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यूपी के इस इंस्टीट्यूट को यूनिवर्सिटी बनाने की तैयारी, योगी सरकार ने 10 करोड़ की दी अतिरिक्त राशि

यूपी के इस इंस्टीट्यूट को यूनिवर्सिटी बनाने की तैयारी, योगी सरकार ने 10 करोड़ की दी अतिरिक्त राशि हरदोई स्थित राजा टोडरमल सर्वेक्षण और भूलेख प्रशिक्षण संस्थान को विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने को लेकर योगी सरकार ने…

Hindustan के अनुसार4 अगस्त 2026 को 09:18 pm बजे
यूपी के इस इंस्टीट्यूट को यूनिवर्सिटी बनाने की तैयारी, योगी सरकार ने 10 करोड़ की दी अतिरिक्त राशि

सौजन्य से:- Hindustan

यूपी के इस इंस्टीट्यूट को यूनिवर्सिटी बनाने की तैयारी, योगी सरकार ने 10 करोड़ की दी अतिरिक्त राशि

हरदोई स्थित राजा टोडरमल सर्वेक्षण और भूलेख प्रशिक्षण संस्थान को विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने को लेकर योगी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। योगी सरकार ने 10 करोड़ की अतिरिक्त राशि दी है।

Supplementary Budget: योगी सरकार ने मंगलवार को रखे गए अनुपूरक बजट में हरदोई स्थित राजा टोडरमल सर्वेक्षण और भूलेख प्रशिक्षण संस्थान को विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने इसके लिए 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की जरूरत प्रस्तावित की है। हरदोई स्थित राजा टोडरमल सर्वेक्षण एवं भूलेख प्रशिक्षण संस्थान उत्तर प्रदेश के राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र है।

यहां भूलेख, भूमि सर्वेक्षण और राजस्व कार्यों से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाते हैं। अब अनुपूरक बजट में 10 करोड़ रुपये के प्रस्ताव से संस्थान को विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की योजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे भविष्य में राजस्व एवं भूलेख से जुड़े प्रशिक्षण को और व्यापक, आधुनिक व तकनीक आधारित बनाने का रास्ता खुल सकता है। संस्थान में राजस्व विभाग के कर्मचारियों को उनके काम से संबंधित व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका महत्व ऐसे समझा जा सकता है कि 2017 में यहां आधुनिक तकनीक से खेतों की सीमा और भूमि की पैमाइश के लिए सेटेलाइट व कोऑर्डिनेट आधारित तकनीक के प्रयोग की शुरुआत की गई।

चंकबंदी अधिकारियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था

अनुपूरक बजट में चकबंदी अधिकारियों के प्राविधिक प्रावधानों के लिए अतिरिक्त बजट की आवश्यकता जताई है। इसके तहत करीब 1.46 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की आवश्यकता प्रस्तावित है। इससे चकबंदी अधिकारियों के प्रशिक्षण, जरूरी कामों और विभागीय व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को 1500 करोड़ की बूस्टर डोज

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को राज्य सरकार ने अनुपूरक बजट में 1500 करोड़ रुपये की बूस्टर डोज दी है। स्वास्थ्य क्षेत्र को अनुपुरक में 2000.25 करोड़ रुपये दिए गए हैं। आयुष विभाग को 23.25 करोड़ रुपये दिए गए हैं। अनुपूरक बजट में 108 ईएमटीएस 'स्वास्थ्य सेवा' के संचालन के लिए 200 करोड़ रुपये और 102 एंबुलेंस के संचालन के लिए केंद्र सरकार से मिलने वाली रकम के इतर राज्य सरकार ने अपने खजाने से 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। शहरी चिकित्सालयों में अग्निशमन व्यवस्था के लिए 96 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। प्रदेश में राज्य कैंसर मिशन की स्थापना, एसजीपीजीआई में क्वार्टनरी हेल्थ केयर सेंटर की स्थापना, ऑपरेशन थिएटर सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम और स्मार्ट आईसीयू नेटवर्क विकसित करने की पहल की गई है। इसके साथ ही एकीकृत ट्रामा एवं इमरजेंसी नेटवर्क की स्थापना की जा रही है।

अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए 1,500 करोड़

औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए 1,500 करोड़ रुपये, एफडीआई एवं फार्च्यून-500 कंपनियों के निवेश के लिए प्रोत्साहन नीति-2023 के लिए 1,303 करोड़ रुपये और भारत औद्योगिक विकास योजना के लिए 495.86 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यूपीडा कार्यालय की स्थापना के लिए भूमि क्रय व निर्माण के लिए 119 करोड़ रुपये, उत्तर प्रदेश आईटी सदन की स्थापना के लिए 50.02 करोड़ रुपये और स्टेट डेटा सेंटर 2.0 की स्थापना के लिए 51 करोड़ रुपये का प्रावधान है। एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के पास औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने के लिए अमरोहा, फिरोजाबाद, अमेठी, सुल्तानपुर, बदायूं, इटावा, हमीरपुर नोड, महोबा नोड, जालौन नोड और उन्नाव नोड में आंतरिक अवसंरचना विकास के लिए 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान है। उत्तर प्रदेश ऑक्सीजन उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2021 के लिए 40.92 लाख रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता भी शामिल की है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 745.53 करोड़

अनुपूरक में ग्राम्य विकास विभाग को 17,942.73 करोड़ रुपये देने का प्रावधान है। ग्रामीणों को पक्का घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 745.53 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। गांवों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने और मौजूदा सड़कों के रखरखाव के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत सड़कों के अनुरक्षण के लिए 80 करोड़ रुपये और सड़क निर्माण कार्यों के लिए 591.67 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

लेखक के बारे में

Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट

पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर

यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका

(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर

आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और

डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।

लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल

वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर

हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब

एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो

उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने

करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में

प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी

है।

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