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फर्जी पुलिस बनकर कारोबारी का अपहरण करके 13 लाख की फिरौती वसूली, Lucknow Police ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया

लखनऊ की कृष्णानगर पुलिस ने फर्जी पुलिस बनकर कारोबारी का अपहरण करने और 13 लाख की फिरौती वसूलने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। हेमेन्द्र त्रिपाठी, लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपराधियों…

navbharattimes.indiatimes.com के अनुसार20 सितंबर 2026 को 12:04 pm बजे
फर्जी पुलिस बनकर कारोबारी का अपहरण करके 13 लाख की फिरौती वसूली, Lucknow Police ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया

सौजन्य से:- navbharattimes.indiatimes.com

लखनऊ की कृष्णानगर पुलिस ने फर्जी पुलिस बनकर कारोबारी का अपहरण करने और 13 लाख की फिरौती वसूलने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है।

हेमेन्द्र त्रिपाठी, लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपराधियों के बढ़ते हौसलों पर लगाम लगाने के लिए शहर की पुलिस टीम पूरी तरह से एक्टिव मोड पर आ गई है। लगातार सामने आ रहीं बड़ी आपराधिक घटनाओं के खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी के बीच रविवार को लखनऊ के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में हुए कारोबारी के अपहरण के मामले में DCP साउथ ने खुलासा करते हुए खुद को पुलिस अफसर बताकर कारोबारी का अपहरण करने वाले 6 लोगों को गिरफ्तार किया।

बताया जाता है कि पुलिस अफसर बने इन अपहरणकर्ताओं ने कारोबारी की पत्नी से 13 लाख की फिरौती मिलने के बाद कारोबारी को छोड़ दिया था। पकड़े गए आरोपियों में 4 उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर और 2 बिहार के रहने वाले हैं।

9 घंटे बंधक बनाकर आगरा-कन्नौज तक घुमाया

रविवार को डीसीपी साउथ मोहम्मद मुश्ताक ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बीते 12 सितंबर 2026 को आलमबाग के साकेत अपार्टमेंट के रहने वाले सुदर्शन घोष जब अपने ऑफिस जा रहे थे, तभी कृष्णानगर क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और पुलिस का फर्जी ID कार्ड दिखाकर पूछताछ के बहाने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठा लिया।

इसके बाद बदमाशों ने सुदर्शन को डराया-धमकाया और मारपीट करते हुए उनकी कनपटी पर तमंचा सटा दिया। इतना ही नहीं, शातिर बदमाश उन्हें करीब 9 घंटे तक गाड़ी में बंधक बनाकर लखनऊ से आगरा और कन्नौज के रास्तों पर घुमाते रहे। लगातार जान से मारने की धमकी देकर फिरौती की मांग करते रहे।

पत्नी को कॉल कराकर मांगी फिरौती

मिली जानकारी के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने सुदर्शन घोष से जबरन उनकी पत्नी को फोन करवाया और उन्हें छोड़ने के एवज में भारी रकम मांगी। डर के मारे पीड़ित की पत्नी ने फिरौती की व्यवस्था की और पीड़ित के ड्राइवर के माध्यम से बदमाशों को करीब 13 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवरात सौंपे।

फिरौती की रकम और जेवरात मिलते ही आरोपियों ने रात करीब साढ़े 10 से 11 बजे के बीच पीड़ित को शहीद पथ के पास सड़क किनारे छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। बदमाशों के चंगुल से छूटने के बाद पीड़ित ने रात में ही कृष्णानगर थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई, जिस पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करते हुए बदमाशों की तलाश तेज की।

पीड़ित के बेहद करीबी ने की थी मुखबिरी

डीसीपी साउथ ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए 8 टीमों का गठन किया गया था। पुलिस टीमों ने लगभग 220 से 240 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और सर्विलांस की मदद से कड़ियां जोड़ीं। पूछताछ में पता चला कि यह एक संगठित अंतर्राज्यीय सिंडिकेट है, जो पैसे वाले लोगों की रेकी करके अपहरण जैसी वारदातों को अंजाम देता है।

जांच में सामने आया है कि इस घटना में पीड़ित के ही एक बेहद करीबी परिचित ने गिरोह को मुखबिरी दी थी कि सुदर्शन के पास काफी पैसा है, जिसके बाद सोची समझी साजिश के तहत इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया। पूछताछ में सामने आया कि फिरौती के रुपयों को आपस में बांटकर ये ऐशो-आराम में उड़ा चुके थे और किसी अन्य घटना को अंजाम देने दोबारा लखनऊ पहुंचे थे, तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

इनको पुलिस ने गिरफ्तार किया

पुलिस गिरफ्त में आए अभियुक्तों की पहचान बुलंदशहर के रहने वाले अनुराग, लवी कुमार, दीपांशु कुमार, आकाश चौधरी के रूप में हुई है। इसके साथ ही अन्य 2 आरोपियों की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले अनुराग कुमार और मनीष कुमार के रूप में हुई है। बताया जाता है कि आरोपी आकाश और अनुराग पर पूर्व में भी संगीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से पुलिस अधिकारी के 4 फर्जी आईकार्ड, 2.50 लाख नकद, दो अवैध तमंचे, तीन कारतूस, फर्जी नंबर प्लेट और वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की है।

पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम मिला

डीसीपी साउथ ने बताया कि गिरोह के मास्टरमाइंड और मुखबिरी करने वाले करीबी की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को डीसीपी साउथ की ओर से 25 हजार के नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है।

लेखक के बारे मेंविवेक मिश्राविवेक कुमार मिश्रा (Vivek Kumar Mishra) नवभारत टाइम्स ऑनलाइन (NBT.Com) में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीतिक-सियासी हलचल पर नजर रखते हैं। यूपी राजनीतिक विश्लेषण, उत्तर प्रदेश में हो रही घटनाओं पर नजर रखते हैं। उत्तर प्रदेश में अपराध, प्रशासन, डेवलपमेंट, यूपी सरकारी योजनाओं पर फोकस रखते हैं। उत्तराखंड की राजनीति हलचल, विश्लेषण, अपराध और घटनाक्रम पर भी विवेक कुमार मिश्रा फोकस रखते हैं।

अनुभव

यूपी के लखनऊ, मुरादाबाद, आगरा और नोएडा में हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक जागरण जैसे प्रिंट मीडिया में काम कर चुके हैं। दिसंबर 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के साथ जुड़े हैं। पत्रकारिता में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। इसमें डेस्क और फील्ड दोनों में काम किया है।

शिक्षा

राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय से स्नातक किया है। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) में परास्नातक किया हुआ है। विवेक कुमार मिश्रा मूल रूप से यूपी के बाराबंकी जिले के रहने वाले हैं।... और पढ़ें

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