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हर घंटे गंडक में बढ़ रहा है 10 हजार क्यूसेक पानी, UP में बढ़ा खतरा - gandak river swells nepal floodwater enters uttar pradesh

हर घंटे गंडक में बढ़ रहा है 10 हजार क्यूसेक पानी, UP में बढ़ा खतरा नेपाल से आया बाढ़ का पानी 12 घंटे के भीतर उत्तर प्रदेश की सीमा में गंडक नदी में प्रवेश कर ...और पढ़ें HighLights - नेपाल से बाढ़ का पानी गंडक नदी में पहु…

Jagran के अनुसार27 अगस्त 2026 को 08:27 am बजे
हर घंटे गंडक में बढ़ रहा है 10 हजार क्यूसेक पानी, UP में बढ़ा खतरा
 - gandak river swells nepal floodwater enters uttar pradesh

सौजन्य से:- Jagran

हर घंटे गंडक में बढ़ रहा है 10 हजार क्यूसेक पानी, UP में बढ़ा खतरा

नेपाल से आया बाढ़ का पानी 12 घंटे के भीतर उत्तर प्रदेश की सीमा में गंडक नदी में प्रवेश कर ...और पढ़ें

HighLights

- नेपाल से बाढ़ का पानी गंडक नदी में पहुंचा।

- रात 10 बजे तक डेढ़ लाख क्यूसेक पानी दर्ज।

- सिंचाई विभाग के अधिकारी अलर्ट पर, कर रहे कैंप।

दुर्गेश त्रिपाठी, गोरखपुर। नेपाल से बाढ़ का पानी 12 घंटे के भीतर उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर गया। बुधवार रात तकरीबन आठ बजे पानी बैराज के रास्ते उत्तर प्रदेश की सीमा में गंडक नदी से होते हुए बगहा के रास्ते बिहार में जाने लगा। रात 10 बजे तक डेढ़ लाख क्यूसेक पानी गंडक नदी में पहुंच चुका था।

हर घंटे 10 हजार क्यूसेक पानी बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास सिंह नवलपरासी जिले में कैंप कर रहे हैं। अन्य अधिकारी महराजगंज और कुशीनगर जिलों में मौजूद हैं। अभियंताओं का अनुमान है कि गुरुवार सुबह तक नेपाल से आने वाला पानी उत्तर प्रदेश से होते हुए बिहार में चला जाएगा।

नेपाल में बाढ़ आने के बाद गंडक नदी में तेजी से पानी आ रहा है। पानी के वेग को देखते हुए संभावित कटाने से बचने के लिए सिंचाई विभाग के अभियंता जगह-जगह कैंप कर रहे हैं। सैकड़ों श्रमिक भी बांध के किनारे हैं। गंडक नदी का तकरीबन 40 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में है।

गंडक नदी तिब्बत-नेपाल सीमा के पास धौलागिरी पर्वत श्रेणी से निकलकर बिहार के हाजीपुर (पटना के पास) में गंगा नदी में मिलती है। यह उत्तर प्रदेश (महराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया) और बिहार (पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली) के जिलों से होकर बहती है।

पांच लाख क्यूसेक पानी निकला था

सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास सिंह ने कहा कि पिछले साल गंडक नदी से पांच लाख क्यूसेक पानी आसानी से निकाल दिया गया था। लेकिन जो पानी अब आ रहा है, उसका वेग ज्यादा है। यदि दो लाख क्यूसेक तक पानी वेग से आता है तो भी कोई दिक्कत नहीं होगी। इससे ज्यादा पानी होने पर समस्या हो सकती है। हालांकि हम पूरी तरह मुस्तैद हैं और हमारी तैयारी पहले ही मजबूत हो चुकी थी।

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एक क्यूसेक यानी 28.317 लीटर पानी प्रति सेकंड का बहाव

एक क्यूसेक को इस तरह समझें- एक फीट लंबे, एक फीट चौड़े और एक फीट गहरे स्थान (यानी एक घन फीट आयतन) से एक सेकंड में जितना पानी गुजरता है, उसे एक क्यूसेक कहा जाता है। एक सेकेंड में 28.317 लीटर पानी का बहाव होता है।

एक मिनट में लगभग 17 सौ लीटर पानी के बहाव को एक क्यूसेक कहते हैं। यदि किसी बांध या बैराज से एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है, तो इसका अर्थ है कि हर सेकंड 28 लाख 31 हजार 700 लीटर पानी बह रहा है। गंडक में रात 10 बजे तक हर सेकेंड 42 लाख 47 हजार 550 लीटर पानी बैराज से आ रहा था।

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