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यूपी: 10 राज्यसभा और 11 विधान परिषद की सीटों के लिए होगा चुनाव, प्रदेश में लागू हुई आदर्श आचार संहिता

यूपी: 10 राज्यसभा और 11 विधान परिषद की सीटों के लिए होगा चुनाव, प्रदेश में लागू हुई आदर्श आचार संहिता Rajya Sabha elections in UP: चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों और विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव क…

Amar Ujala के अनुसार24 सितंबर 2026 को 05:04 pm बजे
यूपी: 10 राज्यसभा और 11 विधान परिषद की सीटों के लिए होगा चुनाव, प्रदेश में लागू हुई आदर्श आचार संहिता

सौजन्य से:- Amar Ujala

यूपी: 10 राज्यसभा और 11 विधान परिषद की सीटों के लिए होगा चुनाव, प्रदेश में लागू हुई आदर्श आचार संहिता

Rajya Sabha elections in UP: चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों और विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है

विस्तार

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों और विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। राज्यसभा और विधान परिषद की इन सीटों का कार्यकाल क्रमश: 16 अक्तूबर और 23 अक्तूबर को समाप्त हो रहा है। इसलिए आयोग इन तिथियों से पहले ही चुनाव प्रक्रिया पूरा कराएगा। विधान परिषद की खंड व शिक्षक स्नातक सीटों पर चुनाव के चलते कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव के अलावा प्रदेश के सभी जिलों में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सदस्यों के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। जारी कार्यक्रम के अनुसार, राज्यसभा सीटों पर निर्वाचन के लिए 29 सितंबर को अधिसूचना जारी की जाएगी। 6 अक्तूबर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि होगी। 7 अक्तूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 9 अक्तूबर तक अभ्यर्थी अपने नाम वापस ले सकेंगे।

16 अक्तूबर को मतदान होगा। मतदान का समय प्रातः 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। मतगणना उसी दिन शाम 5:00 बजे से प्रारंभ होगी। इस चुनाव में विधानसभा के सदस्य मतदाता होंगे। निर्वाचन प्रक्रिया को 19 अक्तूबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

राज्यसभा के इन सदस्यों का कार्यकाल हो रहा खत्म

उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए 25 नवंबर को जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, उसमें अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरज शेखर, बृजलाल, प्रो. राम गोपाल यादव, रामजी, बीएल वर्मा, सीमा, हरदीप सिंह पुरी और डॉ. दिनेश शर्मा (उपराज्यपाल बनने के कारण11 सितंबर से ही रिक्त) शामिल हैं। इनमें प्रो. राम गोपाल यादव सपा और रामजी बसपा के सदस्य हैं। शेष सभी भाजपा के हैं।

विधान परिषद की 5 स्नातक और 6 शिक्षक सीटों के लिए होगा चुनाव

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के खंड स्नातक के 5 एवं खंड शिक्षक के 6 सीटों पर चुने गए सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। जारी कार्यक्रम के अनुसार, इन सीटों पर 29 सितंबर को निर्वाचन की अधिसूचना जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्तूबर, नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्तूबर और नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 अक्तूबर निर्धारित की गई है। नवदीप रिणवा ने बताया कि 23 अक्तूबर को प्रातः 8 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक मतदान होगा। 27 अक्तूबर को मतगणना की जाएगी। निर्वाचन प्रक्रिया को 31 अक्तूबर से पहले पूर्ण करा लिया जाएगा।

11 निर्वाचन क्षेत्रों व कार्यकाल समाप्त होने वाले सदस्यों का ब्योरा

लखनऊ खंड स्नातक से इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, वाराणसी खंड स्नातक से आशुतोष सिन्हा, आगरा खंड स्नातक से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ‘गुरु जी’, मेरठ खंड स्नातक से दिनेश कुमार गोयल, इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक से डॉ. मान सिंह यादव व लखनऊ खंड शिक्षक से उमेश द्विवेदी, वाराणसी खंड शिक्षक से लाल बिहारी यादव, आगरा खंड शिक्षक से डॉ. आकाश अग्रवाल (वित्तविहीन), मेरठ खंड शिक्षक से श्रीचंद शर्मा, बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक से हरी सिंह ढिल्लो, गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक से ध्रुव कुमार त्रिपाठी हैं।

तीन जिलों को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में आदर्श आचार संहिता लागू

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 को लेकर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में (कानपुर नगर, कानपुर देहात तथा उन्नाव को छोड़कर) आदर्श आचार संहिता के प्रावधान लागू कर दिए गए हैं। आदर्श आचार संहिता भारत निर्वाचन आयोग के 26 दिसंबर, 2016 को जारी प्रावधानों के अनुसार प्रभावी रहेगी।

शिक्षक-स्नातक मतदाताओं पर नजर

राज्यसभा के तुरंत बाद विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव राजनीतिक तापमान बढ़ाए रखेगा। इसमें शिक्षक और स्नातक मतदाताओं की अलग मतदाता सूची, प्रत्याशियों का व्यक्तिगत संपर्क, शिक्षक संगठनों की सक्रियता और स्थानीय मुद्दे परिणाम पर असर डालते हैं। फिर भी इन सीटों पर प्रदर्शन से दलों को अपने संगठन की जमीनी सक्रियता का आकलन करने का मौका मिलेगा।

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