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बस्ती में सपा का विशाल PDA मार्च; अखिलेश बोले- उत्तर प्रदेश भाजपा के होश उड़ चुके हैं

बस्ती में सपा का विशाल PDA मार्च; अखिलेश बोले- उत्तर प्रदेश भाजपा के होश उड़ चुके हैं बस्ती के शक्ति प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Pu…

ETV Bharat के अनुसार8 अक्टूबर 2026 को 05:04 am बजे
बस्ती में सपा का विशाल PDA मार्च; अखिलेश बोले- उत्तर प्रदेश भाजपा के होश उड़ चुके हैं

सौजन्य से:- ETV Bharat

बस्ती में सपा का विशाल PDA मार्च; अखिलेश बोले- उत्तर प्रदेश भाजपा के होश उड़ चुके हैं

बस्ती के शक्ति प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : October 8, 2026 at 9:52 AM IST

|Updated : October 8, 2026 at 9:57 AM IST

बस्ती/चित्रकूट: समाजवादी पार्टी की जिला इकाइयों द्वारा पीडीए मार्च निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगा गया. बस्ती जिले में आयोजित सपा के पीडीए मार्च ने राज्य का सियासी पारा चढ़ा दिया है. वहीं चित्रकूट में भी समाजवादी पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया.

बस्ती में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से महात्मा गांधी की प्रतिमा तक निकाली विशाल विशाल पदयात्रा निकाली गई. सपा नेताओं ने कहा कि यह जनसैलाब लोकतंत्र, संविधान और आम नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरा है. नेताओं का आरोप है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है और आम जनमानस के वोट के अधिकार पर चोट पहुंचाई जा रही है.

समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मांग की है कि चुनाव प्रक्रिया में धांधली और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कानूनी और देशद्रोह जैसी कार्रवाई की जानी चाहिए. स्थानीय नेताओं ने स्पष्ट किया कि बाबा साहेब द्वारा गरीब और कमजोर वर्ग को दिया गया मताधिकार ही लोकतंत्र की आत्मा है. यदि इसमें कोई सेंधमारी करने का प्रयास करेगा तो इस जन आंदोलन को और भी तीव्र किया जाएगा.

सपा विधायक महेंद्र यादव ने कहा कि 2027 का चुनाव किसी दल विशेष की लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र को खत्म करने वालों और लोकतंत्र को बचाने वालों के बीच का सीधा मुकाबला होगा.

वहीं, बस्ती के शक्ति प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बस्ती में आयोजित इस अभूतपूर्व पीडीए मार्च को देखकर पूरी उत्तर प्रदेश भाजपा के होश उड़ गए हैं.

पीडीए का ऐलान, पीडीए है सावधान!!! बस्ती में आयोजित किये गये, इस अभूतपूर्व ‘पीडीए मार्च’ को देखकर पूरे उत्तर प्रदेश में भाजपा के होश उड़ गये होंगे। मुख्यमंत्री जी ने अपने ‘5 सेकंड के वीडियो’ में अपने चिरपरिचित धमकी भरे अंदाज़ में ख़ुद स्वीकार कर लिया है कि उनके राज में ‘पीडीए समाज’ का उत्पीड़न रुकनेवाला नहीं है बल्कि बढ़नेवाला है। वो ऐसे कह रहे हैं जैसे कि वो ‘पीडीए समाज’ से कोई बदला लेनेवाले हैं और ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ व ‘पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक-आधी आबादी-आदिवासी’ के ख़िलाफ़ उनका व्यक्तिगत व्यवहार व भाजपा सरकार का अत्याचार, अन्याय और अधिक बढ़नेवाला है। अब ‘पीडीए समाज’ जाग गया है और वर्चस्ववादियों की इन गीदड़ भभकियों से डरनेवाला नहीं है। जैसे 2024 के लोकसभा चुनाव में ‘पीडीए समाज’ ने इन अहंकारी प्रभुत्ववादियों को धूल चटाई थी वैसे ही 2027 के विधानसभा चुनाव में भी होगा। 2027 में ये भाजपाई अपने ‘घमंड का दंड’ पाएंगे और हमेशा के लिए चले जाएंगे और फिर कभी नहीं आएंगे। पीडीए समाज ने ठान लिया है कि इस बार वो अपनी सरकार बनाएंगे। कोई और अब ‘पीडीए समाज’ का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 7, 2026

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के रुख से साफ जाहिर होता है कि उनके शासन में पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक, आदिवासी और आधी आबादी यानी पीडीए समाज के खिलाफ अन्याय और उत्पीड़न रुकने वाला नहीं है. पीडीए समाज पूरी तरह जाग चुका है और सत्तापक्ष की गीदड़ भभकियों से डरने वाला नहीं है.

अखिलेश यादव ने दावा किया कि जिस प्रकार 2024 के लोकसभा चुनाव में पीडीए समाज ने अहंकारी प्रभुत्ववादियों को शिकस्त दी थी, ठीक उसी प्रकार 2027 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा अपने घमंड का दंड पाएगी और हमेशा के लिए सत्ता से बाहर हो जाएगी.

चित्रकूट में विरोध-प्रदर्शन: चित्रकूट में समाजवादी पार्टी ने भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़कों पर उतर प्रदर्शन किया और इस्तीफे की मांग की.

जिला समाजवादी पार्टी कार्यालय से हजारों की संख्या में पार्टी पदाधिकारी कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए मुख्यालय के धनुष चौराहा पटेल चौराहा होते हुए तहसील पहुंचे. वहां सरकार और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ धरना प्रदर्शन व नारेबाजी की.

नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर रही है. देश भर में करोड़ों की संख्या में वोट काटे गए हैं. जिसका परिणाम है कि बिहार व पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने मतदाताओं के नाम काटकर उन्हें वोट से वंचित किया है. इसमें सरकार और चुनाव आयोग साजिश कर रहे हैं.

धरना प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर में जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह यादव, सदर विधायक अनिल प्रधान, पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल पूर्व, जिलाध्यक्ष भैया लाल यादव, अनुज यादव गौरी शंकर मिश्रा सत्यनारायण पटेल सियाराम गुप्ता, जागेश्वर यादव व अमर सिंह पटेल ने संबोधित किया. सरकार व चुनाव आयोग के खिलाफ सड़कों पर आवाज बुलंद की.

इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित 5 सूत्रीय मांगों ज्ञापन उप जिलाधिकारी अजय यादव को सौंपा. इसके बाद मुख्यालय के पटेल चौराहे पर सफाईयों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका. वहां मौजूद पुलिस कर्मियों व शहर कोतवाल से सपाईयों की धक्का-मुक्की व झड़प भी देखने को मिली.

शहर कोतवाल अभयराज सिंह ने बताया कि पुतला फूंकने वाले नरेंद्र यादव, सूरज सिंह पटेल, मानसिंग सहित 15 नामजद और 1 दर्जन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा.

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