कौन हैं वैष्णवी? कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि पर दिए गए बयान से यूपी राजनीति में बढ़ी सियासी हलचल
6 अगस्त को कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि मनाई गई। यूपी के मऊ जिले में अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम हुए। कल्पनाथ राय की बेटी वैष्णवी की ओर से दिए एक बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। हाइलाइट्स मऊ जिले में कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि…

सौजन्य से:- Navbharat Times
6 अगस्त को कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि मनाई गई। यूपी के मऊ जिले में अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम हुए। कल्पनाथ राय की बेटी वैष्णवी की ओर से दिए एक बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।
हाइलाइट्स
मऊ जिले में कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि मनाई गई
जनपद में जगह-जगह हुए श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम
मऊ की धरती पर फिर कल्पनाथ राय की सोच जगी
वेद नारायण मिश्रा, मऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के विकास पुरुष कहे जाने वाले स्वर्गीय कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि 6 अगस्त को श्रद्धा और राजनीतिक संदेशों के बीच मनाई गई। जिला अस्पताल परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर उनकी पत्नी सुधा राय, पुत्री वैष्णवी राय और कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैष्णवी राय के बयानों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया।
'आज केवल पुण्यतिथि नहीं, क्रांति का स्मरण है'
माल्यार्पण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए वैष्णवी राय ने कहा कि आज का दिन केवल पुण्यतिथि नहीं, बल्कि "क्रांति का स्मरण" है। उन्होंने कहा कि मऊ में जो विकास हुआ, वह किसी सामान्य परियोजना का परिणाम नहीं था, बल्कि एक क्रांतिकारी सोच का प्रतीक था।
'मऊ का विकास मॉडल दुनिया तक पहुंचा'
वैष्णवी राय ने दावा किया कि मऊ के विकास मॉडल की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक हुई। उन्होंने कहा कि अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रतिनिधि प्रमिला जयपाल ने अपनी पुस्तक में मऊ के विकास का उल्लेख करते हुए इसे एक आदर्श मॉडल बताया है। उनके अनुसार, उनके पिता का विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज में व्यापक परिवर्तन लाने वाला आंदोलन था।
'हम राजनीतिक नहीं, क्रांतिकारी विकास करते हैं'
उन्होंने कहा, "पापा का विकास कोई प्रोजेक्ट नहीं था, वह क्रांतिकारी विकास था। आज भी जो लोग यहां आए हैं, वे उसी क्रांतिकारी सोच से जुड़े हुए हैं। हमारी रगों में, हमारी सोच में वही क्रांति है। हम राजनीतिक विकास नहीं करते, हम क्रांतिकारी विकास करते हैं।"
'छह महीने पहले ही सार्वजनिक जीवन में आई हूं'
पत्रकारों ने जब वैष्णवी राय से सवाल किया कि यदि उनके पिता के विचार इतने प्रभावशाली थे, तो उन्हें आगे बढ़ाने के लिए वह अब तक सक्रिय क्यों नहीं हुईं, तो उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से वह पारिवारिक, सामाजिक और विवाह संबंधी दायित्वों में व्यस्त थीं।
'मैं एक आम नागरिक हूं, समय आने पर सब दिखेगा'
उन्होंने कहा, "मैं पिछले छह महीने से ही सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हुई हूं। मैं एक आम नागरिक हूं। समय आने पर सब कुछ दिखाई देगा। मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और जनता व मीडिया का रिश्ता बेहद महत्वपूर्ण है।"
2027 विधानसभा चुनाव को लेकर तेज हुई अटकलें
वैष्णवी राय के बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए अब राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे गति पकड़ रही हैं। हालांकि, वैष्णवी राय ने चुनाव लड़ने या किसी राजनीतिक भूमिका को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की, लेकिन उनके तेवर और "क्रांति" पर लगातार दिया गया जोर भविष्य की राजनीति को लेकर कई संकेत छोड़ गया।
कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी, विकास कार्यों को किया याद
कार्यक्रम में कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने स्वर्गीय कल्पनाथ राय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विकास कार्यों को याद किया। वहीं, वैष्णवी राय के भाषण ने कार्यक्रम को केवल श्रद्धांजलि समारोह तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि इसे राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना दिया।
'क्रांति' के संदेश ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
कार्यक्रम का सबसे प्रमुख संदेश वैष्णवी राय का "क्रांति" पर लगातार दिया गया जोर रहा। उन्होंने बार-बार दोहराया कि उनके पिता का विकास मॉडल राजनीतिक नहीं, बल्कि क्रांतिकारी था। यही वजह रही कि श्रद्धांजलि समारोह के बाद जिले की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया।
लेखक के बारे मेंविवेक मिश्राविवेक कुमार मिश्रा (Vivek Kumar Mishra) नवभारत टाइम्स ऑनलाइन (NBT.Com) में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीतिक-सियासी हलचल पर नजर रखते हैं। यूपी राजनीतिक विश्लेषण, उत्तर प्रदेश में हो रही घटनाओं पर नजर रखते हैं। उत्तर प्रदेश में अपराध, प्रशासन, डेवलपमेंट, यूपी सरकारी योजनाओं पर फोकस रखते हैं। उत्तराखंड की राजनीति हलचल, विश्लेषण, अपराध और घटनाक्रम पर भी विवेक कुमार मिश्रा फोकस रखते हैं।
अनुभव
यूपी के लखनऊ, मुरादाबाद, आगरा और नोएडा में हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक जागरण जैसे प्रिंट मीडिया में काम कर चुके हैं। दिसंबर 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के साथ जुड़े हैं। पत्रकारिता में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। इसमें डेस्क और फील्ड दोनों में काम किया है।
शिक्षा
राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय से स्नातक किया है। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) में परास्नातक किया हुआ है। विवेक कुमार मिश्रा मूल रूप से यूपी के बाराबंकी जिले के रहने वाले हैं।... और पढ़ें
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