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यूपी कैबिनेट: 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा, 24 प्रस्ताव मंजूर; पढ़ें बड़े फैसले

यूपी कैबिनेट: 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा, 24 प्रस्ताव मंजूर; पढ़ें बड़े फैसले उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी। अहम फैसले के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसो…

Amar Ujala के अनुसार25 अगस्त 2026 को 12:56 pm बजे
यूपी कैबिनेट: 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा, 24 प्रस्ताव मंजूर; पढ़ें बड़े फैसले

सौजन्य से:- Amar Ujala

यूपी कैबिनेट: 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा, 24 प्रस्ताव मंजूर; पढ़ें बड़े फैसले

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी। अहम फैसले के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। वैध पहचान पत्र दिखाकर वरिष्ठ महिलाएं मुफ्त यात्रा कर सकेंगी, जिससे बड़ी संख्या में महिलाओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

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विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना को भी मंजूरी शामिल है। योजना के तहत प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की सभी बसों में आजीवन निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को अपनी उम्र और पहचान प्रमाणित करने के लिए आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दिखाना होगा।

Uttar Pradesh Cabinet, chaired by Chief Minister Yogi Adityanath, approved 24 proposals, including the Lokmata Ahilyabai Matrushakti Yojana. Women aged 60 and above will be eligible for lifelong free travel on all Uttar Pradesh State Road Transport Corporation buses. More than 1… pic.twitter.com/D3WjQRMV7K

— Press Trust of India (@PTI_News) August 25, 2026विज्ञापन

सरकार के अनुसार, इस योजना से प्रदेश की एक करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। कैबिनेट के इस फैसले को वरिष्ठ महिलाओं के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश सरकार का कहना है कि लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना के माध्यम से बुजुर्ग महिलाओं को यात्रा में आर्थिक सहायता मिलेगी और उन्हें प्रदेश में आवागमन के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

योजना के लागू होने के बाद पात्र महिलाएं यूपीएसआरटीसी की बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगी। कैबिनेट बैठक में इसके अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। अन्य फैसलों और प्रस्तावों का विस्तृत ब्योरा भी जल्द जारी किया जाएगा।

7,968 करोड़ रुपये से बनेगा 6-लेन झांसी लिंक एक्सप्रेसवे

उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के विकास प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 7,968.30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। परियोजना का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

106.30 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के चैनेज 170+300 पर जालौन जिले के ग्राम फूलपुरा के निकट से शुरू होगा। यह उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर यानी राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर अंबाबाई, झांसी तक जाएगा। परियोजना को शुरुआत में प्रवेश नियंत्रित 6-लेन एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसे भविष्य में 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।

इसकी डिजाइन स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। एक्सप्रेसवे जालौन जिले के उरई क्षेत्र और झांसी की गरौठा, टहरौली, मोठ व झांसी प्रथम तहसीलों से होकर गुजरेगा। इसके लिए 110 मीटर चौड़ा राइट ऑफ वे अधिग्रहित किया जाएगा।

वित्तीय मूल्यांकन के बाद परियोजना को पीपीपी के बजाय ईपीसी यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन पद्धति से विकसित करने का फैसला किया गया है। निर्माण कार्य दो पैकेजों में कराया जाएगा। झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के बनने से गरौठा के पास विकसित हो रहे डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर नोड और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र को देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सीधी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा झांसी किला, ओरछा के श्रीरामराजा मंदिर, दतिया पीताम्बरा पीठ और सोनागिर जैन तीर्थ जैसे प्रमुख धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच भी आसान और सुरक्षित होगी।

272.25 करोड़ से बनेगा सुलतानपुर औद्योगिक क्लस्टर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निकट सुलतानपुर में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के बुनियादी ढांचा विकास और निर्माण कार्यों के लिए करीब 272.25 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है।

क्लस्टर का विकास उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) कराएगा। यूपीडा प्रदेश के विभिन्न एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर योजना के तहत कुल 29 स्थलों पर ऐसे औद्योगिक क्लस्टर विकसित कर रहा है।

सुलतानपुर में विकसित होने वाले इस क्लस्टर में 2-लेन और 4-लेन की आंतरिक सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाएगा। परियोजना के तहत कुल 11,620 मीटर आंतरिक मार्ग और 2,000 मीटर लंबी एप्रोच रोड का निर्माण प्रस्तावित है।

इसके अलावा अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाओं के तहत आरसीसी नालियां, कल्वर्ट, आधुनिक फायर स्टेशन, ओवरहेड वॉटर टैंक, वाटर सप्लाई नेटवर्क, बाउंड्री फेंसिंग और 132/33/11 केवी का विद्युत उपकेंद्र भी बनाया जाएगा।परियोजना के सभी निर्माण कार्य ईपीसी यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन मोड पर कराए जाएंगे। इसके लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित कर निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना है।

सरकार का मानना है कि इस औद्योगिक क्लस्टर की स्थापना से सुलतानपुर और आसपास के जिलों में बड़े औद्योगिक निवेश का रास्ता खुलेगा। उद्योगों के आने से पूर्वांचल के आर्थिक विकास को गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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