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असेंबली से एआई तक पहुंच रहा उत्तर प्रदेश, तकनीक का निर्माता बन रहा: योगी

असेंबली से एआई तक पहुंच रहा उत्तर प्रदेश, तकनीक का निर्माता बन रहा: योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि उत्तर प्रदेश अब मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स से आगे बढ़कर माइक्रोचिप, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में…

Hindustan के अनुसार6 अक्टूबर 2026 को 09:04 am बजे
असेंबली से एआई तक पहुंच रहा उत्तर प्रदेश, तकनीक का निर्माता बन रहा: योगी

सौजन्य से:- Hindustan

असेंबली से एआई तक पहुंच रहा उत्तर प्रदेश, तकनीक का निर्माता बन रहा: योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि उत्तर प्रदेश अब मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स से आगे बढ़कर माइक्रोचिप, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने रिकॉर्ड संख्या में स्टार्टअप्स और यूनिकॉर्न्स के साथ प्रदेश के डिजिटल विकास की संभावनाओं को उजागर किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन से आगे बढ़कर माइक्रोचिप, डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्टार्टअप के क्षेत्र में अपनी जगह बना रहा है। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर प्रदेश की 2017 के बाद की प्रगति का उल्लेख करते हुए इसे ‘असेंबली से एआई’ तक की यात्रा बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन को डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़ा है। उनके मुताबिक, प्रदेश अब भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए आधार तैयार कर रहा है।

मोबाइल से माइक्रोचिप तक

योगी ने बताया कि साढ़े नौ वर्षों के भीतर देश में बनने वाले करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि जेवर में Rs 3,706 करोड़ की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही है, जबकि 644 मेगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर के प्रस्ताव भी आ चुके हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप और आठ यूनिकॉर्न हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन बढ़ने के साथ डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ी और अब प्रदेश डेटा सेंटर से एआई सिटी की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

योगी ने अपने पोस्ट में 2017 से पहले की स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने प्रदेश की क्षमता का इस्तेमाल नहीं किया और इसे ‘बीमारू’ बनाए रखा। उन्होंने कहा कि उस समय परिवारवाद को विकास, सैफई महोत्सव को सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण को औद्योगिकीकरण के मॉडल के रूप में देखा गया।

युवाओं को तकनीक से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपनी प्राथमिकताएं बदली हैं और परिवार के विकास की जगह प्रदेश के विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक के संरक्षण तथा तुष्टीकरण की जगह तकनीक को प्राथमिकता दी है। उन्होंने यह भी कहा कि जब प्रदेश की चिंता परिवार से अधिक और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण तैयार नहीं हो सकता।

उन्होंने बताया कि एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम को उन्होंने युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाने से जोड़ा।

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कभी तकनीक का बाजार था, लेकिन अब उसका निर्माता बन रहा है। उन्होंने बताया कि लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में वह शामिल होंगे, जहां HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी किया जाएगा।

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