बराबर रह गया है. इसके बाद भी आरएसएस के लोग इसे निष्प्रभावी बनाने में लगा है.

बसपा चीफ ने मांग की है कि सरकारी नौकरियों में मिल रहे आरक्षण की तरह निजी क्षेत्र में भी आरक्षण मिलना चाहिए.बीजेपी, कांग्रेस पार्टी की तरह हमने जातीवादी, पूंजीवादी मानसिकता से सरकार नहीं चलाई. हमने सर्वजनहिताय के सिद्धांत से सरकार चलाई है.

इससे पहले बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को हाईजैक कर लिया.

सपा पर बसपा चीफ ने उठाए थे सवाल

झारखंड में लाठीचार्ज पर अखिलेश के सांसद बोले- कीमत चुकानी पड़ेगी...

निजी क्षेत्र में आरक्षण की मांग से सवर्ण नाराज हो सकते हैं जिन्हें बसपा अपने साथ लाने की कोशिश कर रही है. बीते दिनों जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव नेएक जनसभा की थी, तब मायावती ने उन पर सवाल उठाए थे.

मायावती ने उस वक्त कहा था कि सवर्ण समाज का हित, बसपा में ही निहित है. उन्होंने दावा किया था कि सपा सिर्फ नारों और बयानों में ही सवर्णों का हित देखती है, हकीकत की जमीन पर उनका कोई आधार नहीं है.

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें