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यूपी के इस इलाके के लिए योगी सरकार ने खोला खजाना, 2022 में सपा ने दी थी कड़ी टक्कर

यूपी के इस इलाके के लिए योगी सरकार ने खोला खजाना, 2022 में सपा ने दी थी कड़ी टक्कर यूपी की योगी सरकार की निगाहें अब अगले विधानसभा चुनाव पर लग गई हैं। इसी को देखते हुए अनुपूरक बजट में विकास परियोजनाओं का सबसे बड़ा हिस्सा…

Hindustan के अनुसार5 अगस्त 2026 को 05:18 pm बजे
यूपी के इस इलाके के लिए योगी सरकार ने खोला खजाना, 2022 में सपा ने दी थी कड़ी टक्कर

सौजन्य से:- Hindustan

यूपी के इस इलाके के लिए योगी सरकार ने खोला खजाना, 2022 में सपा ने दी थी कड़ी टक्कर

यूपी की योगी सरकार की निगाहें अब अगले विधानसभा चुनाव पर लग गई हैं। इसी को देखते हुए अनुपूरक बजट में विकास परियोजनाओं का सबसे बड़ा हिस्सा उस हिस्से को दिया गया है जहां सपा से कड़ी टक्कर मिली थी।

मिशन 2027 की ओर बढ़ती सरकार की निगाहें यूपी के पूरब की ओर हैं। पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पूर्वांचल में हुए नुकसान को देखते हुए सरकार उस तरफ विकास की लंबी लकीर खींचती दिखाई दे रही है। अनुपूरक बजट में विकास परियोजनाओं का सबसे बड़ा हिस्सा पूर्वांचल को ही गया है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने पूर्वांचल की 41 सीटों पर कब्जा किया था। इनमें भाजपा का अपना अकेले का हिस्सा 34 सीटों का था। वहीं, 2022 के विधान सभा चुनाव में सपा ने अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर पूर्वांचल की 31 सीटों पर जीत हासिल कर भाजपा का नुकसान किया था। भाजपा सहयोगी दलों के साथ मिलकर कुल 29 सीटें ही जीत सकी थी।

विधानमंडल के दोनों सदनों में मंगलवार को पेश किए बजट में सरकार ने पूर्वांचल पर बड़ा दिल दिखाया है। गंगा एक्सप्रेस-वे को प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली होते हुए सोनभद्र तक विन्ध्य एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाएगा। सरकार ने इसकी जमीन खरीदने और निर्माण के लिए 6500 करोड़ रुपये का इंतजाम किया है। इसके अलावा विंध्य एक्सप्रेस-वे पर सोनभद्र से शुरू होकर चंदौली, गाजीपुर होते हुए लिंक एक्सप्रसे का निर्माण किया जाना है। इसके लिए सरकार ने 2300 करोड़ रुपये का इंतजाम किया है।

दलित वोटरों को साधने की कोशिश

विशेषज्ञ मानते हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव में दलितों का एक बड़ा हिस्सा विपक्ष (सपा और कांग्रेस) में शिफ्ट हो गया था। परिणाम इसकी तस्दीक भी करते हैं। लिहाजा सरकार विधान सभा चुनाव में जाने से पहले अनुपूरक में इसे सुलझाते हुए दिख रही है। सरकार ने डॉ. बीआर अंबेडकर मूर्ति विकास योजना में 407 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं। सरकार इस रकम का इस्तेमाल डॉ. अंबेडकर और अन्य दलित महापुरुषों की मूर्तियां लगाने में करेगी।

वीबी-जीराम-जी में बड़ी रकम एक बार में

सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के लिए खजाना खोलकर चुनाव में अपनी उम्मीदें बांधी हैं। अनुपूरक की 28 फीसदी रकम ग्राम्य विकास को दी गई है। इसमें वीबी-जीरामजी योजना के लिए 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम प्रस्तावित है। इस योजना के भी सबसे ज्यादा लाभार्थी पूर्वांचल से ही हैं। लिहाजा मनरेगा की जगह लाई गई इस योजना को लेकर सरकार बेहद मुस्तैद दिखाई दे रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

बुनियादी ढांचा मजबूत होगा

अनुपूरक बजट का 70 प्रतिशत हिस्सा योगी सरकार ने बुनियादी परियोजनाओं पर खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। तकरीबन 41,620 करोड़ रुपये इनमें खर्च होंगे। रकम का इस्तेमाल प्रदेश में नए लिंक एक्सप्रेस-वे, एक्सप्रेस-वे के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, डाटा सेंटर के निर्माण में किया जाएगा। अनुपूरक बजट में जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। आगरा एक्सप्रेस-वे को गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए 400 करोड़ रुपये, विन्ध्य एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए 6500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव अनुपूरक बजट में दिया गया है।

सामान्य वर्ग के आश्रित छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृति के लिए 155 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च प्रस्तावित किया है। युवाओं के कौशल विकास के लिए 31 राजकीय पॉलिटेक्निक में बनाए जा रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए 382 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। राजकीय पॉलिटेक्निक के लिए 101 करोड़ रुपये का प्रावधान है। ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर छात्रों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जाएगी। गांवों में सोलर लाइटें लगवाने के लिए सरकार मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना शुरू कर रही है।

लेखक के बारे में

Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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