होम›क्राइम›250 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा; कानपुर में चार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच में जुटी
क्राइम

250 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा; कानपुर में चार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच में जुटी

250 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा; कानपुर में चार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच में जुटी पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस. एम. कासिम आबिदी ने प्रेसवार्ता कर दी जानकारी. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published : September 24, 2026…

ETV Bharat के अनुसार24 सितंबर 2026 को 04:04 pm बजे
250 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा; कानपुर में चार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच में जुटी

सौजन्य से:- ETV Bharat

250 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा; कानपुर में चार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच में जुटी

पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस. एम. कासिम आबिदी ने प्रेसवार्ता कर दी जानकारी.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : September 24, 2026 at 6:20 PM IST

कानपुर : कमिश्नरेट पुलिस और पश्चिम जोन की साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने देशभर में करीब 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. टीम ने गुरुवार को आईआईटी के पिछले गेट के पास से गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं.

पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस. एम. कासिम आबिदी ने बताया कि NCRP पोर्टल की नियमित मॉनिटरिंग के दौरान एक संदिग्ध करंट अकाउंट पुलिस की जांच के दायरे में आया. इस अकेले खाते पर देश के विभिन्न राज्यों से 116 शिकायतें दर्ज थीं और करीब 8 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ था.

उन्होंने बताया कि जब खाते से जुड़े डायरेक्टर्स विपिन कुमार और शिवप्रताप से पूछताछ की गई तो सामने आया कि औरैया निवासी राजशेखर ने उनकी मुलाकात कानपुर देहात के रनिया निवासी हिमांशु गौतम से कराई थी, जिसके बाद इन चारों ने मिलकर यह फर्जी फर्म और बैंक खाता तैयार किया था.

उन्होंने बताया कि जांच में पुलिस को गिरोह द्वारा संचालित ऐसे 5 म्यूल करंट खातों की जानकारी मिली, जिनसे सीधे तौर पर 16.3 करोड़ रुपये की अवैध धनराशि का ट्रांजेक्शन किया गया था. डीसीपी पश्चिम के अनुसार, इन पांचों खातों के आधार पर NCRP पोर्टल पर देश के अलग-अलग हिस्सों से कुल 322 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं, जिनकी सामूहिक ठगी की राशि लगभग 250 करोड़ रुपये है.

डीसीपी ने बताया कि आरोपी फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर फर्जी फर्में बनाते थे. इसके बाद बैंक की स्थानीय शाखाओं में म्यूल करंट खाते खुलवाते थे. खाते चालू होने के बाद आरोपी अलग-अलग होटलों में ठहरकर एपीके फाइलों के माध्यम से ऑनलाइन गेमिंग और साइबर अपराध का पैसा इन खातों में मंगाते थे.

उन्होंने बताया कि इतने भारी-भरकम संदिग्ध लेन-देन के बावजूद बैंकों द्वारा कोई कार्रवाई न करने और पुलिस को सूचित न करने के चलते मामले में संबंधित बैंक कर्मियों की भूमिका को भी संदिग्ध माना गया है, जिसकी गहराई से तफ्तीश की जा रही है.

उन्होंने बताया कि मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विपिन कुमार (28), शिवप्रताप (25), राजशेखर उर्फ अजीत (28) और हिमांशु गौतम (21) के रूप में हुई है. थाना रावतपुर पर दर्ज मुकदमे के आधार पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें