कौन हैं यूपी की रेखा वर्मा? 12 साल पहले जितिन प्रसाद को हराया, अब नितिन नवीन टीम में शामिल
Rekha Verma Kaun Hai: भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया गया है। इसमें भाजपा की सीनियर नेता रेखा वर्मा को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। हाइलाइट्स नितिन नवी…

सौजन्य से:- Navbharat Times
Rekha Verma Kaun Hai: भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया गया है। इसमें भाजपा की सीनियर नेता रेखा वर्मा को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
हाइलाइट्स
नितिन नवीन की ओर से घोषित की गई है राष्ट्रीय टीम
यूपी से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष में रेखा वर्मा महिला चेहरा
रेखा वर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की दोबारा जिम्मेदारी
Who is Rekha Verma : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी बड़े स्तर पर प्रयास करती दिख रही है। सत्ता में हैट्रिक जमाने के लिए पार्टी की ओर से तमाम समीकरणों को साधा जा रहा है। इस क्रम में भारतीय जनता पार्टी ने जब राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नियुक्ति की है, उसमें उत्तर प्रदेश को बड़ा स्थान मिला है। पार्टी ने रेखा वर्मा को उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर तैनात किया है। इसको लेकर चर्चा का बाजार गरमा गया है। वे उत्तराखंड की सह प्रभारी की भी भूमिका में रही हैं।
रेखा वर्मा संगठन के स्तर पर पहले भी काम कर चुकी हैं। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओर से वर्ष 2020 में घोषित राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की टीम में रेखा वर्मा को उपाध्यक्ष बनाया गया था। एक बार फिर नितिन नवीन ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले 13 सदस्यीय उपाध्यक्षों की घोषणा की, तो उसमें रेखा वर्मा का नाम शामिल है।
कौन हैं रेखा वर्मा?
रेखा वर्मा भारतीय जनता पार्टी की सीनियर नेता हैं उनका जन्म 20 मई 1973 को कानपुर में हुआ था। उनके पति का नाम अरुण कुमार वर्मा है। रेखा वर्मा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रखा और धरहरा सीट से जीत दर्ज करने में कामयाबी हासिल की। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को हराकर लोकसभा में कदम रखा था।
बाद में जितिन प्रसाद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। लोकसभा चुनाव 2024 में जितिन प्रसाद ने पीलीभीत से भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया गया। रेखा वर्मा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भी रेखा वर्मा ने जीत दर्ज की। इस जीत ने भाजपा में रेखा वर्मा का कद ऊंचा किया।
मोहम्मदी इलाके के मकसूदपुर गांव की रहने वाली रेखा अरुण वर्मा ने दिल्ली की सियासत से जुड़ने के बाद भी गांव की जमीन से नाता नहीं छोड़ा। यही वजह है कि पार्टी के भीतर वे काफी मजबूत चेहरे के तौर पर जानी जाती हैं। धरहरा लोकसभा सीट पर भले ही वह हैट्रिक जमाने में कामयाब नहीं रही हों, लेकिन पार्टी ने उन्हें बड़ा पद देकर चुनाव 2027 से पहले बड़ा दांव खेल दिया है।
पार्टी का महिला चेहरा
रेखा वर्मा पार्टी के दमदार महिला चेहरे के तौर पर जानी-पहचानी जाती हैं। भाजपा ने पिछले दिनों लगातार महिला वोट बैंक को लेकर राजनीति को तेज किया है। इस क्रम में अब रेखा वर्मा और स्मृति ईरानी सरीखे यूपी के नेताओं को आगे बढ़ाकर पार्टी ने इस वर्ग को संगठन में भी उचित प्रतिनिधित्व दिए जाने का संदेश साफ कर दिया है।
रेखा वर्मा के जरिए भाजपा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक यानी पीडीए पॉलिटिक्स को मात देने की तैयारी में है। रेखा वर्मा ओबीसी समुदाय से आती हैं। ऐसे में पिछड़ा वर्ग को संगठन से लेकर सरकार तक में प्रतिनिधित्व का संदेश सीधे तौर पर दिया जा रहा है।
लेखक के बारे मेंराहुल पराशरराहुल पराशर नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। वे नवभारत टाइम्स की यूपी-उत्तराखंड टीम में काम करते हैं। प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 22 साल लंबा का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। राहुल पराशर ने अक्टूबर 2021 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने पिछले 4 वर्षों में यूपी विधानसभा चुनाव, यूपी निकाय चुनाव, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव, यूपी में एसआईआर प्रक्रिया जैसे बड़े घटनाक्रम का विस्तृत कवरेज किया है। राजनीति गतिविधियों से लेकर प्रशासनिक हलचल और क्राइम की घटनाओं पर उनका फोकस रहता है।
विशेषज्ञता- राजनीतिक खबरों का विश्लेषण, क्राइम की घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट, प्रशासनिक हलचल को लेकर इनसाइड स्टोरी, सरकार के फैसलों का आम लोगों पर असर का विश्लेषण।
पत्रकारिता अनुभव: अखबार और डिजिटल मीडिया में 22 साल से कार्यरत
राहुल पराशर ने साल 2004 में प्रभात खबर, पटना से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में जूनियर रिपोर्टर से लेकर प्रधान संवाददाता के पद पर काम किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा, राजद, जदयू और लोजपा जैसे दलों को कवर किया। उन्होंने शिक्षा विभाग की लंबे समय तक रिपोर्टिंग की। नवभारत टाइम्स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है।
शिक्षा:
राहुल पराशर ने वर्ष 2004 में भारतीय विद्या भवन के पीके इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से जर्नलिज्म का कोर्स किया है। मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर से आने वाले राहुल पराशर ने नेतरहाट, झारखंड से स्कूली शिक्षा ग्रहण की। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से वर्ष 2002 में स्नातक की डिग्री हासिल की है।... और पढ़ें
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