लखनऊ मेट्रो का विस्तार इस जिले तक करने की तैयारी, 10 नए कॉरिडोर के लिए जमीन की तलाश शुरू
लखनऊ मेट्रो का विस्तार इस जिले तक करने की तैयारी, 10 नए कॉरिडोर के लिए जमीन की तलाश शुरू एक तरफ लखनऊ के आसपास के जिलों को मिलाते हुए एनसीआर की तर्ज पर एससीआर बनाने की तैयारी हो रही है तो दूसरी तरफ राजधानी की मेट्रो को पड…

सौजन्य से:- Hindustan
लखनऊ मेट्रो का विस्तार इस जिले तक करने की तैयारी, 10 नए कॉरिडोर के लिए जमीन की तलाश शुरू
एक तरफ लखनऊ के आसपास के जिलों को मिलाते हुए एनसीआर की तर्ज पर एससीआर बनाने की तैयारी हो रही है तो दूसरी तरफ राजधानी की मेट्रो को पड़ोसी जिलों तक ले जानी की कवायद भी शुरू हो चुकी है।
राजधानी लखनऊ की मेट्रो के विस्तार की तैयारी अब जमीन पर भी दिखने लगी है। प्रस्तावित नए मेट्रो गलियारों के लिए ट्रेनों के संचालन, रखरखाव और खड़े करने को डिपो बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पड़ोसी जिले बाराबंकी से भी मेट्रो को जोड़ने की तैयारी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण करीब 20 हेक्टेयर जमीन तलाश रहा है। जमीन चिह्नांकन के लिए एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार पांच अधिकारियों की कमेटी बना दी है। समिति प्रस्तावित मेट्रो मार्गों के दो किलोमीटर के आसपास जमीन की उपलब्धता और उसकी उपयोगिता का परीक्षण करेगी। 2047 तक राजधानी के लगभग सभी प्रमुख इलाकों को मेट्रो से जोड़ने की तैयारी है। इस पर तेजी से काम शुरू हुआ है।
पीजीआई से बाराबंकी तक बढ़ेगा मेट्रो का दायरा
राजधानी में आने वाले वर्षों में मेट्रो का दायरा काफी बढ़ाने की तैयारी है। बाराबंकी, पीजीआई, सीतापुर रोड, आईआईएम रोड, राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल, एकाना स्टेडियम, सुशांत गोल्फ सिटी और आशियाना समेत दस से अधिक नए क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
एलडीए वीसी ने पांच अधिकारियों की कमेटी बनाई
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथिमेश कुमार ने डिपो के लिए जमीन चिन्हित करने को पांच सदस्यीय समिति बनाई है। वीसी ने अपर सचिव, वित्त नियंत्रक, मुख्य नगर नियोजक और मुख्य अभियंता को सदस्य बनाया गया है, जबकि अधिशासी अभियंता मनोज सागर को समिति का संयोजक बनाया गया है। समिति सरकारी और अन्य उपलब्ध जमीनों का ब्योरा जुटाकर मेट्रो के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करेगी।
दो किलोमीटर के दायरे में तलाशी जा रही है भूमि
डिपो के लिए ऐसी जमीन तलाशी जा रही है जिसे मेट्रो लाइन से आसानी से जोड़ा जा सके। इसलिए प्रस्तावित मेट्रो संरेखण के आसपास एक से दो किलोमीटर के दायरे में जमीन तलाशने की तैयारी है। तीन जगहों पर जमीन देखी गयी है। करीब 20 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी।
डिपो में होगी ट्रेनों को खड़ा करने के साथ पूरी व्यवस्था
मेट्रो डिपो में ट्रेनों को खड़ा करने के साथ उनकी सफाई, नियमित जांच, अनुरक्षण और मरम्मत की व्यवस्था होती है। इसलिए डिपो का स्थान मेट्रो मार्ग के नजदीक होना जरूरी है। एलडीए की समिति जमीन चिह्नित करने के बाद उसकी उपलब्धता और स्वामित्व से संबंधित अभिलेखों की भी जांच करेगी।
इन इलाकों तक पहुंचाने मेट्रो पहुंचाने की तैयारी
1. कल्ली पश्चिम से आईआईएम कॉरिडोर, लंबाई 45 किमी
2. राजाजीपुरम से आईआईएम कॉरिडोर लंबाई 18.42 किमी
3. चारबाग से कल्ली पश्चिम कॉरिडोर लंबाई 13 किमी
4. इंदिरा नगर से सीजी सिटी कॉरिडोर लंबाई 7.7 किमी
5. इंदिरा नगर से अनोरा कला कॉरिडोर लंबाई 9.27 किमी
6.सीसीएस एयरपोर्ट से बंथरा कॉरिडोर लंबाई 11 किमी
7.मुंशीपुलिया से जानकीपुरम कॉरिडोर लंबाई 6.29 किमी
8.सीजी सिटी से एयरपोर्ट कॉरिडोर लंबाई 19.8 किमी
9.कल्ली पश्चिम से मोहनलालगंज कॉरिडोर लंबाई 06 किमी
10.अनौरा कला से बाराबंकी कॉरिडोर-लंबाई लंबाई 14 किमी
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