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स्पेशल मैरिज से नहीं बदलती जाति और धर्म, प्रयागराज में बढ़ा चलन, एक साल में 28 जोड़ों ने रचाई शादी - special marriages rise in prayagraj no caste religion change

स्पेशल मैरिज से नहीं बदलती जाति और धर्म, प्रयागराज में बढ़ा चलन, एक साल में 28 जोड़ों ने रचाई शादी प्रयागराज में स्पेशल मैरिज का चलन बढ़ रहा है, जिससे प्रेमी युगल बिना जाति या धर्म बदले विवाह कर पा ...और पढ़ें HighLights…

Jagran के अनुसार9 अक्टूबर 2026 को 05:04 am बजे
स्पेशल मैरिज से नहीं बदलती जाति और धर्म, प्रयागराज में बढ़ा चलन, एक साल में 28 जोड़ों ने रचाई शादी - special marriages rise in prayagraj no caste religion change

सौजन्य से:- Jagran

स्पेशल मैरिज से नहीं बदलती जाति और धर्म, प्रयागराज में बढ़ा चलन, एक साल में 28 जोड़ों ने रचाई शादी

प्रयागराज में स्पेशल मैरिज का चलन बढ़ रहा है, जिससे प्रेमी युगल बिना जाति या धर्म बदले विवाह कर पा ...और पढ़ें

HighLights

- प्रयागराज में स्पेशल मैरिज का चलन तेजी से बढ़ रहा है।

- युगल बिना धर्म या जाति बदले विवाह कर रहे हैं।

- इस वर्ष 28 जोड़ों ने विशेष विवाह अधिनियम से शादी की।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर में स्पेशल मैरिज का चलन बढ़ता जा रहा है। जाति-धर्म और पहचान न बदले, इसलिए प्रेमी युगल अब स्पेशल मैरिज करने लगे हैं। गत दिवस भी कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम वित्त एवं राजस्व के कार्यालय में एक जोड़े ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी की। इस वर्ष जनवरी से अब तक कुल आठ 28 जोड़ों ने इस तरह से विवाह किया। वहीं, पिछले वर्ष 2025 में 21, 2024 में 28 तो 2023 में 15 जोड़ों ने स्पेशल मैरिज की थी।

बिना धर्म बदले विवाह करने की अनुमति

स्पेशल मैरिज की प्रक्रिया विशेष विवाह अधिकारी के कार्यालय में पूरी होती है। यह कानून दो अलग-अलग धर्म, जाति या राष्ट्रीयता के व्यक्तियों को बिना अपना धर्म बदले विवाह करने की अनुमति देता है। इसमें विवाह के लिए मैरिज आफिसर को 30 दिन पहले नोटिस देना होता है। फिर 30 दिनों के बाद रजिस्ट्रार कार्यालय में गवाहों के साथ हस्ताक्षर करके शादी पूरी होती है।

इस शादी में युवक और युवती तथा उनके परिजनों की सहमति के लिए पुलिस, प्रशासन व एलआइयू की रिपोर्ट लगती है। यह कानून अंतर-धार्मिक और प्रेम विवाह के लिए एक सुरक्षित और कानूनी विकल्प प्रदान करता है।

वैसे तो ज्यादातर लोग शादी करने के बाद उपनिबंधक कार्यालय में जाकर विवाह पंजीयन कराते हैं, मगर अलग-अलग धर्म में स्पेशल मैरिज ही होती है। इस वर्ष जिन युगल की स्पेशल मैरिज हुई है, उसमें पांच युवक और युवतियां अलग धर्म की हैं।

विशेष विवाह अधिकारी ने कहा...

विशेष विवाह अधिकारी एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि पिछले हफ्ते बीडीएस की छात्रा तथा लखनऊ के आशियाना में रहने वाले दंत चिकित्सक ने विशेष विवाह अधिकारी की मौजूदगी में उनके कार्यालय में स्पेशल मैरिज की प्रक्रिया पूरी की थी। इस वर्ष जिन युगल की स्पेशल मैरिज हुई है, उसमें 23 युवक और युवतियां अलग धर्म की हैं।

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