यूपी चुनाव: 'सपा के साथ जल्द फाइनल हो गठबंधन', कांग्रेस सांसदों की आलाकमान को नसीहत
यूपी चुनाव: 'सपा के साथ जल्द फाइनल हो गठबंधन', कांग्रेस सांसदों की आलाकमान को नसीहत UP Election: उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले कांग्रेस सांसदों ने आलाकमान को सपा के साथ जल्द गठबंधन और सीट शेयरिंग फाइनल करने की सलाह दी है, त…

सौजन्य से:- Hindustan
यूपी चुनाव: 'सपा के साथ जल्द फाइनल हो गठबंधन', कांग्रेस सांसदों की आलाकमान को नसीहत
UP Election: उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले कांग्रेस सांसदों ने आलाकमान को सपा के साथ जल्द गठबंधन और सीट शेयरिंग फाइनल करने की सलाह दी है, ताकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को तैयारी का पूरा वक्त मिल सके।
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस के सांसदों ने पार्टी आलाकमान को एक अहम सुझाव दिया है। सांसदों ने साफ शब्दों में कहा है कि समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन और सीट बंटवारे को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाना चाहिए।
सांसदों ने क्यों की जल्दबाजी की मांग?
कांग्रेस सांसदों का मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और महत्वपूर्ण राज्य में चुनावी मुकाबला बेहद कड़ा होता है। ऐसे में गठबंधन की स्थिति साफ होना बहुत जरूरी है। कांग्रेस सांसदों की इस अपील यूपी में एक बार फिर भाजपा के खिलाफ गठबंधन की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने मंगलवार को यूपी के कांग्रेस सांसदों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने आने वाले विधानसभा चुनावों पर राज्यसभा और लोकसभा सदस्यों की राय जानी। इस बैठक में प्रियंका गांधी वाड्रा भी राहुल के साथ मौजूद थीं।
सांसदों ने एकमत से राय दी कि सपा के साथ गठबंधन होना चाहिए और इसे जल्द से जल्द पक्का कर लेना चाहिए। सदस्यों की इस जल्दबाजी के पीछे यह सोच है कि स्थानीय नेताओं के बयानों और उनके बीच की तनातनी से समर्थकों के बीच आपसी कलह का गलत संदेश जा रहा है।
2024 के लोकसभा चुनावों में सपा और कांग्रेस ने मिलकर यूपी में भाजपा को हराया था। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि सांसदों ने इस बात पर भी जोर दिया कि कांग्रेस लीडरशिप को सपा से "अच्छी सीटें" हासिल करनी चाहिए। सीटों की संख्या के साथ-साथ उन सीटों पर भी उतना ही जोर दिया गया जिन पर जीत की संभावना ज्यादा हो।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले 20 से अधिक प्रमुख नेता कांग्रेस में शामिल
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच विभिन्न राजनीतिक दलों, प्रशासनिक सेवाओं, किसान संगठनों और अन्य क्षेत्रों से जुड़े 20 से अधिक प्रमुख नेताओं ने बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा, उत्तर प्रदेश के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम तथा कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने इन नेताओं को अंगवस्त्र पहनाकर पार्टी की सदस्यता दिलाई।
गौतम ने कांग्रेस में शामिल होने वालों नेताओं का परिचय देते हुए बताया कि जो नेता और प्रमुख लोग कांग्रेस की सदस्यता ले रहे हैं उनमें पूर्व पीसीएस अधिकारी सुनील कुमार वर्मा, बसपा के पूर्व वरिष्ठ नेता डॉ. अनूप अंबेडकर, उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता मयंक यादव और श्रेय यादव, पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी चौधरी खुशीराम, पूर्व आईपीएस अधिकारी वी. पी. अशोक, किसान नेता रोहित जाखड़, केरल के पूर्व पुलिस महानिदेशक सुदेश कुमार, आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता वकार चौधरी तथा समाज विकास क्रांति पार्टी सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े अनेक प्रमुख लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी नेता कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के विचारों और कार्यशैली से प्रभावित होकर कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं।
पूर्व आईपीएस अधिकारी वी. पी. अशोक ने कहा, "राहुल गांधी ने कहा था कि कांग्रेस का घोषणापत्र भागीदारी पर आधारित होगा, जिसमें देश के प्रत्येक नागरिक की हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाएगी। हमें पूरा विश्वास है कि वर्ष 2027 से 2029 के दौरान इस सोच को धरातल पर उतारकर वास्तविकता में बदला जाएगा।" डॉ. अनूप अंबेडकर ने कहा कि गांवों में काम करने के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि देश में अधिनायकवाद का माहौल है और उससे मुकाबला करने के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के साथ खड़ा होना आवश्यक है।
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