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लखनऊ में बाढ़ बेकाबू, पलासियो मॉल के बाद ट्रिपल आईटी में घुसा पानी, कक्षाएं बंद, परीक्षाएं स्थगित

लखनऊ में बाढ़ बेकाबू, पलासियो मॉल के बाद ट्रिपल आईटी में घुसा पानी, कक्षाएं बंद, परीक्षाएं स्थगित राजधानी लखनऊ में गोमती की बाढ़ विकराल रूप धारण करती जा रही है। पलासियो मॉल में पानी घुसने के बाद पानी ट्रिपल आईटी में भी घ…

Hindustan के अनुसार8 अक्टूबर 2026 को 02:04 am बजे
लखनऊ में बाढ़ बेकाबू, पलासियो मॉल के बाद ट्रिपल आईटी में घुसा पानी, कक्षाएं बंद, परीक्षाएं स्थगित

सौजन्य से:- Hindustan

लखनऊ में बाढ़ बेकाबू, पलासियो मॉल के बाद ट्रिपल आईटी में घुसा पानी, कक्षाएं बंद, परीक्षाएं स्थगित

राजधानी लखनऊ में गोमती की बाढ़ विकराल रूप धारण करती जा रही है। पलासियो मॉल में पानी घुसने के बाद पानी ट्रिपल आईटी में भी घुस गया है। इससे कक्षाएं बंद कर दी गई हैं। परीक्षाएं भी स्थगित हो गई हैं।

लखनऊ में बाढ़ बेकाबू हो रही है। गोमती नदी का पानी विकराल रूप धारण करता जा रहा है। कल तक जो पानी इकाना स्टेडियम से दूर था वह बुधवार को उसे पार करते हुए अत्याधुनिक मॉल पलासियो तक पहुंचने के बाद ट्रिपल आईटी तक पहुंच गया। सीजी सिटी क्षेत्र में स्थित ट्रिपल आईटी परिसर में पानी घुसने के बाद संस्थान में शैक्षणिक गतिविधियां अगले आदेश तक बंद कर दी गई हैं। निर्धारित एमटेक परीक्षाएं भी अगले आदेश तक स्थगित रहेंगी। संस्थान के सहायक कुलसचिव विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं को कैंसर अस्पताल व छात्रों को गोल्फ सिटी स्थित के एक हॉस्टल में सुरक्षित ठहराया गया है। विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई है।

उधर, पलासियो मॉल के बेसमेंट में पानी पहुंचने से दुकानदारों की नींद उड़ गई है। पलासियो के निकट स्थित एक निजी अस्पताल और आपदा प्रबंधन का मुख्यालय तक पानी की चपेट में आ गए हैं। पलासियो मॉल के बेसमेंट में पानी पहुंचने के बाद वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया। बेसमेंट में पहले से खड़ी गाड़ियों को भी बाहर निकलवाया गया। मॉल के सामने बने अंडरपास में पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। मॉल के सामने से लेकर सुल्तानपुर रोड तक सड़क के एक हिस्से में पानी भर गया।

कई जगह सड़क पर पानी भरने के साथ इमारतों के बाहर तक पानी पहुंच गया। स्थिति बिगड़ने पर नगर निगम और एलडीए के अधिकारी मौके पर देर शाम तक डटे रहे। टीमें पानी को रोकने और प्रभावित हिस्सों को बचाने के उपाय में जुटी रहीं।

जल निकासी के लिए लगाया गया पंप भी बह गया

एलडीए ने इकाना स्टेडियम के पास गोमती का पानी रोकने के लिए नाले के निकट बोरियां लगाई थीं। पानी निकालने के लिए पंप भी लगाया गया था, लेकिन पानी का दबाव बढ़ने के साथ यह पूरा इंतजाम ध्वस्त हो गया। नगर निगम के इंजीनियरों के मुताबिक पंपिंग स्टेशन भी बह गया। पानी रोकने और निकालने के लिए किए गए इंतजाम पानी के तेज बहाव के सामने टिक नहीं सके। इसके बाद इकाना और आसपास के इलाकों में पानी फैलता चला गया।

दस किलोमीटर का क्षेत्र पानी से घिरा

वहीं, फैजुल्लागंज में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र पानी से घिर चुका है, लेकिन राहत और बचाव की रफ्तार अभी भी सीमित दायरे में ही नजर आ रही है। मामा कॉलोनी और दाउदनगर के कुछ हिस्सों तक प्रशासन की नावें राहत सामग्री पहुंच रही हैं, जबकि दर्जनों मोहल्लों की तंग गलियों में फंसे हजारों लोग अब भी मदद का इंतजार कर रहे हैं।

हजारों लोग अब भी बाढ़ में फंसे

स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब 15 हजार मकान बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें से बड़ी संख्या में परिवार किराए के मकानों या रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं, लेकिन करीब चार से पांच हजार घरों में लोग अब भी रह रहे हैं। अनुमान है कि 20 से 25 हजार लोग अभी भी बाढ़ के बीच अपने घरों में फंसे हुए हैं।

प्रशासन की ओर से पिछले पांच दिनों में 1700 लोगों को राशन किट, 25 हजार पानी की बोतल और करीब 70 हजार खाने के पैकेट बांटने का दावा किया गया है। हालांकि प्रभावित लोगों का कहना है कि गाजीपुर, वैष्णवीपुरम, गणेश विहार, अन्नपूर्णानगर, दुर्गापुरी, लोहरामऊ श्रीराम विहार और अटल विहार कॉलोनी जैसे इलाकों में अब भी राहत का इंतजार कर रहे हैं।

ओवरफ्लो से स्टेडियम के सामने जलभराव

इकाना स्टेडियम के पीछे से गोमती नगर विस्तार के सेक्टर-7 में गोमती का पानी पहुंचने लगा। कुछ स्थानों पर ओवरफ्लो होने से स्टेडियम के सामने जलभराव की स्थिति बन गई। एलडीए के अधिकारियों और अभियंताओं की अतिरिक्त टीम मौके पर पहुंची और करीब ढाई घंटे में पानी के प्रवाह को नियंत्रित किया। नदी के पानी के प्रवेश वाले स्थान पर बोल्डर और मिट्टी डालकर मजबूत अस्थायी अवरोध तैयार किया। इससे नया प्रवाह रुक गया। जलस्तर में छह इंच की कमी दर्ज की गई। सेक्टर-7 की सड़कों पर मिट्टी डालकर अवरोध बनाए गए हैं।

मिट्टी डाल बनाए अवरोध

लोहरामऊ स्थित मौर्या मार्केट में नगर निगम का सहायता केंद्र बनाया गया है। पानी में खड़े लोगों ने राहत सामग्री और नाव उपलब्ध कराने की मांग को लेकर हंगामा किया। स्थानीय निवासी राजाराम मौर्य, आशिया ने आरोप लगाया कि प्रशासन की मदद केवल मामा कॉलोनी और दाउदनगर तक सीमित है। बाकी लोग संघर्ष कर रहे हैं।

गोमती बैराज का गेट बंद किया गया

पानी का दबाव बढ़ने से बाद दोपहर बाद गोमती बैराज का गेट भी बंद कर दिया गया। अधिकारियों की कोशिश थी कि कुछ समय के लिए पानी के बहाव को नियंत्रित किया जा सके, जिससे इकाना स्टेडियम और आसपास के इलाकों में बाढ़ का असर कम किया जा सके। हालांकि नदी में लगातार बढ़ते पानी के कारण इलाके में जलभराव की स्थिति गंभीर बनी रही। अधिकारी भी रात तक इसका हल खोजने में लगे रहे पर कुछ कर न सके।

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