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1 लाख असली के बदले 2.5 लाख के नकली नोट, लखनऊ में 2 भाई गिरफ्तार, दिल्ली से जुड़ा है नेटवर्क - lucknow fake currency racket busted 2 brothers arrested

1 लाख असली के बदले 2.5 लाख के नकली नोट, लखनऊ में 2 भाई गिरफ्तार, दिल्ली से जुड़ा है नेटवर्क पुलिस ने लखनऊ में नकली नोटों का कारोबार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार ...और पढ़ें HighLights -…

jagran.com के अनुसार16 सितंबर 2026 को 12:04 am बजे
1 लाख असली के बदले 2.5 लाख के नकली नोट, लखनऊ में 2 भाई गिरफ्तार, दिल्ली से जुड़ा है नेटवर्क
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सौजन्य से:- jagran.com

1 लाख असली के बदले 2.5 लाख के नकली नोट, लखनऊ में 2 भाई गिरफ्तार, दिल्ली से जुड़ा है नेटवर्क

पुलिस ने लखनऊ में नकली नोटों का कारोबार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार ...और पढ़ें

HighLights

- लखनऊ में नकली नोटों के गिरोह का पर्दाफाश, दो भाई गिरफ्तार।

- एक लाख असली के बदले ढाई लाख नकली नोट देते थे आरोपी।

- गिरोह का मुख्य सरगना हारून दिल्ली से करता था संचालन।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। पुलिस ने नकली नोटों का कारोबार करने वाले गिरोह का राजफाश करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपित एक लाख रुपये की असली रकम के बदले ढाई लाख रुपये के नकली नोट देते थे। पुलिस ने दोनों के पास से 30 हजार रुपये की नकली करेंसी और मोबाइल फोन बरामद किया है। गिरोह का मुख्य सदस्य हारून दिल्ली में बैठकर पूरे नेटवर्क को संचालित करता था।

उसकी तलाश में पुलिस की दो टीमें लगाई गई हैं। इंस्पेक्टर नाका विवेक चौधरी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित उन्नाव के हसनगंज स्थित सराय हसनगंज निवासी मोहम्मद मुस्तकीम और मोहम्मद सुलेमान हैं। दोनों सगे भाई हैं। पुलिस के मुताबिक, उनका चचेरा भाई हारून दिल्ली से नकली नोट भेजता था और ग्राहकों से मिलने की जगह भी वही तय करता था।

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि ग्राहक से मिलने से कुछ समय पहले हारून वाट्सएप पर उन्हें उसकी लोकेशन भेजता था। साथ ही पहचान के लिए ग्राहक की शर्ट का रंग भी बताया जाता था। दोनों बताए गए स्थान पर पहुंचकर शर्ट का रंग देखकर ग्राहक की पहचान करते और उसके हाथ में नकली नोटों की गड्डी थमा देते थे।

ग्राहक से मिली असली रकम में से दोनों अपना कमीशन निकाल लेते थे। बची रकम हारून के बताए क्यूआर कोड पर भेज दी जाती थी। आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वे हर सप्ताह करीब दो डिलीवरी करते थे। पुलिस ने दोनों को दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पास झोपड़पट्टी से गिरफ्तार किया।

हारून के अलावा गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हारून नकली नोट कहां से हासिल करता था और अब तक कितनी रकम बाजार में खपाई जा चुकी है।

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