होमक्राइमयूपी-112 के पीआरवी कर्मियों की ड्यूटी अब सिर्फ आठ घंटे: दो की जगह अब तीन शिफ्ट में लगेगी ड्यूटी, पहले 12 घंटे पीआरवी पर रहना होता था - Uttar Pradesh News
क्राइम

यूपी-112 के पीआरवी कर्मियों की ड्यूटी अब सिर्फ आठ घंटे: दो की जगह अब तीन शिफ्ट में लगेगी ड्यूटी, पहले 12 घंटे पीआरवी पर रहना होता था - Uttar Pradesh News

- Hindi News - Local - Uttar pradesh - UP Police PRV Duty Shift Changed | Now 8 Hours Duty Instead Of 12 यूपी-112 के पीआरवी कर्मियों की ड्यूटी अब सिर्फ आठ घंटे:दो की जगह अब तीन शिफ्ट में लगेगी ड्यूटी, पहले 12 घंटे पीआरवी…

bhaskar.com के अनुसार6 सितंबर 2026 को 01:31 pm बजे
यूपी-112 के पीआरवी कर्मियों की ड्यूटी अब सिर्फ आठ घंटे:  दो की जगह अब तीन शिफ्ट में लगेगी ड्यूटी, पहले 12 घंटे पीआरवी पर रहना होता था - Uttar Pradesh News

सौजन्य से:- bhaskar.com

- Hindi News

- Local

- Uttar pradesh

- UP Police PRV Duty Shift Changed | Now 8 Hours Duty Instead Of 12

यूपी-112 के पीआरवी कर्मियों की ड्यूटी अब सिर्फ आठ घंटे:दो की जगह अब तीन शिफ्ट में लगेगी ड्यूटी, पहले 12 घंटे पीआरवी पर रहना होता था

- कॉपी लिंक

उत्तर प्रदेश पुलिस की इमरजेंसी रिस्पांस यूनिट यूपी-112 में चार पहिया पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल (पीआरवी) कर्मियों की ड्यूटी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अब इन कर्मियों की 12 घंटे की दो शिफ्ट की जगह 8-8 घंटे की तीन शिफ्ट लगाई जाएगी। यूपी-112 मुख्यालय की ओर से 5 सितंबर को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए। डीजी यूपी 112 का कहना है कि यह बदलाव पुलिस कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला

यूपी-112 प्रदेश की नागरिक-केंद्रित 24 घंटे आपातकालीन सेवा है। इसके जरिए नागरिकों की आपात सूचना पर संबंधित कमिश्नरेट या जिलों में पीआरवी कम से कम समय में घटनास्थल पहुंचकर कार्रवाई करती है। यूपी 112 मुख्यालय ने बीते जुलाई में नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया था। इस दौरान अधिकारियों ने सुझाव दिया कि अगर चार पहिया पीआरवी कर्मियों की ड्यूटी 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे कर दी जाए तो कर्मियों की कार्यक्षमता और पूरी व्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

क्यों लिया गया निर्णय

डीजी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि किसी भी संस्था की सफलता उसके फील्ड स्टाफ के मनोबल पर निर्भर करती है। कर्मियों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तभी वे बेहतर काम कर पाएंगे। मुख्यालय के मुताबिक कमिश्नरेट और जिलों में पर्याप्त पुलिस जनशक्ति उपलब्ध है। ऐसे में चार पहिया पीआरवी की ड्यूटी को 8-8 घंटे की तीन शिफ्ट में बांटना व्यावहारिक और फायदेमंद माना जा रहा है। डीजी ने बताया कि इससे कर्मियों का थकान कम होगी, रिस्पॉन्स टाइम और बेहतर हो सकेगा, सेवा की गुणवत्ता बढ़ेगी और कर्मियों का मनोबल और कार्यदक्षता सुधरेगी। आदेश में कहा गया है कि कमिश्नर और जिला स्तर पर कर्मियों की उपलब्धता, ऑपरेशनल जरूरत और पुलिसकर्मियों के कल्याण को देखते हुए ये निर्णय लिया जाए।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें