होमक्राइमलखनऊ में बैठ अमेरिकन को बना रहे थे निशाना; पुलिस ने कॉल सेंटर का किया भंडाफोड़, चल रहा था फर्जीवाड़े का खेल, 16 गिरफ्तार
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लखनऊ में बैठ अमेरिकन को बना रहे थे निशाना; पुलिस ने कॉल सेंटर का किया भंडाफोड़, चल रहा था फर्जीवाड़े का खेल, 16 गिरफ्तार

लखनऊ पुलिस ने कपूरथला इलाके में एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह कॉल सेंटर अमेरिकी नागरिकों को टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर ठग रहा था। पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह के 16 लोगों को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार…

navbharattimes.indiatimes.com के अनुसार18 सितंबर 2026 को 07:04 pm बजे
लखनऊ में बैठ अमेरिकन को बना रहे थे निशाना; पुलिस ने कॉल सेंटर का किया भंडाफोड़, चल रहा था फर्जीवाड़े का खेल, 16 गिरफ्तार

सौजन्य से:- navbharattimes.indiatimes.com

लखनऊ पुलिस ने कपूरथला इलाके में एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह कॉल सेंटर अमेरिकी नागरिकों को टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर ठग रहा था। पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह के 16 लोगों को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार लोग कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस लेकर वित्तीय धोखाधड़ी करते थे।

हाइलाइट्स

Lucknow Fake Call Center Busted: लखनऊ पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर पर एक्शन लिया है। लखनऊ में बैठकर आरोपी अमेरिका के लोगों को चूना लगा रहे थे। मामला सामने आने के बाद 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

हेमेंद्र त्रिपाठी, लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पिछले दिनों अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी का कारोबार चला रहे फर्जी कॉल सेंटर पर नकेल कसने के बाद लखनऊ पुलिस पूरी तरह से ऐसे कॉल सेंटरों पर नकेल कसने में जुट गई है। तेजी से हो रही छापेमारी की कार्रवाई के बीच शुक्रवार को लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र स्थित कपूरथला इलाके में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी करने वाले एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया। बताया जा रहा है कि इस फर्जी कॉल सेंटर से अमेरिका के नागरिकों को टेक्निकल सपोर्ट देने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही थी।

पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर 4 युवतियों समेत कुल 16 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस की ओर से की गई शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि यह गैंग विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर सिस्टम, निजी दस्तावेजों और बैंक खातों की संवेदनशील जानकारियां जुटाकर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था। पुलिस पकड़े गए लोगों से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

मॉर्निंग पेट्रोलिंग के दौरान खुला राज

DCP नॉर्थ अमित कुमार आनंद ने इस छापेमारी को लेकर बताया कि शुक्रवार सुबह पुलिस की नियमित मॉर्निंग पेट्रोलिंग चल रही थी। इसी दौरान पेट्रोलिंग टीम को कपूरथला इलाके में एक व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। पुलिस ने जब उसे रोककर कड़ाई से पूछताछ की तो कपूरथला स्थित नॉवेल्टी सिनेमा के पास रिध्या प्लाजा में चल रहे एक अवैध और फर्जी कॉल सेंटर की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने आनन फानन में सेंटर पर छापेमारी की।

डीसीपी ने कहा कि अचानक हुई इस कार्रवाई से सेंटर के भीतर हड़कंप मच गया। सेंटर में मौके पर मौजूद 12 युवक और 4 युवतियां संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए, जिन्हें पुलिस की ओर से तत्काल हिरासत में ले लिया गया।

वित्तीय डेटा की चोरी का खुलासा

फर्जी कॉल सेंटर से छापेमारी के दौरान गिरफ्तार हुए 16 लोगों से हुई शुरुआती पूछताछ पता चला है कि इस सेंटर में काम करने वाले कर्मचारी फर्जी कॉलिंग के जरिए अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे। जब किसी विदेशी नागरिक के कंप्यूटर या सॉफ्टवेयर में तकनीकी खराबी आती थी तो वह हेल्पलाइन नंबरों के जरिए संपर्क करता था। यह गिरोह इन कॉल्स को अपने सिस्टम पर रूट कर रिसीव करता था।

बताया जा रहा है कि तकनीकी समस्या दूर करने का भरोसा दिलाकर कॉल सेंटर चला रहे आरोपी कथित तौर पर उनके सिस्टम का रिमोट एक्सेस हासिल कर लेते थे। इसके बाद निजी दस्तावेजों, बैंक डिटेल्स और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी आर्थिक जानकारियां चुराकर साइबर फ्रॉड को अंजाम दिया जाता था।

नेटवर्क के कड़ियों की तलाश

अलीगंज थाने की पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के माध्यम से अब तक करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने के साक्ष्य सामने आए हैं। छापेमारी के दौरान फर्जी कॉल सेंटर से पुलिस को बड़ी संख्या में कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण डिजिटल दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस टीम अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ठगी की रकम किन खातों और माध्यमों से ट्रांसफर की जाती थी।

अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह में विदेश में बैठे कौन-कौन से सहयोगी शामिल हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है और आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े कई अन्य अहम चेहरे बेनकाब होंगे।

लेखक के बारे मेंराहुल पराशरराहुल पराशर नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। वे नवभारत टाइम्स की यूपी-उत्तराखंड टीम में काम करते हैं। प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 22 साल लंबा का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। राहुल पराशर ने अक्टूबर 2021 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने पिछले 4 वर्षों में यूपी विधानसभा चुनाव, यूपी निकाय चुनाव, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव, यूपी में एसआईआर प्रक्रिया जैसे बड़े घटनाक्रम का विस्तृत कवरेज किया है। राजनीति गतिविधियों से लेकर प्रशासनिक हलचल और क्राइम की घटनाओं पर उनका फोकस रहता है।

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पत्रकारिता अनुभव: अखबार और डिजिटल मीडिया में 22 साल से कार्यरत

राहुल पराशर ने साल 2004 में प्रभात खबर, पटना से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में जूनियर रिपोर्टर से लेकर प्रधान संवाददाता के पद पर काम किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा, राजद, जदयू और लोजपा जैसे दलों को कवर किया। उन्होंने शिक्षा विभाग की लंबे समय तक रिपोर्टिंग की। नवभारत टाइम्स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है।

शिक्षा:

राहुल पराशर ने वर्ष 2004 में भारतीय विद्या भवन के पीके इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से जर्नलिज्म का कोर्स किया है। मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर से आने वाले राहुल पराशर ने नेतरहाट, झारखंड से स्कूली शिक्षा ग्रहण की। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से वर्ष 2002 में स्नातक की डिग्री हासिल की है।... और पढ़ें

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