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नोएडा में 2000 करोड़ का 12-लेन डबल डेकर फ्लाईओवर, देखिए रूट्स, कहां-कहां से गुजरेगा

नोएडा में जाम बड़ी समस्या बनती जा रही है। रोज कई-कई किलोमीटर लंबा जाम लगने से लोग परेशान हो रहे हैं। ऐसे में नोएडा में डबल डेकर फ्लाईओवर बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हाइलाइट्स फ्लाईओवर बन जाने से 300000 यात्र…

Navbharat Times के अनुसार27 अगस्त 2026 को 03:27 pm बजे
नोएडा में 2000 करोड़ का 12-लेन डबल डेकर फ्लाईओवर, देखिए रूट्स, कहां-कहां से गुजरेगा

सौजन्य से:- Navbharat Times

नोएडा में जाम बड़ी समस्या बनती जा रही है। रोज कई-कई किलोमीटर लंबा जाम लगने से लोग परेशान हो रहे हैं। ऐसे में नोएडा में डबल डेकर फ्लाईओवर बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

हाइलाइट्स

फ्लाईओवर बन जाने से 300000 यात्री जाम से राहत पाएंगे

अतिक्रमण की समस्या के बिना शुरू होगा फ्लाईओवर निर्माण

फ्लाईओवर एनएच‑9 और डीएमई के ऊपर से गुजरेगा

मनीष सिंह, नोएडा: गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा में 2,000 करोड़ रुपये की लागत से 1,200 मीटर लंबा 12‑लेन डबल‑डेकर फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जिससे रोजाना लगभग 3 लाख यात्री जाम से राहत पाएंगे। यह फ्लाईओवर NH‑9 और DME के ऊपर से गुजरेगा।

फरीदाबाद‑नोएडा‑गाजियाबाद (एफएनजी) के छिजारसी इलाके में रोजाना तीन लाख यात्रियों को जाम से मुक्त कराने के लिए 1,200 मीटर लंबा 12‑लेन (दो स्तरीय, प्रत्येक पर छह‑छह लेन) डबल‑डेकर फ्लाईओवर बनाया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण ने इसका तकनीकी परीक्षण पूरा कर लिया है। करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत वाला यह फ्लाईओवर छिजारसी चौक से शुरू होकर इंदिरापुरम के पास सीआईएसएफ ग्राउंड के पास खत्म होगा और एनएच‑9 व डीएमई के ऊपर से गुजरेगा। इस परियोजना के लिए प्राधिकरण के अधिकारी एनएचएआई से एनओसी प्राप्त करेंगे।

अवैध अतिक्रमण बड़ी समस्या

छिजारसी के दोनों तरफ फिलहाल अतिक्रमण की समस्या है। एक तरफ गांव बढ़ते हुए एफएनजी सड़क तक पहुंच चुके हैं तो दूसरी तरफ हरनंदी के डूब क्षेत्र में तटबंध तक कब्जा कर अवैध निर्माण हो गया है। वहीं, इन अतिक्रमणों में अस्पताल, होटल, दुकानें और अन्य कई बहुमंजिला इमारतें शामिल हैं, जिन्हें हटाना संभव नहीं दिख रहा। इससे छिजारसी पर 640 मीटर सड़क चौड़ी करने और फ्लाईओवर बनाने का मार्ग साफ नहीं हो पा रहा है। प्राधिकरण रोजाना करीब तीन लाख यात्रियों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए प्रयासरत है और इस तक पहुंचने के लिए अब तक फ्लाईओवर के तीन अलग‑अलग प्रस्ताव तैयार किए जा चुके हैं।

