यूपी में कुष्ठ दिव्यांगजनों का बड़ा सहारा बनी योगी सरकार, पहली तिमाही में 13734 लाभार्थियों को मिली पेंशन - up yogi govt aids 13k leprosy disabled with pension scheme
यूपी में कुष्ठ दिव्यांगजनों का बड़ा सहारा बनी योगी सरकार, पहली तिमाही में 13734 लाभार्थियों को मिली पेंशन उत्तर प्रदेश सरकार की कुष्ठावस्था पेंशन योजना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 13,734 कुष्ठ दिव्यांगजनों…

सौजन्य से:- jagran.com
यूपी में कुष्ठ दिव्यांगजनों का बड़ा सहारा बनी योगी सरकार, पहली तिमाही में 13734 लाभार्थियों को मिली पेंशन
उत्तर प्रदेश सरकार की कुष्ठावस्था पेंशन योजना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 13,734 कुष्ठ दिव्यांगजनों को ₹3,000 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता ...और पढ़ें
HighLights
- 13,734 कुष्ठ दिव्यांगजनों को पहली तिमाही में मिला लाभ।
- प्रतिमाह 3,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही।
- योजना कमजोर वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर रही।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के कमजोर, वंचित और उपेक्षित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर संकल्पित भाव से कार्य कर रही है। इसी क्रम में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित 'कुष्ठावस्था पेंशन योजना' कुष्ठ रोग से उपचार के बाद दिव्यांगता से प्रभावित लोगों के लिए आर्थिक संबल का सबसे बड़ा आधार बन चुकी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में राज्य सरकार ने 13 हजार से अधिक पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से पेंशन का लाभ पहुँचाया है।
पहली तिमाही में 12.31 करोड़ खर्च
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने जानकारी देते हुए बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में 13,734 कुष्ठजनित दिव्यांगजनों को पेंशन का लाभ दिया गया है। इस अवधि में प्रदेश सरकार द्वारा कुल 1231.17 लाख रुपये (12.31 करोड़ रुपये) की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में व्यय की गई है। योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को 3,000 रुपये प्रतिमाह की दर से आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।
मुख्यधारा से जोड़ने की अनूठी पहल
कुष्ठावस्था पेंशन योजना का मूल उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों को सीधे वित्तीय सहायता देना है, जिनके परिवार की आय उनके दैनिक भरण-पोषण के लिए पर्याप्त नहीं होती। यह योजना सिर्फ एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि समाज के मुख्यधारा से कटे इस विशेष वर्ग को सम्मानजनक जीवन जीने और समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। कुष्ठ रोग के कारण किसी भी स्तर की दिव्यांगता से ग्रसित व्यक्ति इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
क्या है पात्रता और कैसे उठाएं लाभ?
योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें दिव्यांगता का प्रतिशत पात्रता के मार्ग में कोई बाधक नहीं है। योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। इसके अलावा, संबंधित जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र, परिवार की वार्षिक आय ₹2 लाख से कम होना और किसी अन्य सरकारी पेंशन का लाभ न लेना इसकी प्रमुख शर्तें हैं।
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हर पात्र तक पहुंचेगा लाभ
उपनिदेशक डॉ. अमित कुमार राय के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा स्पष्ट है कि राज्य में कोई भी असहाय या जरूरतमंद सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसी सोच के तहत विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और सुलभ बनी रहे। आवेदन से लेकर धनराशि ट्रांसफर होने तक की प्रणाली को इतना सुदृढ़ किया गया है कि पेंशन सीधे सही और वास्तविक हकदार तक बिना किसी बिचौलिए के पहुँचे।
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