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योगी बोले- कोटेदार का नाम सुनते ही चिढ़ होती थी: कमीशन 125 रुपए प्रति कुंतल किया, बोले- 25 रुपए और बढ़ाएंगे - Uttar Pradesh News

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Dainik Bhaskar के अनुसार17 अगस्त 2026 को 07:55 am बजे
योगी बोले- कोटेदार का नाम सुनते ही चिढ़ होती थी:  कमीशन 125 रुपए प्रति कुंतल किया, बोले- 25 रुपए और बढ़ाएंगे - Uttar Pradesh News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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योगी बोले- कोटेदार का नाम सुनते ही चिढ़ होती थी:कमीशन 125 रुपए प्रति कुंतल किया, बोले- 25 रुपए और बढ़ाएंगे

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योगी सरकार ने प्रदेश के राशन कोटेदारों के कमीशन में 35 रुपए प्रति कुंतल की बढ़ोतरी कर दी है। अब कोटेदारों को 125 रुपए प्रति कुंतल की दर से कमीशन मिलेगा। पहले इन्हें 90 रुपए प्रति कुंतल कमीशन मिलता था। सरकार के इस ऐलान से प्रदेश भर के 78 हजार से ज्यादा राशन कोटेदारों को फायदा होगा।

लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में योगी ने कोटेदारों को संबोधित करते हुए कहा- 2017 से पहले लोग आपको शक की निगाह से देखते थे। आपका सम्मान नहीं होता था। कोटेदार शब्द से ही लोगों को चिढ़ थी। इसमें गलती आपकी नहीं थी। पाप कोई और करता था और भुग्तभोगी आप बनते थे। उनके भ्रष्ट आचरण की आंच से आप खुद को बचा नहीं पाते थे।

उन्होंने कहा- आपकी दुकानों को अन्नपूर्णा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। 500 करोड़ रुपए की व्यवस्था की जा रही है। दुकान भी बनेगी और गोदाम भी बनेगा। पहले आप राशन ही बेच सकते थे। अब 39 प्रकार के आइटम बेच सकते हैं। आपका कमीशन 25 रुपए और बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को लिखा है। यानी, अगर मंजूरी मिली तो आपको प्रति कुंतल 150 रुपए मिलेंगे।

योगी ने कहा-

यूपी के लोग, नौजवान, व्यापारी, बेटियां या कोई भी नागरिक जब प्रदेश से बाहर जाता था, तो देश शक की निगाहों से देखता था, सम्मान नहीं करता था। अब सब बदल गया है। दावे से कह सकता हूं कि जो लोग पहले यूपी से दूरी बनाते थे, आज दुनिया के किसी भी कोने में जाएंगे, तो 10 कदम आगे आकर लोग गले मिलना चाहेंगे।

कोटेदारों के लिए ई-पॉस (e-POS) की नई फीडबैक व्यवस्था भी शुरू की है। इससे दुकानदार राशन की आपूर्ति और वितरण से जुड़ी अपनी राय सीधे डिजिटल तरीके से सरकार तक पहुंचा सकेंगे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय और राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा भी मौजूद रहे।

योगी की बड़ी बातें-

1. लूट सरकारें करती थीं, गाली आपको मिलती थी सीएम ने कहा- अगर शासन राशन नहीं भेजता तो भी गाली आप खाते थे। लूट उनकी होती थी, खामियाजा आपको भुगतना पड़ता था। पहले बेसिक शिक्षा परिषद का हाल देखा होगा। आज कह रहे हैं कि स्कूलों का वीडियो बनाएंगे। हमने ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से स्कूलों की अच्छी फ्लोरिंग कराई है। पेयजल, स्मार्ट क्लास और फर्नीचर देने का काम किया है। 1.60 करोड़ बच्चों को बैग, बुक्स, यूनिफार्म, जूते-मोजे, स्वेटर दे रहे हैं। 2017 से पहले क्या था? न भवन थे, न शिक्षक थे, शिक्षक थे तो छात्र नहीं थे।

2. कोटेदारों का नाम अन्नपूर्णा केंद्र संचालक होगा काम ऐसा होना चाहिए, जिसमें सम्मान मिले। ऐसा काम नहीं करना चाहिए, जिससे आप पर उंंगली उठे। 2017 से पहले भूख से मौत होती थी। गरीब का राशन कार्ड कोई न काेई सपाई अपने घर में रख लेता था। आज ऐसी स्थिति नहीं है। आज 15 करोड़ लोग फ्री में राशन की सुविधा प्राप्त कर रहे हैं। कोटेदारों का नाम अब अन्नपूर्णा केंद्र संचालक होगा।

3. पहले 12 हजार 750 रुपए मिलते थे, अब 16250 मिलेंगे सीएम ने कहा- जब कोरोना था तब भी आप राशन वितरित कर रहे थे। दाल, नमक और तेल की स्कीम को लागू किया था, एक भी जगह से शिकायत नहीं आई थी। हर व्यक्ति तक पहुंच थी। पहले खराब लोग यहां बैठे थे, काम नहीं होने देते थे, नियत खराब थी। अब हर एक विक्रेता के यहां आवंटन 100 कुंतल के आसपास हो जाता है। अब तक प्रति माह की आय 12 हजार 750 के आसपास होती थी। अब जो 100 कुंतल वितरित कर देगा, उसे इसी से 16250 रुपए मिलेंगे। इसके अलावा आप अपनी जो दुकान चलाएंगे उसका मुनाफा अलग से होगा। यानी 30% मार्जिन मनी की बढ़ोतरी का काम सरकार ने किया है।

