वाराणसी में सीजन की सबसे तेज बारिश: 24 घंटे में 123.9 MM बारिश से शहर बेहाल, गांधी नगर में छात्रों की मुश्किलें बढ़ीं - Varanasi News
- Hindi News - Local - Uttar pradesh - Varanasi - Varanasi Heavy Rain Alert | Saket Nagar Students Struggle Waterlogging वाराणसी में सीजन की सबसे तेज बारिश:24 घंटे में 123.9 MM बारिश से शहर बेहाल, गांधी नगर में छात्रों क…

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Varanasi
- Varanasi Heavy Rain Alert | Saket Nagar Students Struggle Waterlogging
वाराणसी में सीजन की सबसे तेज बारिश:24 घंटे में 123.9 MM बारिश से शहर बेहाल, गांधी नगर में छात्रों की मुश्किलें बढ़ीं
- कॉपी लिंक
वाराणसी में सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक मूसलाधार बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में 123.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह इस मानसून सीजन में अब तक की सबसे अधिक बारिश बताई जा रही है। लगातार हुई तेज बारिश के बाद शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कें जलमग्न हो गईं। लोगों को घरों से निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के कारण वाराणसी के साकेत नगर, गांधी नगर सहित अन्य इलाके में सबसे ज्यादा जलभराव देखने को मिला। यह क्षेत्र छात्रों की बड़ी आबादी के लिए जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में छात्र किराए के कमरों और हॉस्टलों में रहते हैं। सड़कों पर पानी भरने के कारण छात्रों को कॉलेज, कोचिंग और जरूरी कामों के लिए आने-जाने में काफी परेशानी हुई। कई जगह लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
24 घंटे में 123.9 MM बारिश
मौसम के आंकड़ों के अनुसार, वाराणसी में पिछले 24 घंटे के दौरान 123.9 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। इसे इस मानसून सीजन की अब तक की सबसे ज्यादा बारिश माना जा रहा है। तेज बारिश का असर शहर के कई हिस्सों में दिखाई दिया। सड़क किनारे और निचले इलाकों में पानी जमा होने के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ।
हालांकि, पूरे मानसून सीजन की तस्वीर कुछ अलग है। 1 जून से 25 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार वाराणसी में अब तक औसत से करीब 3 प्रतिशत कम बारिश हुई है। यानी मंगलवार की भारी बारिश ने बारिश की कमी को काफी हद तक कम किया है, लेकिन सीजन की कुल बारिश अभी भी सामान्य से थोड़ी कम बनी हुई है।
साकेत नगर में सड़कें बनीं तालाब
बारिश का सबसे ज्यादा असर साकेत नगर इलाके में दिखाई दिया। यहां सड़क पर इतना पानी जमा हो गया कि कई स्थानों पर सड़क और जलभराव वाले हिस्से में अंतर करना मुश्किल हो गया। छात्र और स्थानीय लोग पानी के बीच से होकर निकलने को मजबूर दिखे।
इलाके में रहने वाले छात्रों का कहना है कि बारिश के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी आने-जाने में होती है। पानी जमा होने के कारण पैदल निकलना मुश्किल हो जाता है और दोपहिया वाहन लेकर निकलने पर भी खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम की टीम जलभराव के बाद कार्रवाई करने में तेजी दिखाती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अभी नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि बारिश होते ही शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो जाता है।
अगले 24 घंटे बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि वाराणसी में अगले 24 घंटे तक बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में शहर के उन इलाकों में जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है, जहां पहले से पानी जमा है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बारिश के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषकर निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
साकेत नगर के लोगों ने नगर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम की ओर से जलभराव के बाद पानी निकालने की कार्रवाई की जाती है, लेकिन शहर की मूल व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
एक स्थानीय निवासी ने कहा, “नगर निगम कार्रवाई करने में काफी तेज है, लेकिन शहर की व्यवस्था बिल्कुल गड़बड़ हो गई है। सीजन में पहली बार इतनी तेज बारिश हुई और आप देखिए, पूरा बनारस डूब गया है।”
लोगों का कहना है कि शहर में कई जगह नालियां और जलनिकासी मार्ग बारिश के दौरान पर्याप्त साबित नहीं हो रहे हैं। तेज बारिश होने पर कुछ ही समय में सड़कों पर पानी जमा हो जाता है। इससे स्थानीय निवासियों के साथ दुकानदारों, छात्रों और राहगीरों को परेशानी होती है।
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के दसों प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित, भाजपा के आठ और सपा के दो सदस्य पहुंचेंगे उच्च सदन - rajya sabha election result up ten candidates declared winner unopposed eight from bjp and two from samajwadi party

Uttar Pradesh says medical colleges rise to 85 under healthcare expansion | Mint

आयुष छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता 15 हजार, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को साड़ी; योगी कैबिनेट के फैसले