2013 में पहला ड्राफ्ट तैयार हुआ

पहला ड्राफ्ट वर्ष 2013 में तैयार हुआ था, जिसमें छिजारसी चौक से NH‑9 तक 640 मीटर का फ्लाईओवर बनाकर उसे एनएच‑24 पार कर इंदिरापुरम मार्ग पर सीआईएसएफ ग्राउंड के पास उतारने का प्रस्ताव था। गाजियाबाद प्राधिकरण की तरफ से नोएडा प्राधिकरण को एनओसी मिल गई थी, लेकिन एनएचएआई की मंजूरी न मिलने की वजह से यह योजना जमीन पर नहीं उतरी। वर्ष 2015 में एनएच के चौड़ीकरण के चलते परियोजना स्थगित हो गई थी, लेकिन पिछले दो वर्षों से इस रूट पर फिर से काम शुरू हुआ और छिजारसी पर फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया।

ये समस्या बड़ी है

इस बार एफएनजी पर सेक्टर‑63A से सेक्टर‑63 की ग्रीन बेल्ट और एनएच‑9 के अंडरपास को एसजेएम अस्पताल के पास जोड़ने के उद्देश्य से 900 मीटर लंबा चार‑लेन फ्लाईओवर बनाने का तकनीकी परीक्षण करवा लिया गया है। वहीं, इसके बारे में संशय उठने लगे हैं, क्योंकि प्रस्तावित चार‑लेन फ्लाईओवर का जुड़ाव आठ‑लेन वाले एफएनजी, 18‑लेन डीएमई और एनएच‑9 से होगा। ऐसे में सिर्फ चार लेन जाम की समस्या हल नहीं कर पाएंगे, इसलिए प्राधिकरण के सीईओ ने सिविल विभाग से कहा कि अगर अतिक्रमण की वजह से साधारण फ्लाईओवर बनाना मुश्किल है तो डबल‑डेकर फ्लाईओवर का विकल्प भी देखा जाए। इसके बाद उसी रूट का तकनीकी सर्वे कराया गया।

सिंचाई विभाग को 4 करोड़ का फंड जारी

नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (सिविल) एसपी सिंह ने कहा कि डबल‑डेकर फ्लाईओवर बनाए जाने पर छिजारसी के दोनों ओर के अतिक्रमणों को हटाने की आवश्यकता नहीं होगी और नीचे से चलने वाला ट्रैफिक वैसे ही बना रहेगा। इससे परियोजना शुरू करने में कानूनी बाधाएं कम होंगी। प्राधिकरण ने नीचे की सड़क की 1.5 मीटर चौड़ाई बढ़ाने, 0.5 मीटर फुटपाथ बनाने, किनारे नालियां और सड़क की रिसर्फेसिंग के लिए 4 करोड़ रुपये का बजट यूपी सिंचाई विभाग‑गाजियाबाद खंड को जारी कर दिया है।

लेखक के बारे मेंविवेक मिश्राविवेक कुमार मिश्रा (Vivek Kumar Mishra) नवभारत टाइम्स ऑनलाइन (NBT.Com) में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीतिक-सियासी हलचल पर नजर रखते हैं। यूपी राजनीतिक विश्लेषण, उत्तर प्रदेश में हो रही घटनाओं पर नजर रखते हैं। उत्तर प्रदेश में अपराध, प्रशासन, डेवलपमेंट, यूपी सरकारी योजनाओं पर फोकस रखते हैं। उत्तराखंड की राजनीति हलचल, विश्लेषण, अपराध और घटनाक्रम पर भी विवेक कुमार मिश्रा फोकस रखते हैं।

अनुभव

यूपी के लखनऊ, मुरादाबाद, आगरा और नोएडा में हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक जागरण जैसे प्रिंट मीडिया में काम कर चुके हैं। दिसंबर 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के साथ जुड़े हैं। पत्रकारिता में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। इसमें डेस्क और फील्ड दोनों में काम किया है।

शिक्षा

राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय से स्नातक किया है। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) में परास्नातक किया हुआ है। विवेक कुमार मिश्रा मूल रूप से यूपी के बाराबंकी जिले के रहने वाले हैं।... और पढ़ें

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