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'12 घंटे में मस्जिद गिराए जाने की क्या जरूरत थी', अखिलेश यादव ने सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर उठाए सवाल

सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने पर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि क्या जरूरत थी कि 12 घंटे में मस्जिद को गिरा दिया जाए। लखनऊ: सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने पर राजनीति शुरू हो गई है। विपक्ष लगातार…

navbharattimes.indiatimes.com के अनुसार7 सितंबर 2026 को 12:31 pm बजे
'12 घंटे में मस्जिद गिराए जाने की क्या जरूरत थी', अखिलेश यादव ने सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर उठाए सवाल

सौजन्य से:- navbharattimes.indiatimes.com

सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने पर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि क्या जरूरत थी कि 12 घंटे में मस्जिद को गिरा दिया जाए।

लखनऊ: सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने पर राजनीति शुरू हो गई है। विपक्ष लगातार भाजपा सरकार पर हमला बोल रहा है। सोमवार को अखिलेश यादव ने कहा कि जो आज कानून नहीं मान रहे, वह कल मानेंगे। उन्होंने कहा कि 12 घंटे में मस्जिद गिराने की क्या जरुरत थी? न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट का रास्ता था।

अखिलेश यादव ने कहा कि जब न्याय मिल सकता था तो क्या जरूरत थी कि 12 घंटे में मस्जिद को गिरा दिया जाए। न्याय के लिए जब हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट है। ये सोची समझी साजिश है। यह अपने अधिकारियों के माध्यम से पूरे प्रदेश को कम्युनल रास्ते पर ले जाना चाहते हैं। भाषण में तो पहले से ही कम्युनल थे, अब अपने ऐक्शन में भी कम्युनल हो गए हैं।

सहारनपुर मस्जिद मामले के बीच पोस्टर से सियासी बवाल

वहीं, सहारनपुर और लखनऊ में 2013 के मुजफ्फर नगर दंगों का जिक्र करने वाले विवादित पोस्टर लगाए गए। इससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। खासकर ऐसे समय में जब सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर एक पुरानी मस्जिद को गिराए जाने को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है। इन पोस्टरों में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र था। पोस्टरों पर लिखा था, "न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे - 7 दिसंबर, मुजफ्फरनगर।" पोस्टर दिखने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और उन्हें उन जगहों से हटा दिया।

अब उन लोगों की पहचान करने और उन्हें खोजने के लिए तलाशी शुरू कर दी गई है जिन्होंने ये पोस्टर लगाए थे। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है और जांच के हिस्से के तौर पर अन्य उपलब्ध सबूतों को भी देख रही है।

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लेखक के बारे मेंविवेक मिश्राविवेक कुमार मिश्रा (Vivek Kumar Mishra) नवभारत टाइम्स ऑनलाइन (NBT.Com) में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीतिक-सियासी हलचल पर नजर रखते हैं। यूपी राजनीतिक विश्लेषण, उत्तर प्रदेश में हो रही घटनाओं पर नजर रखते हैं। उत्तर प्रदेश में अपराध, प्रशासन, डेवलपमेंट, यूपी सरकारी योजनाओं पर फोकस रखते हैं। उत्तराखंड की राजनीति हलचल, विश्लेषण, अपराध और घटनाक्रम पर भी विवेक कुमार मिश्रा फोकस रखते हैं।

अनुभव

यूपी के लखनऊ, मुरादाबाद, आगरा और नोएडा में हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक जागरण जैसे प्रिंट मीडिया में काम कर चुके हैं। दिसंबर 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के साथ जुड़े हैं। पत्रकारिता में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। इसमें डेस्क और फील्ड दोनों में काम किया है।

शिक्षा

राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय से स्नातक किया है। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) में परास्नातक किया हुआ है। विवेक कुमार मिश्रा मूल रूप से यूपी के बाराबंकी जिले के रहने वाले हैं।... और पढ़ें

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