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जालीदार टोपी छिटकने का था डर, इसलिए राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में नहीं गए कांग्रेसी और सपाई : योगी

जालीदार टोपी छिटकने का था डर, इसलिए राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में नहीं गए कांग्रेसी और सपाई : योगी सीएम योगी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि रामद्रोही अयोध्या को बदनाम करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड…

Hindustan के अनुसार27 सितंबर 2026 को 05:04 pm बजे
जालीदार टोपी छिटकने का था डर, इसलिए राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में नहीं गए कांग्रेसी और सपाई : योगी

सौजन्य से:- Hindustan

जालीदार टोपी छिटकने का था डर, इसलिए राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में नहीं गए कांग्रेसी और सपाई : योगी

सीएम योगी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि रामद्रोही अयोध्या को बदनाम करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ते। राममंदिर का विरोध और रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले गाहे-बगाहे अपने को राम भक्त ठहराने का प्रयास कर रहे हैं, यह विश्व हिंदू परिषद की वैचारिक विजय है।

CM Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राम मंदिर के शिलान्यास व रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आमंत्रण के बावजूद कांग्रेसी व सपाई नहीं गए क्योंकि उन्हें वोटबैंक दिखाई देता था। इन्हें भय था कि कहीं जालीदार टोपी छिटक न जाए। मुख्यमंत्री ने चेताया कि रामकाज में कालनेमि भी घुसेंगे, इनसे सावधान रहने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री रविवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल के जन्मशताब्दी वर्ष (1926-2026) के उद्घाटन अवसर पर जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गोमतीनगर विस्तार में एक स्कूल में आयोजित समारोह में अशोक सिंहल के जीवन पर डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंहल ने श्रीराम जन्मभूमि के ‘प्राण’ के रूप में अपना जीवन समर्पित किया था। उन्होंने जो ज्वाला प्रज्ज्वलित की थी, वह रामजन्मभूमि मात्र के लिए नहीं है, बल्कि हर मानबिंदु की प्राण प्रतिष्ठा के लिए है। गुलामी के हर चिह्नों को समाप्त करने के लिए हमें एकजुट होकर कार्य करना है।

बाबर के भक्तों की साजिशों को नाकाम करेंगे बजरंग बली के भक्त

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि रामद्रोही अयोध्या को बदनाम करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ते। राममंदिर का विरोध और रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले गाहे-बगाहे अपने को राम भक्त ठहराने का प्रयास कर रहे हैं, यह विश्व हिंदू परिषद की वैचारिक विजय है। उन्होंने बजरंगियों को चेताया कि रामकाज में कालेनमि भी घुसेंगे, इनसे सावधान रहना। बाबर के भक्त आपको अपमानित करने का प्रयास करेंगे, लेकिन बजरंग बली के भक्तों को इनकी साजिश को सफल नहीं होने देना है।

अयोध्या को अपमानित करने वाले हमसे पूछ रहे प्रश्न

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामजन्मभूमि का मामला जब न्यायालय में पहुंचा तो अशोक सिंहल की टीम में तथ्यों व प्रमाण के साथ अधिवक्ता, पुरातत्वविद, विषय विशेषज्ञ होते थे तो दूसरी तरफ कांग्रेस, सपाइयों व वामपंथियों के अनर्गल प्रलाप व झूठे तथ्य होते थे। वे साजिश करते थे कि राममंदिर के पक्ष में फैसला न आए। कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय में शपथपत्र दिया था कि राम-कृष्ण का कोई वजूद नहीं है। जिन्होंने हिंदू समाज को अपमानित किया, वे लोग हमसे अयोध्या के बारे में प्रश्न पूछ रहे हैं।

सनातन को समर्पित थे सिंहल

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सिंहल जी ने जिस ज्योति को 1980 के दशक में प्रज्ज्वलित किया था, वह ज्वाला बनकर सकल हिंदू समाज के संरक्षण व संवर्धन के लिए अहर्निश लगी हुई है। सिंहल के जीवन को याद करते हुए कहा कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग करने के दौरान वह आरएसएस के संपर्क में आए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अवध क्षेत्र के दर्जनों गांव ऐसे थे, जिन्होंने 500 वर्ष तक चप्पल व साफा नहीं पहना। उस समय ताकत विभाजित थी, हम एकजुट होकर लड़ नहीं पा रहे थे। हिंदू समाज के पास उस समय भी शक्ति व सामर्थ्य था, सभी लोग लड़कर उसे वापस ले सकते थे, लेकिन उन्हें एक मंच पर लाने का अभाव था। अशोक सिंहल ने इस नेतृत्व की कमी को पूरा किया। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में बिखरे हुए समाज को एकजुट किया।

यूपी में 16 लाख गायों का संरक्षण कर रही सरकार

गोरक्षा पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यूपी में अवैध बूचड़खानों में गोमाता कटती थी। 2017 में ये बूचड़खाने बंद हो गए। उप्र में सर्वाधिक सख्त कानून बनाया गया और 7700 से अधिक गोशाला का निर्माण कराया गया। हम यहां 16 लाख गायों का संरक्षण कर रहे हैं। हर गाय के संरक्षण के लिए हर महीने 1500 रुपये देते हैं। जो लोग अवैध बूचड़खाने संचालित कर रहे थे, गोमाता की तस्करी करा रहे थे। उनसे प्रश्न पूछिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नकलची गाय को पशु घोषित करने का ज्ञापन देते हैं। जो गो को पशु कह रहे हैं, उनकी बुद्धि पशुवत है।

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