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गोरखपुर: 1303 करोड़ से चमकेगा राप्ती रिवर फ्रंट, 3.5 किमी में दिखेगा अद्भुत नजारा

गोरखपुर: 1303 करोड़ से चमकेगा राप्ती रिवर फ्रंट, 3.5 किमी में दिखेगा अद्भुत नजारा विधानसभा 2027 चुनाव से पहले हो सकता है राप्ती रिवर फ्रंट का शिलान्यास By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published : August 6, 2026 at 8:12…

ETV Bharat के अनुसार6 अगस्त 2026 को 05:18 pm बजे
गोरखपुर: 1303 करोड़ से चमकेगा राप्ती रिवर फ्रंट, 3.5 किमी में दिखेगा अद्भुत नजारा

सौजन्य से:- ETV Bharat

गोरखपुर: 1303 करोड़ से चमकेगा राप्ती रिवर फ्रंट, 3.5 किमी में दिखेगा अद्भुत नजारा

विधानसभा 2027 चुनाव से पहले हो सकता है राप्ती रिवर फ्रंट का शिलान्यास

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 6, 2026 at 8:12 PM IST

गोरखपुर: शहर में राप्ती नदी के तट को गोमती और साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. वर्तमान में नदी तट के करीब 300 मीटर के दायरे में दोनों छोरों पर रामघाट और राजघाट का निर्माण हुआ है, जहां विभिन्न आयोजनों के साथ-साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी पूरी की जाती है. अब राजघाट से डोमिनगढ़ तक 3.5 किलोमीटर लंबाई में इसे गोमती और साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने के लिए करीब 1303 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

गोरखपुर विकास प्राधिकरण की ओर से इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली गई है. राप्ती नदी के तट से हर्बर्ट बांध पर बने फोरलेन सड़क की ओर 150 मीटर चौड़ाई में यह विकास कार्य 3 चरणों में पूरा किया जाएगा. उसके बाद सड़क तक बने हिस्से को ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित करने की योजना है. गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया है कि यहां अर्बन हॉट, योग सेंटर, कन्वेंशन सेंटर भी बनाया जाएगा. जगह-जगह बोटिंग के लिए भी जगह दी जाएगी, इसके लिए प्लेटफार्म बनाए जाएंगे. पर्यटन और सुरक्षा की दृष्टि से यहां कई सुविधाएं विकसित करने की तैयारी है, जो गोरखपुर के इस स्थल को विशेष पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगा.

उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राप्ती नदी के किनारे रिवर फ्रंट विकसित करने का निर्देश दिया था. उसके बाद इसके लिए DPR बनाने की जिम्मेदारी GDA को दी गई. प्राधिकरण की ओर से रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल के जरिए वाराणसी की एक फर्म का चयन किया गया. इसी फर्म ने नमो घाट भी विकसित किया है. ग्राउंड सर्वे के बाद फर्म ने इसकी DPR तैयार कर ली है और इसे GDA में सबमिट भी कर दिया गया है.

उन्होंने बताया कि जब राप्ती रिवर फ्रंट विकसित करने की योजना बनाई गई थी, उसी समय यह तय हो गया था कि इसका DPR, GDA बनाएगा. इस योजना को विकसित करने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की होगी. जिसने पहले भी यहां दो घाट बना रखा है. नदी के किनारे रख-रखाव की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की होती है, इसीलिए इस विभाग को इसमें शामिल किया गया. अब GDA, सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करेगा और इस बात को लेकर मंथन किया जाएगा कि जब नदी में बाढ़ आए तो इस सुंदरीकरण कार्य को कैसे बचाएं और जब नदी में पानी कम हो तो कौन सी योजना पर काम करें. इसी के लिहाज से विकास कार्य किया जाएगा.

जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया है कि निर्माण की लागत और प्रोजेक्ट रिपोर्ट को बहुत जल्द शासन में भेजा जाएगा. उम्मीद है कि इसकी स्वीकृति के साथ हम कार्य को तेजी के साथ और जल्दी शुरू कर पाएंगे. फंड सरकार ही देगी क्योंकि यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तैयार की गई रिपोर्ट है. विधानसभा 2027 चुनाव से पहले इसके शिलान्यास की उम्मीद है.

पर्यावरणविद् और ग्रीन हाइड्रोजन मिशन भारत के एकेडमिक काउंसिल के सदस्य प्रोफेसर गोविंद पांडे इसके पर्यावरणीय प्रभाव पर कहते हैं कि नदी मानव जीवन की जीवन रेखा मानी जाती है. रिवर फ्रंट के विकास में या ध्यान देना होगा कि इसका हरित क्षेत्र प्रभावित न हो और यदि किया भी जाता है तो उसके साथ-साथ पेड़-पौधे उचित संख्या में यहां लगाए जाएं. यहां जब बड़ी संख्या में लोग घूमने आएंगे तो उन्हें छाया और हवा की भी आवश्यकता होगी. जलीय जीव, मछलियां भी अपना आहार-विहार कर सकें. इसका भी ध्यान रखा जाए तो इसका स्वरूप और बेहतर निखरकर आएगा.

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