6. मुनाफा विदेश जाएगा तो पैसा आतंकवाद में इस्तेमाल होता है 2017 से पहले किसानों से लिए जाने वाले खाद्यान्न में व्यापक हेराफेरी होती थी। MSP का लाभ किसानों को नहीं मिलता था। हमने सीधे किसान से खरीदा, लाभ किसान को दिया। पैसा डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में दे रहे हैं। उन्होंने कहा- जब हमारा मुनाफा विदेशों में जाता है, तब हमारा पैसा आतंकवाद में इस्तेमाल होता है।

केशव बोले- जो हाथ नहीं उठाएगा, समझ जाएंगे कि समाजवादी पार्टी का है

- उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- 2017 से यूपी में हमारी सरकार चल रही है। जब हम सरकार में आए तो पीएम ने कहा कि जिन्होंने वोट दिया, उनकी भी सेवा करनी है, जिन्होंने वोट नहीं दिया, उनकी भी सेवा करनी है। यानी सबका साथ, सबका विकास करना है।

- चुनाव आयोग चुनाव का एलान कब करेगा? शायद 2027 की शुरुआत में करे। मैं नहीं जानता हूं। विरोधियों के पास कोई मुद्दा नहीं है। क्या राम मंदिर के निर्माण में समाजवादी पार्टी का कोई योगदान था? राम मंदिर में चढ़ावे की कुछ कर्मचारियों ने चोरी कर ली, वो पकड़े भी गए। वो इसे मुद्दा बनाने में लगे हुए हैं।

- 2017 से पहले प्रदेश में अखिलेश यादव सरकार में कौन था? उस वक्त आपका पीडीए कहां चला गया था? अखिलेश के चाचा कह रहे हैं कि आजम खान को गृह मंत्री बना देंगे। आप सब के सहयोग से 2027 में हम प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएंगे।

- यूपी में बहुत सुधार हुआ है। हर व्यक्ति, हर परिवार ने परिवर्तन देखा है। मुझे नहीं लग रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले ग्राम सभाओं का चुनाव होने वाला है। सब हाथ उठाकर बताओ कि 2027 में कमल खिलाओगे या नहीं। जो हाथ नहीं उठाएगा, हम समझ जाएंगे कि समाजवादी पार्टी का है।

ब्रजेश पाठक बोले- धर्म-जाति के नाम पर वोट मत डालना

- उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा- पहले राशन तीन महीने में एक बार आता था, एक को मिलता था, दो का गायब हो जाता था। पहले दुकान से पानी टपकता था, अब 10 हजार पक्के मकान बन गए। जितने कोटेदार हैं उन्हें पक्की दुकान बनकर मिल रही है। आपकी ताकत बहुत है। गांव में अगर 1000 वोट हैं तो 500 वोट आपके साथ हैं डायरेक्ट। आप उनकी मदद करते हैं। गांव में बोलेरो या तो आपके पास है या ग्राम प्रधान के पास। अगर नहीं है, तो ले लो, फाइनेंस हम करा देंगे।

- उन्होंने कहा- तुमको हमारा काम भी करना पड़ेगा। अब राशन ही नहीं और सामान भी दुकान में बिक सकता है। 35 तरीके का सौदा मिल सकता है। घर का एक आदमी परमानेंट एडजस्ट हो गया कि नहीं। 17 से पहले और अब की तुलना कर लेना। गुंडागर्दी थी। अब कोई गुंडा माफिया है? नहीं है।

- डिप्टी सीएम ने कहा- पहले मेहमान आते थे तो पूछते थे कि बिजली दिन की है या रात की। सड़क बिजली, पानी, स्कूल का बस्ता किताब मिली। कोटेदार का सम्मान हुआ तो प्रधान का कार्यालय भी डीएम की तरह बना। पहले वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया, अब वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कालेज बन रहा है। हम कह के जा रहे हैं कि कोई धर्म, जाति और पड़ोस के नाम पर वोट मत डालना, काम के आधार पर वोट देना।

मंत्री बोले- पहले 20% राशन बंटता था, 80% बाजार में चला जाता था

- मंत्री मनोज पांडेय ने कहा- पहले यूपी में 20 प्रतिशत राशन बंटता था। 80 प्रतिशत बाजार में चला जाता था। पहले खाद्यान्न 23 लाख मीट्रिक टन बांटा जाता था। अब 90 लाख मीट्रिक टन वितरित किया जा रहा है। हम रामराज की कल्पना करते थे, क्या ये रामराज्य की कल्पना नहीं है।

- उन्होंने कहा- पहले किसानों को एमएसपी नहीं मिलता था। फिर पीएम मोदी ने किसानों की सुध ली। किसानों को उचित मूल्य मुहैया कराया। मुख्यमंत्री ने फैसला किया कि विकलांग, नेत्रहीन और मजबूर लोगों को राशन लेने कोटेदार के दुकान पर नहीं जाना पड़ेगा। अब उन्हें घर बैठे राशन मिलता है।

- मंत्री ने कहा- पहले बुंदेलखंड से भुखमरी से मौत की खबरें आती थीं। क्या ये सच नहीं है कि यूपी में ये कहावत चरितार्थ थी कि आंधर बांटे रेवणी, आपन आपन चीन्ह चीन्ह। लेकिन, पिछले 9 साल में बहुत कुछ बदल गया है।

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