होम›शिक्षा-करियर›लखनऊ में रोडवेज कर्मचारियों का प्रदर्शन, 2000 करोड़ का आर्थिक पैकेज देने की हुई मांग - lucknow roadways employees demand 2000 cr economic package
शिक्षा-करियर

लखनऊ में रोडवेज कर्मचारियों का प्रदर्शन, 2000 करोड़ का आर्थिक पैकेज देने की हुई मांग - lucknow roadways employees demand 2000 cr economic package

लखनऊ में रोडवेज कर्मचारियों का प्रदर्शन, 2000 करोड़ का आर्थिक पैकेज देने की हुई मांग लखनऊ में उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने परिवहन निगम को आर्थिक संकट से उबारने के लिए 2000 करोड़ रुपये ...और पढ़ें HighLights - लखनऊ…

jagran.com के अनुसार22 सितंबर 2026 को 01:04 am बजे
लखनऊ में रोडवेज कर्मचारियों का प्रदर्शन, 2000 करोड़ का आर्थिक पैकेज देने की हुई मांग
 - lucknow roadways employees demand 2000 cr economic package

सौजन्य से:- jagran.com

लखनऊ में रोडवेज कर्मचारियों का प्रदर्शन, 2000 करोड़ का आर्थिक पैकेज देने की हुई मांग

लखनऊ में उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने परिवहन निगम को आर्थिक संकट से उबारने के लिए 2000 करोड़ रुपये ...और पढ़ें

HighLights

- लखनऊ में रोडवेज कर्मचारियों ने 2000 करोड़ के पैकेज की मांग की।

- उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

- डग्गामार बसों पर रोक और संविदाकर्मियों के नियमितीकरण की मांग।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। परिवहन निगम को आर्थिक संकट से उबारने के लिए रोडवेज कर्मचारियों ने निगम को 2000 करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज देने की मांग की। सोमवार को उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने प्रदर्शन कर 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी प्रबंध निदेशक पीएन सिंह को सौंपा।

भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ के आह्वान पर कैसरबाग बस स्टेशन से निकली रैली परिवहन निगम मुख्यालय पहुंची। प्रदेश के सभी 20 क्षेत्रों के 120 डिपो से आए 5000 से अधिक कर्मचारी धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कर्मचारियों ने डग्गामार बसों पर प्रभावी रोक लगाने और निगम की बसों पर लगाए जा रहे अतिरिक्त करों में कमी की मांग की।

इस दौरान प्रदेश महामंत्री भारत भूषण ने कहा कि निगम पर सरकार के बकाया अतिरिक्त कर में से करीब 1000 करोड़ रुपये का पूंजी अंशदान माफ किया जाए, ताकि यात्रियों को कम किराये में बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीयकृत मार्गों का करीब तीन प्रतिशत हिस्सा ही निगम बसों के संचालन के लिए निर्धारित है।

डग्गामार बसों से निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा है। 55 हजार कर्मचारियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। मांगों में नियमित कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भर्ती, 10 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत संविदाकर्मियों का नियमितीकरण, अवैध कटौतियां बंद करना और सभी कार्मिकों को ईएसआई व सामाजिक सुरक्षा का लाभ देना शामिल है।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें